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दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम, तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी, गर्मी से मिली राहत

दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम, तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी, गर्मी से मिली राहत

News Nation Bureau | Edited By : Nitu Pandey | Updated on: 17 Apr 2020, 07:24:41 PM
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दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम, तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी (Photo Credit: प्रतिकात्मक फोटो)

नई दिल्ली:  

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार शाम को तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई. जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है. मौसम विभाग ने कहा था कि  एक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और धूल भरी आंधी चलेगी.

दिल्ली-एनसीआर में बारिश से उतनी राहत नहीं मिली है जितनी की इसकी संभावना जताई जा रही थी. मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. हालांकि अगर बारिश ज्यादा होती है तो किसानों के लिए मुश्किल हो सकता है. अभी रबी की कटाई का काम चल रहा है. ऐसे में बारिश उनके लिए परेशानी बन सकती है. 

इस साल मानसून सामान्य रहने का पूर्वानुमान 

इधर, मौसम विभाग ने जून से सितंबर के दौरान देश में बारिश लाने वाले दक्षिण पश्चिम मानसून के इस साल सामान्य रहने का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुये मानसून के दस्तक देने और इसकी वापसी की तारीखों में बदलाव करते हुये मानसून के नये कार्यक्रम का निर्धारण कर दिया है.

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किसानों को मिलेगा फायदा 

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में दक्षिण पश्चिम मानसून के पहले दीर्घकालिक अनुमान को जारी करते हुये यह जानकारी दी. डा. राजीवन ने बताया कि पिछले सालों की तरह देश में इस साल भी मानसून सामान्य रहने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिये यह स्थिति मददगार साबित होगी.

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1 जून को मानसून देगी दस्तक

उल्लेखनीय है कि दक्षिण पश्चिम मानसून, सामान्य तौर पर एक जून को दक्षिणी इलाकों से देश में दस्तक देता है और 30 सितंबर तक दक्षिण भारत से ही इसकी वापसी हो जाती है. उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने मानसून के आने और वापसी से जुड़े, पिछली एक सदी के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर नया कलेंडर बनाया है. इसमें क्षेत्रीय आधार पर मानसून के आने और वापसी की तारीख तय की गयी हैं. इसके मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून के केरल तट पर दस्तक देने की तारीख पहले की तरह एक जून ही निर्धारित की गयी है. इसी प्रकार मानसून के पूरी तरह से देश से वापस होने की तारीख 15 अक्टूबर यथावत रहेगी.

First Published : 17 Apr 2020, 07:13:33 PM

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