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पुडुचेरी भी कांग्रेस के हाथ से गया, विश्वास मत में नाकाम रहे नारायणसामी ने दिया इस्तीफा

सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले नारायणसामी लगभग स्वीकार कर चुके थे कि बहुमत विपक्ष के पास चला गया. इसके साथ ही कांग्रेस के विधायकों ने वॉकआउट कर दिया था.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 22 Feb 2021, 12:07:09 PM
V Narayanasami

राहुल गांधी के दौरे से पहले से ही तय हो गया था सरकार का गिरना. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले ही कांग्रेस विधायकों का वॉकआउट
  • स्पीकर ने कहा कि नारायणसामी सरकार विश्वासमत खो चुकी है
  • इस तरह कांग्रेस के हाथ से गया एक और राज्य

पुडुचेरी:

संख्याबल से ही तय था कि पुडुचेरी की वी नारायणसामी (V Narayanasami) सरकार सदन में विश्वास मत हासिल नहीं कर सकेगी औऱ हुआ भी वैसा ही. सदन में वॉकआउट कर कांग्रेस ने साबित कर दिया वह बहुमत खो चुकी है. इस पर मुहर सदन में मौजूद विपक्ष ने लगा दी, जिसके सारे सदस्य अपनी-अपनी जगह पर बैठे रहे. वैसे 17 फरवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे से पहले पुडुचेरी में उनकी पार्टी के 4 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दिया था, जिसके बाद नारायणसामी की सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे थे. लक्ष्मीनारायणन कांग्रेस (Congress) के पांचवें विधायक हैं, जिन्होंने रविवार को इस्तीफा दिया. उनके साथ ही पुडुचेरी के डीएमके विधायक के वेंकटेशन ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि सदन में विश्वास मत से पहले सीएम नारायणसामी ने सोमवार को ही पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी (Kiran Bedi) और केंद्र की मोदी सरकार पर पुडुचेरी के विपक्ष दलों के साथ मिलकर उनकी सरकार गिराने की साजिश करने का आरोप मढ़ा. 

किरण बेदी और केंद्र पर लगाया सरकार गिराने का आरोप
इसके पहले सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी ने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार पर कांग्रेस सरकार को गिराने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार औऱ पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर उनकी सरकार को गिराने का षड्यंत्र रचा है. यही नहीं, उन्होंने मोदी सरकार पर राज्य की जनता के साथ धोखा देने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि पुडुचेरी ने सूबे के विकास के लिए जितनी रकम मांगी वह उसे नहीं मिली. अपनी सरकार के अल्पमत में आने की पीड़ा जाहिर करते हुए वह बोले कि अगर हमारे सांसद साथ देते तो राज्य सरकार पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करती. 

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पुडुचेरी में दोहराया गया कर्नाटक का नाटक
रविवार को कांग्रेस के एक और विधायक के इस्तीफे के बाद नारायणसामी को नई उपराज्यपाल के निर्देश पर सदन में सोमवार को बहुमत साबित करना था. विधायकों की गणित के लिहाज से सामी सरकार को बचा पाना मुश्किल ही लग रहा था. देखा जाए तो कर्नाटक (Karnataka) का नाटकीय राजनीति वाला घटनाक्रम यहां भी दोहराया गया. अब कांग्रेस के खाते में महज तीन राज्य ही बचे हैं. इससे इतर दो राज्यों में वह गठबंधन सरकार में है. सदन में फ्लोर टेस्ट से पहले नारायणसामी लगभग स्वीकार कर चुके थे कि बहुमत विपक्ष के पास चला गया. इसके साथ ही कांग्रेस के विधायकों ने वॉकआउट कर दिया था. ऐसे में स्पीकर ने कहने में देर नहीं लगाई कि नारायणसामी सरकार सदन का विश्वासमत खो चुकी है. 

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कांग्रेस ने सदन में खोया बहुमत
लक्ष्मीनारायणन के इस्तीफा देने के बाद 27 सदस्यों वाली पुडुचेरी विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 13 हो गई है और पार्टी अपना बहुमत खो चुकी है. लक्ष्मीनारायणन ने एक निजी टेलीविजन चैनल के साथ बातचीत में कहा, 'वरिष्ठ नेता होने के बावजूद मुझे मंत्री नहीं बनाया गया. सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी अपना बहुमत खो चुकी है और मौजूदा संकट के लिए मुझे जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.' रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआर कांग्रेस और बीजेपी ने लक्ष्मीनारायणन से संपर्क किया है. उन्होंने कहा, 'अपने समर्थकों से बातचीत के बाद मैं अपनी योजना के बारे में ऐलान करूंगा.' पुडुचेरी की उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने विपक्ष की मांग पर मुख्यमंत्री वी नारायणसामी को सोमवार को बहुमत साबित करने को कहा है. ऐसे में पुडुचेरी की मौजूदा कांग्रेस सरकार गिरते ही राज्य में अगले तीन महीनों के लिए राष्ट्रपति शासन लगने की संभावना प्रबल हो गई है. गौरतलब है कि केंद्रशासित प्रदेश में तीन महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं.

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First Published : 22 Feb 2021, 11:22:42 AM

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