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पंजाब में अब कैप्टन अमरिन्दर और सीएम चन्नी आमने सामने, BSF के अधिकार पर रार

पंजाब में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो फैसला किया है, उस पर पंजाब के दो बड़े नेता आमने-सामने हैं. जिसके बाद हुआ ये है कि लड़ाई फिर कांग्रेस बनाम 'कांग्रेस' की हो गई है.

News Nation Bureau | Edited By : Shubham Upadhyay | Updated on: 14 Oct 2021, 08:35:05 AM
Two Congress leaders clashed again in Punjab

Two Congress leaders clashed again in Punjab (Photo Credit: news nation)

highlights

  • BSF को पश्चिम बंगाल, पंजाब और असम में  कई अधिकारी हासिल हो गए हैं
  • कैप्टन अमरिंदर सिंह  ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के फैसले का जमकर समर्थन किया 
  • मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सवाल उठा दिए हैं

नई दिल्ली:

पंजाब में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो फैसला किया है, उस पर पंजाब के दो बड़े नेता आमने-सामने हैं. जिसके बाद हुआ ये है कि लड़ाई फिर कांग्रेस बनाम 'कांग्रेस' की हो गई है. हुआ ये है कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के फैसले का जमकर समर्थन किया है, और दूसरी तरफ राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Chann) ने इसको लेकर सवाल उठा दिए हैं. इस फैसले का विरोध इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इसके जरिए ये बताया जा रहा है कि राज्य पुलिस के अधिकार क्षेत्र कम हो जाएंगे.

साथ ही इस नए फैसले के बाद बीएसएफ ने पश्चिम बंगाल, पंजाब और असम में देश की सीमा से 50 किलोमीटर तक के इलाके में तलाशी, गिरफ्तारी के बाद कई अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है. 

सीएम चन्नी ने सोशल मीडिया पर किया विरोध
केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस फैसले का विरोध सीएम चन्नी ने सोशल मीडिया पर किया है. मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया मैं केंद्र सरकार के इस एकतरफा फैसले के विरोध में हूं, जो बीएसएफ को ताकत देता है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में तलाशी, गिरफ्तारी कर सके. इस फैसले से संघवाद पर सीधा हमला होता है. मैं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील करता हूं कि वो इस बिना तर्क वाले फैसले को वापर लें.

सीएम चन्नी को मनीष तिवारी, सुखजिंदर सिंह का साथ मिला
सीएम चन्नी  के अलावा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी इस फैसले का विरोध किया है. उन्होंने कहा है कि इस फैसले से  आधा पंजाब बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र में चला जाएगा. डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी नए फैसले को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने किया गृह मंत्रालय को सपोर्ट 
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस फैसले की तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि बीएसएफ को राजनीति की सोच से नहीं देखना चाहिए. एक तरफ कश्मीर में हमारे जवान शहीद हो रहे हैं. दूसरी तरफ पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन  पंजाब में आतंकवादी सोच बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा हथियार और ड्रग्स भेज रहे हैं. इसलिए अगर बीएसएफ मौजूदगी मौजूदगी बढ़ेगी तो इन सभी गतिविधियों पर रोक लगाने में हमें सहायता मिलेगी.

ये पहली बार नहीं है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस के उलट दिखाई दिए हैं. इससे पहले भी ने अमरिंदर सिंह नवजोत सिंह सिद्धू  पर गंभीर आरोप लगा चुके हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू  की पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ के साथ दोस्ती है, ऐसे में सिद्धू के हाथ में किसी तरह की पावर देना राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए ये ठीक नहीं है. इसके अलावा कैप्टन ने ये भी कहा था कि अगर सिद्धू पंजाब के सीएम बनते हैं, तो कैप्टन ऐसा होने नहीं देंगे. मतलब जमकर विरोध करेंगे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं क्योंकि कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया.

First Published : 14 Oct 2021, 08:03:02 AM

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