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तीसहजारी कांड : दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाखिल की प्रगति रिपोर्ट, एसआईटी जांच में मांगा सहयोग

दिल्ली पुलिस संबंधित मामले की स्टेटस रिपोर्ट लेकर तीसहजारी कोर्ट भी गई

न्यूज स्टेट ब्यूरो | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 21 Nov 2019, 03:00:00 AM
तीस हजारी कांड

नई दिल्ली:  

तीसहजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई सिर-फुटव्वल पर दिल्ली पुलिस की एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट 12 दिसंबर को अदालत में पेश कर सकती है. उधर बुधवार को दिल्ली पुलिस संबंधित मामले की स्टेटस रिपोर्ट लेकर तीसहजारी कोर्ट भी गई, हालांकि दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने बुधवार को हाईकोर्ट में कोई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की बात से इंकार किया है. उधर इस मामले की जांच में जुटी एसआईटी ने सहयोग के लिए लोगों से अपील की है कि किसी के पास अगर घटना से संबंधित कोई मजबूत, तथ्यात्मक जानकारी या वीडियो-सबूत हों तो, वो भी एसआईटी के सामने पहुंचकर अपना पक्ष रख सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि दो नवंबर को हुए तीसहजारी कांड की जांच दो जगह पर हो रही है. एक जांच न्यायिक और दूसरी दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एसआईटी द्वारा की जा रही है. न्यायिक जांच के आदेश घटना के अगले ही दिन दिल्ली हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने दिए थे, जबकि दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने घटना वाले दिन ही क्राइम ब्रांच की एक एसआईटी जांच के लिए गठित कर दी थी. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एसआईटी वक्त-वक्त पर कोर्ट को बताती भी रहती है कि उसकी जांच कितनी हो चुकी है और अभी कितनी बाकी है. सूत्रों के मुताबिक इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने बुधवार को दिल्ली की संबंधित कोर्ट को भी अवगत कराया कि एसआईटी की जांच करीब 60-70 फीसदी तक पूरी कर ली गई है.

दिल्ली पुलिस ने उम्मीद जताई है कि 12 दिसंबर तक वह पूरी जांच रिपोर्ट के साथ अदालत के समझ पेश होने की भरसक कोशिश करेगी. उधर दूसरी ओर जांच में जुटी एसआईटी इन दिनों घटना के गवाह और सबूतों को इकट्ठा करने में युद्धस्तर पर जुटी है. इसी प्रक्रिया के तहत एसआईटी के सहायक पुलिस आयुक्त अरविंद कुमार (स्पेशल ऑपरेशन स्क्वॉड-1 क्राइम ब्रांच रोहिणी सेक्टर-14) द्वारा संबंधित लोगों/पक्षों को एक पत्र भेजा जा रहा है.

इसी आश्य से संबंधित 18 नवंबर को जारी एक पत्र बुधवार को आईएएनएस कार्यालय को भी मिला है. पत्र में संबंधित एसीपी की ओर से आग्रह किया गया है कि अगर किसी के भी पास संबंधित घटना को लेकर कोई गवाह, सबूत या सत्यता को प्रमाणित करता हुआ कोई अन्य तथ्य हो तो वो सीआरपीसी की धारा 91 के तहत क्राइम ब्रांच के कमला मार्केट थाना परिसर में स्थित कार्यालय में या फिर सब्जी मंडी थाने में पहुंचकर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है.

क्राइम ब्रांच के इसी पत्र से यह बात भी जाहिर होती है कि यह पूरी कसरत दिल्ली पुलिस एफआईआर नंबर-269 दिनांक 2 नवंबर 2019 को धारा 86/353/147/148/149/436 आईपीसी और 3/4 यानी सरकारी कामकाज में बाधा पहुंचाने तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कर रही है क्योंकि इसी एफआईआर में दिल्ली पुलिस कर्मचारी की ओर से उस दिन वकीलों द्वारा मचाये गए उपद्रव में हुए नुकसान और मारपीट का जिक्र किया गया है.

First Published : 21 Nov 2019, 03:00:00 AM

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