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सितंबर आखिर तक आ सकती है ZyCov-D, बच्चों को भी लगेगी ये वैक्सीन

जायडल कैडिला की ज़ायकोव-डी (ZyCoV-D) दुनिया की पहली प्लाज्मिड डीएनए आधारित Coronavirus Vaccine है. यह एक मात्र वैक्सीन है, जिसे भारत ने 12 से 17 साल की उम्र के बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए मंजूरी दी है.

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 01 Sep 2021, 11:44:10 AM
ZYCov D

इसी महीने बाजार में आ सकती है ZyCov-D (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • 12 से 17 साल के बच्चों को लगाई जा सकेगी वैक्सीन 
  • दुनिया की पहली प्लाज्मिड डीएनए आधारित कोरोना वैक्सीन
  • 25 डिग्री पर तीन महीने तक रखा जा सकेगा सुरक्षित

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इसी महीने एक और खुशखबरी मिल सकती है. इसी महीने स्वदेश निर्मित कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी वैक्सीन जायकोव-डी (ZyCov-D) बाजार में आ सकती है. जायकोव-डी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से 20 अगस्त को मंजूरी मिल गई है. देश की पहली स्वदेश निर्मित कोरोना वायरस वैक्सीन भारत बायोटेक और आईसीएमआर की कोवॉक्सिन है. बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन की कीमत भी अन्य वैक्सीन के मुकाबले काफी कम होगी. जायडस कैडिला की कोशिश प्रति वर्ष वैक्सीन की 10 से 12 करोड़ डोज तैयार करने की है.

जायडस की एमडी डॉ शर्विल पटेल का कहना है कि इस वैक्सीन की कीमत को लेकर अभी सरकार के साथ बातचीत की जानी है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन की कीमत तकनीक, क्षमता और वाल्युम के आधार पर तय की जाएगी. हालांकि उन्होंने कहा कि कीमत मौजूदा स्थिति को देखकर कहा जा सकता है कि वैक्सीन की कीमत काफी कम होगी. जायकोव-डी की वैक्सीन अभी तीन डोज की वैक्सीन है, जिसे 0, 28 और 56 दिन की अवधि पर दिया जाएगा.

12 से 17 साल के बच्चों को भी लगेगी
जायकोव-डी दुनिया की पहली प्लाज्मिड डीएनए आधारित कोरोना वायरस वैक्सीन है. यह एक मात्र वैक्सीन है, जिसे भारत ने 12 से 17 साल की उम्र के बच्चों के टीकाकरण के लिए मंजूरी दी है. कंपनी अब तक वैक्सीन की करीब 50 लाख डोज बना चुकी है. जल्द ही इनकी सप्लाई भी शुरू हो जाएगी. दावा किया जा रहा है कि सितंबर के अंत तक वैक्सीन बाजार में आ सकती है. खास बात यह है कि इस वैक्सीन को 25 डिग्री पर 3 महीने तक रखा जा सकता है. 

कंपनी कर रही दो डोज का भी परीक्षण
फिलहाल यह वैक्सीन 3 डोज में दी जाएगी. हालांकि कंपनी ने दो डोज की वैक्सीन का भी परीक्षण किया है. इसमें प्रत्येक खुराक 3 मिलिग्राम का डोज दिया गया और इसके नतीजे में इम्युन सिस्टम तीन डोज वाली वैक्सीन के बराबर ही देखा गया. कंपनी का कहना है कि तीन डोज वाली वैक्सीन कोरोना के लक्षण वाले मामलों में 66.6 फीसदी प्रभावी है.

First Published : 01 Sep 2021, 11:29:02 AM

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