News Nation Logo

सुवेंदु के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए : कलकत्ता हाईकोर्ट

सुवेंदु के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए : कलकत्ता हाईकोर्ट

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 06 Sep 2021, 08:15:01 PM
Suvendu AdhikariphotoIANS

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

कोलकाता: कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को एक बड़ी राहत देते हुए सोमवार को उनके खिलाफ पांच में से तीन मामलों पर न केवल रोक लगा दी, बल्कि पुलिस से यह भी कहा कि अदालत की अनुमति के बिना अधिकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

अदालत ने पुलिस को अधिकारी से उनकी सुविधा के अनुसार, पूछताछ करने को भी कहा।

न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने पुलिस और सीआईडी को निर्देश दिया कि अदालत की अनुमति के बिना अधिकारी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने उनके अंगरक्षक सुभब्रत चक्रवर्ती की मौत की जांच की कार्यवाही पर भी रोक लगा दी। चक्रवर्ती ने 2018 में कोंटाई पुलिस स्टेशन में कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी।

चक्रवर्ती की मौत ने उस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया था, जब इस साल जुलाई में उनकी पत्नी सुपर्णा चक्रवर्ती ने कोंटाई पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और अपने पति की मौत की जांच की मांग की।

मामले को फिर से खोलने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए न्यायमूर्ति मंथा ने कहा, उन्होंने अपने पति की मौत के तीन साल बाद शिकायत क्यों दर्ज कराई? क्या वह सो रहीं थीं? और अचानक इसे हत्या का दावा क्यों कर दिया और अधिकारी का नाम लिया गया? अदालत चिंतित है, अगर यह केवल अधिकारी को परेशान करने के लिए एक गिरफ्तारी बनती है।

इस मामले के साथ ही, एकल न्यायाधीश की पीठ ने नंदीग्राम में राजनीतिक झड़प और पूर्वी मिदनापुर जिले के पंसकुरा में सोने की चेन स्नेचिंग मामले से संबंधित जांच पर भी रोक लगा दी।

हालांकि, अदालत ने एक पुलिस अधीक्षक को धमकी से संबंधित मामलों की अनुमति दी। इसके अलावा कोलकाता के मानिकतला पुलिस स्टेशन में नौकरी घोटाले का एक और मामला है।

अदालत ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि अधिकारी को विपक्ष के नेता को ध्यान में रखते हुए उनकी सुविधा के अनुसार ही उनसे पूछताछ करनी होगी।

इस बीच, अधिकारी, जिन्हें सीआईडी ने अपने अंगरक्षक की मौत के सिलसिले में सोमवार को तलब किया था, ने जांच एजेंसी को ई-मेल के जरिए बताया कि वह अपने पूर्व निर्धारित राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण उपस्थित नहीं हो पाएंगे।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, यह राज्य सरकार की योजना का हिस्सा है। वे सुवेंदु अधिकारी को बिना वजह परेशान कर रहे हैं। अदालत का फैसला इसे साबित करने के लिए काफी है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 06 Sep 2021, 08:15:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.