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सीपीआईएम ने तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया

तीन तलाक पर दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को 'मनमाना' व 'असंवैधानिक' करार दिया है।

News Nation Bureau | Edited By : Saketanand Gyan | Updated on: 22 Aug 2017, 05:25:47 PM
सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी (फाइल फोटो)

सीपीआईएम महासचिव सीताराम येचुरी (फाइल फोटो)

highlights

  • सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को 'मनमाना' व 'असंवैधानिक' करार दिया
  • पर्सनल लॉ, कानून के ऊपर नहीं है और इसे अनुच्छेद 13 के तहत लाया जा सकता है
  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है

नई दिल्ली:

तीन तलाक पर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) ने स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को 'मनमाना' व 'असंवैधानिक' करार दिया है।

सीपीआईएम ने कहा कि वह दो के मुकाबले तीन मतों से दिए गए सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले का विस्तृत अध्यन करने के बाद 'उचित प्रतिक्रिया' देगी।

इससे पहले तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले आने के बाद सभी पार्टी के नेताओं ने इसे स्वागतयोग्य कदम बताया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है।

तीन तलाक से पीड़ित शायरा बानो ने तीन तलाक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी। जिसपर 11 से 18 मई तक रोजाना सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिसके बाद मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया।

सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि पर्सनल लॉ, कानून के ऊपर नहीं है और इसे अनुच्छेद 13 के तहत लाया जा सकता है, जो अप्रासंगिक और बुनियादी अधिकारों के खिलाफ जाने वाले पर्सनल लॉ के मामलों में सुप्रीम कोर्ट को समीक्षा का अधिकार देता है।

और पढ़ें: तीन तलाक पर 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने अपने फैसले में क्या कहा? पढ़ें

First Published : 22 Aug 2017, 05:16:01 PM

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