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अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुबह 10.30 बजे सुनाएगा फैसला, पांच जजों की संवैधानिक पीठ पढ़ेगी आदेश

देश के सबसे पुराने मामले अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट (Ayodhya Case) शनिवार को फैसला सुनाएगा.

By : Deepak Pandey | Updated on: 08 Nov 2019, 11:58:25 PM
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Photo Credit: न्यूज स्टेट)

नई दिल्ली:

देश के सबसे पुराने मामले अयोध्या केस में सुप्रीम कोर्ट (Ayodhya case) शनिवार को फैसला सुनाएगा. पीटीआई के अनुसार, पांच जजों की संवैधानिक पीठ इस फैसले को पढ़ेगी. जजों की पीठ सुबह 10.30 बजे कोर्ट में बैठेगी और इस बाद फैसला सुनाएगी. सुप्रीम कोर्ट से लेकर पूरे देश की सुरक्षा को लेकर सारे इंतजाम किए गए हैं. 

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अयोध्या के राम मंदिर बाबरी मस्जिद जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट शनिवार को ऐतिहासिक फैसला देने जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी सुनवाई हुई. लगातार 40 दिन संवैधानिक बेंच बैठी और मैराथन सुनवाई के बाद 16 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित कर लिया गया था. अब फैसले की घड़ी आ गई है.उच्चतम न्यायालय राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में शनिवार को फैसला सुनाएगा.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पांच सदस्यीय संविधान पीठ शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे यह फैसला सुनाएगी. संविधान पीठ ने 16 अक्ट्रबर को इस मामले की सुनवाई पूरी की थी. पीठ ने छह अगस्त से लगातार 40 दिन इस मामले में सुनवाई की.

आखिर वो कौन से 10 सवाल हैं जिसको लेकर 40 दिन सुनवाई हुई है और कोर्ट का उस पर फैसला आने वाला है.

  • विवादित स्थल पर मालिकाना हक: सुप्रीम कोर्ट के सामने सबसे अहम सवाल ये है कि 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर मालिकाना हक किसका है.
  • विवादित स्थल पर पोजेशन किसका रहा: इस सवाल का जवाब सुप्रीम कोर्ट से मिलेगा. दोनों पक्षकार का दावा है कि पोजेशन उनका रहा है.
  • भगवान राम का जन्मस्थान: भगवान राम का जन्मस्थान कहां है वह कौन-सी जगह है, जहां भगवान राम पैदा हुए इस बात पर दोनों पक्षकार आमने-सामने हैं.
  • जन्मस्थान ही न्यायिक व्यक्ति: ये एक अहम मुद्दा सामने आया है. जन्मस्थान को ही कानूनी व्यक्ति का दर्जा दिया जाए या नहीं ये भी सवाल सुप्रीम कोर्ट के सामने है.
  • एएसआई की रिपोर्ट: आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट को दोनों पक्षकार अपने फेवर में बता रहे हैं और एक-दूसरे की दलील को नकार रहे हैं ये अहम सवाल है कि रिपोर्ट किसके फेवर में है.
  • विदेशी यात्रियों के यात्रा वृतांत और गजेटियर्स: इस केस में विदेशी यात्रियों के वृतांत और गजेटियर्स में विदादित स्थल के बारे में कई संदर्भ हैं उस पर स्थिति स्पष्ट होगी.
  • खुदाई के अवशेष में मंदिर और मस्जिद के दावे: ये अहम सवाल है कि आखिर जो खुदाई में स्ट्रक्चर मिले थे वह मंदिर के अवशेष थे या नहीं.
  • मंदिर तोड़कर मस्जिद बनी या नहीं: ये भी सवाल उठा है कि मस्जिद जब बनाई गई तो क्या वह मंदिर तोड़कर बनाई गई या मंदिर के स्ट्रक्चर पर बनाई या फिर खाली जमीन पर.
  • विवादित स्थल पर पूजा होता रहा या नमाज या फिर दोनों: इस सवाल पर भी दोनों के अपने-अपने दावे हैं और इन दावों के लिए गवाहों के बयान आदि हैं पर सवाल अहम है.
  • विवादित स्थल पर मूर्ति थी या नहीं: ये भी अहम सवाल है कि आखिर मूर्ति बीच वाले गुंबद के नीचे थी या नहीं.
  • मस्जिद की प्रकृति: ये अहम सवाल है कि क्या मस्जिद में अगर नमाज न पढ़ा जाए तो वह मस्जिद नहीं होता.

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First Published : 08 Nov 2019, 09:11:23 PM