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रमज़ान के महीने में पाकिस्तान में खूनी संघर्ष क्यों?, दीपक चौरसिया के साथ देखिये #DeshKiBahas

पाकिस्तान में 'गृहयुद्ध' जैसे हालात हो गए है. भारी हिंसा से पाकिस्तान में हालात बिगड़े जा रहे है. कट्टर इस्लामिक संगठन TLP और इमरान सरकार आमने-सामने है. बताया जा रहा है कि दंगे में 7 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 15 Apr 2021, 09:43:11 PM
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Desh Ki Bahas : रमज़ान के महीने में पाकिस्तान में खूनी संघर्ष क्यों? (Photo Credit: News Nation)

highlights

  • भारी हिंसा से पाकिस्तान में बिगड़े हालात
  • कट्टर इस्लामिक संगठन TLP और इमरान सरकार आमने-सामने
  • दंगे में 7 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

 

नई दिल्ली :

पाकिस्तान में फ्रांस के राजदूत को देश से निकालने की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं, जिसमें दो प्रदर्शनकारियों और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई. पाकिस्तान में 'गृहयुद्ध' जैसे हालात हो गए है. भारी हिंसा से पाकिस्तान में हालात बिगड़े जा रहे है. कट्टर इस्लामिक संगठन TLP और इमरान सरकार आमने-सामने है. बताया जा रहा है कि दंगे में 7 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हैं. दरअसल, TLP के चीफ साद हुसैन रिज़वी की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में हिंसा शुरू हुई है. 12 अप्रैल को खादिम के बेटे साद हुसैन रिज़वी की गिरफ्तारी हुई.

साद हुसैन की गिरफ्तारी के बाद कराची, लाहौर में ज्यादा हिंसा हुआ. 14 अप्रैल को TLP को आतंकी संगठन घोषित कर बैन लगा दिया गया. पाकिस्तान में पुलिस और पाकिस्तानी रेंजर्स पर साद समर्थकों के हमले तेज हो गए है. बता दें कि फ्रांस में विवादित कार्टून के मामले में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पाकिस्तान से फ्रांस के राजदूत को निकालने की मांग कर रहे हैं. सितंबर 2020 से फ्रांस विरोधी प्रदर्शन चल रहे थे.

वहीं, कट्टरपंथियों की धमकियों से इमरान का डर गए हैं. उन्होंने फ्रांस के राजदूत को भेजने का वादा किया. इमरान सरकार ने 20 अप्रैल 2021 तक मोहलत मांगी है, लेकिन सवाल उठता है कि पाक महीना माना जाने वाला रमज़ान के महीने में पाकिस्तान में खूनी संघर्ष क्यों? इसी मुद्दे पर दीपक चौरसिया के साथ देखिये #DeshKiBahas... यहां पढ़ें मुख्य अंश...

पाकिस्तान का काम है कफूर को हटाना : तारेक फतह, पाकिस्तानी-कनाडाई पत्रकार

सांप पालेंगे तो वह काटेंगे, आर्मी के सोल्जर जुलूस में जा रहे हैं : तारेक फतह, पाकिस्तानी-कनाडाई पत्रकार

पाकिस्तान में कौन सी इन्वेस्टिंगशन ऑथॉरिटी है : तारेक फतह, पाकिस्तानी-कनाडाई पत्रकार

आपकी पार्टी को पता नहीं प्रधानमंत्री क्या होता है,आपका पूरा मुल्क पीर फकीरी में चल रहा है : तारेक फतह, पाकिस्तानी-कनाडाई पत्रकार

आज हम आपसे लड़ेंगे नहीं, मोहब्बत से बात करेंगे : डॉ. इरशाद अहमद खान, नेता, PMLN

अगर लोगों को खुला छोड़ा जाता तो गृहयुद्ध की तरफ जा रहा था मुल्क : डॉ. इरशाद अहमद खान, नेता, PMLN

पाकिस्तान पूरी दुनिया का ठेका ले रखा है: मेजर जनरल जीडी बख्शी, सुरक्षा विशेषज्ञ

फांस में क्या होगा, भारत में क्या होगा इसका आपसे क्या मतलब आपको ठेका किसने दिया : मेजर जनरल जीडी बख्शी, सुरक्षा विशेषज्ञ

आप आपने पड़ोसियों को अपने हाल पर छोड़ दें : मेजर जनरल जीडी बख्शी, सुरक्षा विशेषज्ञ

पाकिस्तान ने जो बोया वहीं, काट रहा है : सुमित गुप्ता, दर्शक, लखनऊ

पाकिस्तान में अगर इसी तरह कट्टरता नहीं तो बर्बाद हो जाएगा : सुमित गुप्ता, दर्शक, लखनऊ

पाकिस्तान की नालायक हुकूमत की ही देन है जो आज पाकिस्तान में हो रहा है : फखर यूसुफजई, पाकिस्तान पत्रकार

इस तरह की घटना पर पाकिस्तान पर्दे डालता रहता है : फखर यूसुफजई, पाकिस्तान पत्रकार

इमरान खान ने जो 200 लोगों को रखा हैं, उनको कुछ भी नहीं आता : फखर यूसुफजई, पाकिस्तान पत्रकार

एक नीयाजी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे, इमरान खान भी एक नीयाजी हैं : फखर यूसुफजई, पाकिस्तान पत्रकार

जब कोई सरकार आती है वह वोट लेकर आती है: अब्दुल समद याक़ूब, प्रवक्ता, पीटीआई

पाकिस्तान को किसी मुल्क के मसले में नहीं पड़ना चाहिए : अब्दुल समद याक़ूब, प्रवक्ता, पीटीआई

फखर यूसुफजई अगर आप तारेक फतेह के पास जाना चाहते हैं तो आपको वीजा मिल जाएगा : अब्दुल समद याक़ूब, प्रवक्ता, पीटीआई

बांग्लादेश क्यों बना इनकी वजह से बना : तारेक फतह, पाकिस्तानी-कनाडाई पत्रकार

पाकिस्तान किस मुंह से भारत के लिए कट्टवार की बात करता है : अमन त्रिपाठी, दर्शक

पाकिस्तान में जो हिंसा में जाने गई हैं मैं उसकी कड़ी निंदा करता हूं : आसिफ रमीज दाउदी, प्रोफेसर, किंग अब्दुल अजीज यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब

एक पॉलिटिकल पार्टी अगर अपने फायदे के लिए इस तरह के वायलेंस कर रही है : आसिफ रमीज दाउदी, प्रोफेसर, किंग अब्दुल अजीज यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब

रमजान के महीने में इस तरह की हिंसा ठीक नहीं : आसिफ रमीज दाउदी, प्रोफेसर, किंग अब्दुल अजीज यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब

पाकिस्तान के चुनाव में फर्जीवाड़ा हुआ :तारेक फतह, पाकिस्तानी-कनाडाई पत्रकार

पाकिस्तान के कई शहर बंद: फखर यूसुफजई, पाकिस्तान पत्रकार

आज हम आपसे लड़ेंगे नहीं, मोहब्बत से बात करेंगे : डॉ. इरशाद अहमद खान, नेता, PMLN

पाकिस्तान अपने मुल्क को संभाले : मेजर जनरल जीडी बख्शी, सुरक्षा विशेषज्ञ

रमजान के महीने में इस तरह की हिंसा ठीक नहीं : आसिफ रमीज दाउदी, प्रोफेसर, किंग अब्दुल अजीज यूनिवर्सिटी, सऊदी अरब

पाकिस्तान को दुनिया की ठेकेदारी महंगी पड़ जाएगी :  मेजर जनरल जीडी बख्शी, सुरक्षा विशेषज्ञ

विनाश काले विपरीत बुद्धि, पाकिस्तान की जनता को समझा होगा का इस्तेमाल हो रहा है : देवयानी व्यास, दर्शक, जयपुर

पाकिस्तान की जनता को जल्दी से जगना होगा, नहीं तो धर्म के नाम पर ये लोग खा जाएंगे : देवयानी व्यास, दर्शक, जयपुर

हिंदुओं और यहूदियों के खिलाफ मुसलमान नफरत फैलाते है : तारेक फतह, पाकिस्तानी-कनाडाई पत्रकार

हम न गजवा चाहते, न लड़ाई चाहते, हम सिर्फ मोहब्बत चाहते हैं : डॉ. इरशाद अहमद खान, नेता

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First Published : 15 Apr 2021, 06:52:21 PM

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