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मोदी सरकार 2: कौन बनेगा नया लोकसभा स्पीकर, इन नामों में से किसपर लगेगी मुहर?

देश की सत्ता पर मोदी सरकार काबिज हो चुकी है साथ ही कैबिनट का गठन भी हो चुका हैऔर अब लोकसभा स्पीकर कौन होगा इसपर अटकलें तेज हो गई है. दरअसल, 17 जून से संसद का सत्र शुरू होने वाला है, वहीं बताया जा रहा है कि लोकसभा स्पीकर का चुनाव 19 जून को होगा.

News Nation Bureau | Edited By : Vineeta Mandal | Updated on: 06 Jun 2019, 01:34:52 PM
मोदी सरकार 2: कौन बनेगा नया लोकसभा स्पीकर

मोदी सरकार 2: कौन बनेगा नया लोकसभा स्पीकर

नई दिल्ली:

देश की सत्ता पर मोदी सरकार काबिज हो चुकी है साथ ही कैबिनट का गठन भी हो चुका हैऔर अब लोकसभा स्पीकर कौन होगा इसपर अटकलें तेज हो गई है. दरअसल, 17 जून से संसद का सत्र शुरू होने वाला है, वहीं बताया जा रहा है कि लोकसभा स्पीकर का चुनाव 19 जून को होगा. ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि वरिष्ठ सांसदों को स्पीकर बनाया जा सकता है. लेकिन इससे पहले ले 17 और 18 जून को प्रोटेम स्पीकर की ओर से नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी.

खबरों के अनुसार पिछली बार की तरह इस बार भी बीजेपी डिप्टी स्पीकर का पद एनडीए के किसी सहयोगी दल को को दे सकती है. एनडीए के घटक दल शिवसेना ने डिप्टी स्पीकर पद की मांग की है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुल्तानपुर से सांसद मेनका गांधी का नाम लोकसभा स्पीकर की लिस्ट में सबसे ऊपर है, वो आठ बार सासंद रह चुकी है. वहीं दूसरा नाम मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सात बार सांसद वीरेंद्र कुमार का नाम है.

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तीसरा नाम एएस अहलूवालिया का है जो चार बार राज्यसभा से सांसद रह चुके हैं. अहलूवालिया पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के दौर में कांग्रेस में शामिल हुए थे. बाद में वो बीजेपी से जुड़ गए. वो साल 2014 में पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग लोकसभा सीट और इस बार दुर्गपुर बर्धमान सीट से सांसद बने हैं.

चौथा नाम बीजेपी सांसद राधा मोहन सिंह का चल रहा है. इन चुनावों में वो पूर्वी चंपारण सीट से जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश में बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान भी छह बार सांसद रह चुके हैं. वो 2019 चुनावों में खंडवा सीट से जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं.

बता दें कि वरिष्ठतम सांसदों में से ही लोकसभा स्पीकर का चुनाव होता है. इसके साथ ही ये भी ध्यान रखा जाता है कि संबंधित सांसद संसदीय नियम-कानूनों के जानकारी भी रखने वाला भी हो. जिससे वह लोकसभा का विधिवत संचालन करने में सक्षम हो.

First Published : 06 Jun 2019, 01:34:52 PM

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