News Nation Logo
Banner

तीनों कृषि कानूनों पर अब क्या मान जाएंगे अन्नदाता? दीपक चौरसिया के साथ देखिये #DeshKiBahas

नए कृषि कानूनों पर एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारी किसान संगठनों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच छठे दौर की वार्ता खत्म हो गई है. इस बैठक में फैसला लिया गया कि सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेगी.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 30 Dec 2020, 09:25:38 PM
desh ki bahas

देश की बहस (Photo Credit: न्यूज स्टेट)

नई दिल्ली:

नए कृषि कानूनों पर एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए प्रदर्शनकारी किसान संगठनों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच छठे दौर की वार्ता खत्म हो गई है. इस बैठक में फैसला लिया गया कि सरकार कृषि कानून वापस नहीं लेगी. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि 4 प्रमुख मुद्दों में से 2 पर किसान और सरकार के बीच सहमति बन गई है. अगली बैठक 4 जनवरी को होगी. वहीं, किसानों का आंदोलन भी जारी रहेगा. तीनों कृषि कानूनों पर अब क्या मान जाएंगे अन्नदाता? दीपक चौरसिया के साथ देखिये #DeshKiBahas. यहां पढ़ें मुख्य अंश.

  • सरकार और किसान के बीच सकारात्मक बातचीत हुई : नलिन कोहली, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा  
  • सरकार को अन्नदाताओं की भी चिंता है : नलिन कोहली, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा  
  • हम चाहते हैं कि एक अच्छे माहौल में बातचीत आगे बढ़े : नलिन कोहली, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा  
  • कांग्रेस सकारात्मक सोच लाने की विचार नहीं कर रही है : नलिन कोहली, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा  
  • अगर कांग्रेस किसानों की हित में होती है तो किसानों के बैंक खाते में सालाना 6 हजार नहीं जाता : नलिन कोहली, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा  
  • ज्यादा दामों में फसल खरीदकर कम दामों में वही बेच सकता है जो एक तरफ आलू डालता है और दूसरे तरफ सोना निकलता है : नलिन कोहली, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा
  • कांग्रेस को किसानों की चिंता नहीं है : नलिन कोहली, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा
  • सरकार का आंदोलन को हैंडिल करने का तरीका ठीक नहीं है : अभय दुबे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • डिमांड और सप्लाई के आधार पर बाजार चलता है : अभय दुबे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • जब फसलें आने वाली होती हैं तो दाम कम कर दिए जाते हैं : अभय दुबे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • एमएसपी को भी निजी क्षेत्रों में लागू कीजिए : अभय दुबे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • सरकार किसानों को थकाओ भगाओ की नीति पर काम कर रही है : अभय दुबे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • कोई भी कानून हमेशा देश के हित में बनता है : प्रो. बिजॉन कुमार मिश्रा, कंज्यूमर एक्सपर्ट  
  • किसानों की आशंकाओं को दूर करने के लिए सरकार बैठी है : प्रो. बिजॉन कुमार मिश्रा, कंज्यूमर एक्सपर्ट  
  • किसी भी कानून चलाने के लिए सब सतर्क रहते हैं : प्रो. बिजॉन कुमार मिश्रा, कंज्यूमर एक्सपर्ट  
  • 20 साल की बहस के बाद आज ये कानून लाया गया है : प्रो. बिजॉन कुमार मिश्रा, कंज्यूमर एक्सपर्ट  
  • लोगों को ये कानून में कुछ दिक्कत हुई है : प्रो. बिजॉन कुमार मिश्रा, कंज्यूमर एक्सपर्ट  
  • मुझे पूरी उम्मीद है कि 4 जनवरी को इसका समाधान जरूर निकलेगा : प्रो. बिजॉन कुमार मिश्रा, कंज्यूमर एक्सपर्ट  
  • सरकार किसानों का भला चाहती है : रामनिक मान, किसान 
  • आज किसानों और सरकार के बीच अच्छे माहौल में बातचीत हुई है : रामनिक मान, किसान 
  • आज की बैठक में दो मुद्दों पर सहमति बनी है : रामनिक मान, किसान 
  • मंडी के बाहर मार्केट डिमांड और सप्लाई के आधार पर चलती है : रामनिक मान, किसान 
  • एमएसपी सरकार लागू करती है : रामनिक मान, किसान 
  • मैं सरकार को धन्यवाद करना चाहता हूं जो एक कदम आगे बढ़ी है : मास्टर शियोराज सिंह, किसान
  • सरकार ने आज आंदोलन को जायज ठहराया है : मास्टर शियोराज सिंह, किसान
  • मुझे उम्मीद है कि सरकार 4 जनवरी को दो कदम और आगे बढ़ेगी : मास्टर शियोराज सिंह, किसान
  • सरकार से बातचीत अच्छी रही : मास्टर शियोराज सिंह, किसान
  • सरकार अच्छे माहौल में वार्ता कर रही है इसे बिगाड़ने की जरूरत नहीं है : मास्टर शियोराज सिंह, किसान
  • सरकार किसान की लड़ाई नहीं चाहती है : रवींद्र चीमा, उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय आढ़तिया किसान संघ
  • किसान जो झेल रहे हैं उसका अंदाजा सरकार को लगना चाहिए : रवींद्र चीमा, उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय आढ़तिया किसान संघ
  • मंडी में कई ग्राहक आते हैं, वहां किसानों को लगता है मुझे फसल का अच्छा भाव मिल रहा है : रवींद्र चीमा, उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय आढ़तिया किसान संघ
  • कंपनियों को मंडी में फसल खरीदने में क्या दिक्कत है : रवींद्र चीमा, उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय आढ़तिया किसान संघ
  • सरकार और उनके प्रवक्ताओं ने ये आरोप लगाया है, जिसने किसानों के आंदोलन को खालिस्तानी बता रहे थे : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस  
  • इन कानून के खिलाफ 45 किसानों ने अपनी जान दे दी है : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस  
  • इन तीनों कानूनों से मंडी और एमएसपी खत्म हो जाएगी : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस  
  • कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग से सिर्फ कुछ पूजीपतियों को लाभ होगा : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस  
  • हम किसान के साथ खड़े हैं : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस 
  • किसानों के आंदोलन को लेकर कांग्रेस कोई राजनीति नहीं कर रही है : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस 
  • राहुल गांधी कभी हो, लेकिन आज संचार माध्यम इतना सशक्त है कि वे वहां से जुड़े रह सकते हैं : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस 
  • इटली में राहुल गांधी की नानी रहती हैं, जो काफी बुजुर्ग हैं, अगर वे मानवीय कर्तव्य निभाने गए हैं तो उसमें क्या गलत है : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस 
  • अगर राहुल गांधी अपनी माता और नानी के प्रति कर्तव्य नहीं निभा पाएंगे तो वे किसानों के प्रति क्या कर्तव्य निभाएंगे : हरीश रावत, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस 
  • जो देश को तोड़ने की बात करेगा वो हमारा हितेशी नहीं है : आरपी सिंह, प्रवक्ता, BJP  
  • सरकार को किसानों से बात कर समाधान निकालना चाहिए : आलोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • कृषि कानून में कर्मियां हैं : आलोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • शरजील इमाम का पोस्टर किसी बीजेपी कार्यकर्ता के प्रिटिंग प्रेस में छपा होगा : आलोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • बीजेपी ने स्वयं माहौल को खराब किया है : आलोक शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस  
  • किसानों का आंदोलन गलत है : विपिन गुप्ता, प्रयागराज, दर्शक
  • तीनों कृषि कानून पर ही आज किसान खुशहाल है : विपिन गुप्ता, प्रयागराज, दर्शक
  • सरकार की यह योजना पूरी तरह से सफल है : विपिन गुप्ता, प्रयागराज, दर्शक
  • अगर कृषि कानून गलत है तो 70 सालों तक कांग्रेस ने क्या किया : कुलदीप बंसला, मेरठ, दर्शक
  • अगर मोदी सरकार इन कानूनों को लाना चाहती हैं तो इसे भी देखना चाहिए : कुलदीप बंसला, मेरठ, दर्शक

First Published : 30 Dec 2020, 07:49:29 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.