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उपराष्ट्रपति नायडू ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया

उपराष्ट्रपति नायडू ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई का आह्वान किया

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 08 May 2022, 01:25:01 AM
VP Naidu

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली:   उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीमित करने के लिए नीतियों के साथ-साथ लोगों से सामूहिक कार्रवाई करने का आह्वान किया है।

नायडू ने कहा, 1.5 डिग्री सेल्सियस ग्लोबल वामिर्ंग की सीमा को हासिल करने में सक्षम होने के लिए, हमें मैक्रो-लेवल सिस्टमिक बदलावों के साथ-साथ माइक्रो-लेवल लाइफस्टाइल विकल्पों दोनों का लक्ष्य रखना चाहिए। हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की जरूरत है।

बढ़ती चरम घटनाओं और घटती जैव विविधता की वास्तविकता को कम करने के लिए गंभीर आत्मनिरीक्षण और साहसिक कार्यों का आह्वान करते हुए, नायडू ने कहा, यह न केवल सरकार का कर्तव्य है कि वह विचार-विमर्श करे, बल्कि पृथ्वी पर हर नागरिक और इंसान का कर्तव्य है कि वह इस ग्रह को बचाए।

उपराष्ट्रपति चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, मोहाली में पर्यावरण विविधता और पर्यावरण न्यायशास्त्र पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन कर रहे थे।

सभा को संबोधित करते हुए, नायडू ने जोर देकर कहा कि भारत हमेशा जलवायु कार्रवाई में दुनिया का नेतृत्व करता रहा है। उन्होंने पिछले साल ग्लासगो में सीओपी26 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

भारतीय संस्कृति ने हमेशा प्रकृति का सम्मान और पूजा कैसे की है, इसका उल्लेख करते हुए, नायडू ने कहा कि भारत ने संविधान में पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों को निहित किया है और कई संबंधित कानून विकसित दुनिया में पर्यावरण प्रवचन को गति मिलने से पहले ही पारित किए हैं।

उन्होंने कहा, यह भावना हमारे प्राचीन मूल्यों से बहुत अधिक आकर्षित होती है जो मानव अस्तित्व को प्राकृतिक पर्यावरण के हिस्से के रूप में देखते हैं, न कि इसका शोषण करने वाले के रूप में।

वर्षों से पर्यावरणीय न्याय को कायम रखने के लिए भारतीय उच्च न्यायपालिकाकी सराहना करते हुए, उन्होंने सुझाव दिया कि निचली अदालतों को भी एक पारिस्थितिक ²ष्टिकोण को बनाए रखना चाहिए और स्थानीय आबादी और जैव विविधता के सर्वोत्तम हितों को अपने निर्णयों में रखना चाहिए।

उन्होंने प्रदूषण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और प्रदूषक को भुगतान करना चाहिए सिद्धांत को सख्ती से लागू करने का भी आह्वान किया।

--आईएएनएश

एचके/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 08 May 2022, 01:25:01 AM

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