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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मानसून की तैयारियों को लेकर बैठक की

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 15 Jun 2021, 04:21:57 PM
Union Home Minister Amit Shah chaired a meeting

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मानसून की तैयारियों को लेकर बैठक की (Photo Credit: @ANI)

highlights

  • केंद्र सरकार ने बारिश को मौसम को लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी है
  • गृह मंत्री अमित शाह ने की मानसून की तैयारियों और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा
  • इस बार मानसून देशभर में करीब 10 दिन पहले आ गया है

 

नई दिल्ली :  

केंद्र सरकार ने बारिश को मौसम को लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी है. इसी के तहत मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक अहम बैठक की. गृहमंत्री अमित शाह ने कई विभागों को बड़े अधिकारियों के साथ मानसून की तैयारी पर विस्तृत बातचीत की. बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने तैयारियों की समीक्षा करने के साथ ही अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए. बता दें कि अभी कुछ दिन पहले देश के कुछ हिस्सों में तूफान ने तबाही मचाई थी. जहां महाराष्ट्र, गुजरात, दमन एंड द्वीप, समेत कई राज्यों में तौकते तूफान ने कहर ढाया था, तो बंगाल, असम, झारखंड से लेकर बिहार तक यास तूफान का असर देखने को मिला था.

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को कहा कि मध्य-अक्षांश पश्चिमी हवाओं के आने के कारण उत्तर पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में मानसून की आगे की प्रगति धीमी रहने की संभावना है. मॉनसून की उत्तरी सीमा (एनएलएम) 20.5 डिग्री उत्तरी देशांतर और 60 डिग्री पूर्व या दीव, सूरत, नंदुरबार, भोपाल, नौगांव, हमीरपुर, बाराबंकी, बरेली, सहारनपुर, अंबाला और अमृतसर से होकर गुजरती है.

मौसम में अचानक बदलाव का कारण बताते हुए, आईएमडी के राष्ट्रीय मौसम पूवार्नुमान केंद्र ने कहा, कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार पर बना हुआ है और संबंधित चक्रवाती परिसंचरण मध्य-क्षोभमंडल तक फैला हुआ है. मध्य समुद्र तल पर एक ट्रफ रेखा उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, हरियाणा और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश तक जाती है, जबकि निम्न दबाव का केंद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल पर स्थित है और औसत समुद्र तल से 9 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है.

मौसम परिवर्तन के प्रभाव के तहत, आईएमडी ने अगले 4-5 दिनों के दौरान पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में अलग-अलग गरज और बिजली गिरने के साथ व्यापक वर्षा की भविष्यवाणी की. अगले दो दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में छिटपुट गरज के साथ छिटपुट वर्षा और बिजली गिरने की संभावना है और इसके बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश को छोड़कर, जहां अगले 4-5 दिनों के दौरान व्यापक रूप से व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है, वर्षा गतिविधि में कमी आने की संभावना है.

अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा की भी भविष्यवाणी की गई है. एक अपतटीय ट्रफ रेखा उत्तरी महाराष्ट्र तट से उत्तरी केरल तट तक जाती है और इसके प्रभाव में अगले तीन महीनों के दौरान दक्षिण कोंकण और गोवा, कर्नाटक और केरल और माहे में भारी से बहुत भारी गिरावट, गरज और बिजली गिरने की संभावना है.

First Published : 15 Jun 2021, 03:44:56 PM

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