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एनजीटी ने 3 नदियों में पानी की खराब गुणवत्ता को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर जुर्माना लगाया

एनजीटी ने 3 नदियों में पानी की खराब गुणवत्ता को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर जुर्माना लगाया

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 22 Sep 2021, 06:10:02 PM
W Bengal

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पश्चिम बंगाल सरकार पर तीन नदियों महानंदा, जोरापानी और फुलेश्वरी के पानी की गुणवत्ता बहाल करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अंतरिम मुआवजे के रूप में दो करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

न्यायिक और विशेषज्ञ सदस्यों के साथ इसके अध्यक्ष आदर्श गोयल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय पीठ ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को जनवरी 2022 में सुनवाई की अगली तारीख पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित होने का भी निर्देश दिया।

याचिकाकर्ताओं ने 2016 में तीनों नदियों में प्रदूषण की शिकायत को हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) से की थी। 20 सितंबर को सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने बताया कि उसने इस विषय पर लगभग एक दर्जन आदेश पारित किए थे, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई है।

न्यायाधिकरण की प्रधान पीठ ने कहा कि मुआवजे की राशि दार्जिलिंग के जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय को भुगतान की जाएगी। इस राशि का उपयोग नदियों के पानी की गुणवत्ता बहाली के लिए किया जाएगा। इन तीन नदियों के तट पर 88 जगह अतिक्रमण हैं, जो अधिकारियों को उचित प्रदूषण विरोधी उपाय अपनाने से रोक रहे हैं, ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि अतिक्रमणकारियों और अनधिकृत संरचनाओं को 31 मार्च, 2022 से पहले सिलीगुड़ी नगर निगम द्वारा हटाया जाना चाहिए।

पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2005 में सीवेज के उपचार और नदियों के प्रदूषण को रोकने के लिए अन्य कदमों के लिए महानंदा कार्य योजना को लागू करने के लिए 54.28 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। हालांकि, सिलीगुड़ी नगर निगम पर्यावरण को साफ करने के नागरिकों के अधिकारों को लागू करने के लिए प्रदूषण को रोकने और उपाय करने के लिए अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रहा।

ट्रिब्यूनल ने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट से पता चला है कि जल प्रदूषण से निपटने के लिए तीन सीवेज उपचार संयंत्र आवश्यक हैं, लेकिन भूमि के मुद्दों ने उसी की योजना को खतरे में डाल दिया है।

इससे पहले, इसी पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव को सिलीगुड़ी में तीनों नदियों के प्रदूषण स्तर को व्यक्तिगत रूप से देखने और उपचारात्मक उपाय करने का निर्देश दिया था।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 22 Sep 2021, 06:10:02 PM

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