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जिनकी हवेलियां होती थीं वे टेंट में रहने को मजबूर हैं, जानें अमित शाह की रैली की 10 बड़ी बातें

अमित शाह ने कहा, पाकिस्तान में मौजूद 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक अब 3 प्रतिशत कैसे हो गए. क्या कान के बहरे और आंख के अंधे लोगों को यह दिखाई नहीं दिया.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 21 Jan 2020, 02:56:40 PM
जिनकी हवेलियां होती थीं वे टेंट में रहने को मजबूर, जानें 10 बड़ी बातें

जिनकी हवेलियां होती थीं वे टेंट में रहने को मजबूर, जानें 10 बड़ी बातें (Photo Credit: https://twitter.com/BJP4India/status/1219539498100383744/photo/1)

नई दिल्‍ली:  

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जनजागरूकता अभियान के तहत लखनऊ में मंगलवार को रैली की. इस दौरान उन्‍होंने विपक्षी दलों के नेताओं पर झूठ की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, इस एक्‍ट में पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है, किसी की नागरिकता लेने का प्रावधान नहीं है.

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उन्‍होंने कहा, पाकिस्तान में मौजूद 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक अब 3 प्रतिशत कैसे हो गए. क्या कान के बहरे और आंख के अंधे लोगों को यह दिखाई नहीं दिया. कश्मीरी पंडितों का मुद्दा उठाते हुए उन्‍होंने कहा- धर्म के आधार पर लोगों को जम्‍मू-कश्‍मीर से उनके घरों से भगा दिया गया, तब ह्यूमन राइट्स का झंडा उठाने वाले कहां चले गए थे. जानें लखनऊ रैली की 10 बड़ी बातें :

  1. यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि सीएए से देश के मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी. ममता दीदी, अखिलेश, राहुल बाबा आप लोग मंच खोज लें. हमारे स्वतंत्रदेव आपसे इस मुद्दे पर बहस कर लेंगे. इस एक्ट में किसी की भी नागरिकता छीनने का प्रावधान नहीं है. इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का प्रावधान है.
  2. CAA का विरोध करने वालों से मैं पूछना चाहूंगा कि जो 23 प्रतिशत अल्पसंख्यक पाकिस्तान में थे आखिर वो 3 प्रतिशत कैसे हो गए. आखिर उनकी आबादी कैसे कम हो गई. उन लोगों को मार दिया गया, लोगों का धर्म परिवर्तन कर दिया गया. लोग जान बचाकर भाग आए. क्या कान के बहरे और आंख के अंधे लोगों को यह दिखाई नहीं दिया.
  3. कश्मीरी पंडितों को उन्हीं के घर से धर्म के आधार पर भगा दिया गया, तब आखिर ह्यूमन राइट्स कहां चला गया था.
  4. जिसे जितना विरोध करना है कर ले. सीएए वापस नहीं होगा. पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को हम नागरिकता देंगे.
  5. एक बार शरणार्थियों के कैंप में जाकर उनकी हालत देखिए. जिनकी हवेलियां होती थीं, वह टेंट में रहने को मजबूर हैं. सिर्फ इस वजह से कि वह विशेष धर्म से आते हैं.
  6. ममता दीदी पहले शर्णार्थियों के लिए नागरिकता मांग रही थीं, लेकिन आज जब हम दे रहे हैं, तो इन्हें आपत्ति हो रही हैं. आप करे तो अच्छा हम करें तो यह खराब कैसे हो सकता है.
  7. हमने जब 370 हटाई तो कांग्रेस और सपा कहती है कि आप इसे मत हटाओ. भला आपके पेट में क्यों दर्द हो रहा है.
  8. सुप्रीम कोर्ट लगातार कह रहा था कि ट्रिपल तलाक हटना चाहिए, लेकिन विपक्षी दल वोट बैंक के कारण इस फैसले को नहीं ले पाए. आज मुस्लिम महिलाओं को नरेंद्र मोदी सरकार ने न्याय देने का काम किया है. 40 से ज्यादा देशों में जब ट्रिपल तलाक नहीं है तो आखिर भारत में क्यों हो.
  9. कांग्रेस की सरकार जब केंद्र में थी तो वह राम मंदिर के बनने में अड़ंगा लगाती थी. हर बार कपिल सिब्बल साहब कोर्ट में कहते थे कि अभी मंदिर न बनाया जाए.
  10. जैसे ही नरेंद्र मोदी को आपने 303 सीटें देकर फिर प्रधानमंत्री बनाया वैसे ही तेजी के साथ सुप्रीम कोर्ट में केस चला. मैं देश के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि तीन महीने में आकाश को छूता हुआ राम मंदिर बनेगा.

First Published : 21 Jan 2020, 02:56:40 PM

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