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रामगढ़-हजारीबाग के कोयला क्षेत्रों में मिथेन गैस के रिसाव से पानी में लग रही आग, दहशत में हैं लोग

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 25 Jul 2022, 10:45:01 PM
Water fire

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

रांची:   झारखंड के रामगढ़ और हजारीबाग जिले में कुछ जगहों पर भूगर्भ से मिथेन के रिसाव ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। डीप बोरिंग वाली जगहों पर रिसाव सबसे ज्यादा है। रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत लइयो उत्तरी और लइयो दक्षिणी पंचायत इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। इस इलाके में लगभग दस हजार की आबादी है। लोग अनहोनी की आशंका से ग्रस्त हैं। इसके पहले हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड अंतर्गत हरली में भी मीथेन के रिसाव की शिकायतें मिली थीं।

मिथेन के रिसाव को लेकर आईएएनएस ने खनन विशेषज्ञ सीएमपीडीआई सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट के रिटायर्ड जीएम एवी सहाय से इस बाबत बात की। उनका कहना है कि जिस इलाके में रिसाव की सूचनाएं मिली हैं, वहां पूर्व में हुए सर्वे में कोल बेड मिथेन का बड़ा भंडार पाये जाने की पुष्टि हुई है। गैस के रिसाव को रोकने के लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की निगरानी में तत्काल कदम उठाये जाने चाहिए। झारखंड के बोकारो स्थित ओएनजीसी के सीबीएम (कोल बेड मिथेन) कार्यालय और सीएमपीडीआई को इस बाबत सूचित किया जाना चाहिए। इन संस्थाओं के पास मिथेन के रिसाव को रोकने की विशेषज्ञता है।

लईयो उत्तरी पंचायत के मुखिया सुरेश महतो उर्फ मदन महतो ने बताया कि सीसीएल के झारखंड माइनिंग प्रोजेक्ट के करीब स्थित लइयो करमाली टोला में एक बोरिंग से लगभग 15-20 फीट की ऊंचाई तक पानी के फव्वारे के साथ निकल रही मिथेन गैस बीते शनिवार को अचानक आग की लपटों में बदल गयी। बाद में यह आग खुद बुझ गयी, लेकिन इस स्थान के आस-पास एक दर्जन से ज्यादा कौओं और बगुलों की मौत हो गयी। यहां मिथेन का रिसाव बीते कई दिनों से हो रहा है। इसकी सूचना सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड(सीसीएल) प्रबंधन को दी गयी है।

लईयो उत्तरी पंचायत के मुंडल टोगरी और कोठीटांड़ में भी ग्रामीणों ने डीप बोरिंग से मिथेन गैस के रिसाव की शिकायत की है। इसकी वजह से एक बड़े क्षेत्र में ग्रामीण खेती नहीं कर पा रहे हैं। गैस के प्रभाव इलाके में मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीण जीवलाल महतो, नेपाल रजवार, शिबू ठाकुर आदि ने बताया कि कोठीटांड़ और मुंडल टोंगरी में बोरिंग से आठ से दस फीट पानी ऊपर की ओर निकल रहा है। इन स्थानों पर गैस के तेज रिसाव के कारण काफी तेज आवाजें निकल रही हैं।

मिथेन रिसाव की ऐसी घटनाएं इलाके में पहली भी हुई हैं। वेस्ट बोकारो ओपी क्षेत्र अंतर्गत लइयो दुधीबांध बस्ती निवासी भोला रजवार के घर में लगभग एक साल पहले बोरिंग से अचानक मिथेन गैस निकलने लगी थी। इस कारण अचानक आग भी लग गयी थी। लगातार पानी डालते रहने के बाद आग बुझी थी। दुधीबांध नव प्राथमिक विद्यालय के चापानल और करमाली टोला के एक खेत से मिथेन गैस का रिसाव काफी मात्रा में हुआ था, तब सीसीएल से आयी रेस्क्यू की टीम ने फॉगिंग कर उसे बंद कराया था। उधर बड़कागांव के हरली में भी पिछले साल मिथेन के रिसाव के चलते पानी से आग की लपटें उठने लगी थीं।

सीएमपीडीआई के रिटायर्ड जीएम और खनन विशेषज्ञ एवी सहाय बताते हैं कि वेस्ट बोकारो कोलियरी एरिया और सीसीएल के नॉर्थ कर्णपुरा के इस्टर्न पार्ट में कोल बेड मिथेन का बड़ा भंडार है। कई इलाकों में ओएनजीसी ने मिथैन के कमर्शियल दोहन का प्रोजेक्ट शुरू भी किया है। ऐसे इलाकों में अगर कोई व्यक्ति डीप बोरिंग करता है, तो उसके पहले विशेषज्ञों से जरूर मशविरा किया जाना चाहिए। मिथेन में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 24 गुना ग्लोबल वामिर्ंग पोटेंशियल होता है। सरकार को भी ऐसे इलाकों में बोरिंग के लिए सतर्कता और एहतियात के जरूरी कदम उठाने चाहिए, अन्यथा मिथेन के अचानक रिसाव से समस्या पैदा हो सकती है।

माइनिंग विशेषज्ञ डॉ अनल सिन्हा ने आईएएनएस से कहा कि झारखंड के कोल बियरिंग इलाके में मिथेन का बड़ा भंडार है। इनपर सक्षम संस्थाओं को आवश्यक निगरानी रखनी चाहिए।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 25 Jul 2022, 10:45:01 PM

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