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Supreme Court on judges of the lower courts( Photo Credit : News Nation)
निचली अदालतों के जजों की सुरक्षा मामले पर आज उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में सुनवाई हुई. इस मामले में बोलते हुए उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने कहा कि असम को छोड़कर किसी भी अन्य राज्य ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया है. यहां तक कि गोवा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों ने अब तक जवाब नहीं दाखिल किए. कोर्ट ने राज्यों को जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का वक़्त दिया. कहा - जवाब न देने की सूरत में राज्यों के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत तौर पर पेश होना होगा. कोर्ट ने कहा कि ज़्यादातर राज्यों ने गम्भीरता दिखाने के बजाए सुरक्षा को लेकर खुशनुमा तस्वीर पेश करने की कोशिश की है. क्या कोर्ट में सीसीटीवी लगाने जैसी हरकत से हमला रुक जाएगा?
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कोर्ट ने कहा कि राज्य सुरक्षा को लेकर बनाई गई गाइडलाइन पर अमल किया जाए, ये केंद्र सुनिश्चित करे. केंद्र सरकार राज्यों के डीजीपी/होम सेक्रेट्री की मीटिंग बुलाये. झारखंड में एक जज की संदिग्ध मौत पर संज्ञान लेते हुए SC ने यह सुनवाई शुरू की है. पिछले दिनों निचली अदालतों के जजों पर जानलेवा हमले होते रहे हैं.
कुछ दिनों पहले हुई थी धनबाद में जिला जज की हत्या
हाल ही में हुए धनबाद के जज हत्याकांड मामले में हत्या की साजिश को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी और एक ऑटो से टक्कर मारकर जज की हत्या की गई थी. उनके मौत की ये गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं पाई थी. हालांकि इस बीच आई उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Post-Mortem Report) से बड़ा खुलासा हुआ था और बड़ी बात सामने आई थीं. जिसके अनुसार, न्यायाधीश उत्तम आनंद का जबड़ा और सिर की हड्डी कई जगहों पर टूटी हुई थी. इसके अलावा शरीर पर तीन जगह बाहरी चोट और सात जगह पर अंदरुनी चोट लगी थी. वहीं, सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद वे सड़क किनारे गिर पड़े थे और उनकी मौत हो गई थी. इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के नार्को टेस्ट के लिए भी कोर्ट द्वारा मंजूरी दे दी गई थी.
गिरफ्तार आरोपियों के नार्को टेस्ट को मिली मंजूरी
न्यायाधीश आनंद हत्याकांड में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा के चार तरह के टेस्ट करवाने की इजाजत कोर्ट ने दी थी. जिसके तहत अब पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों के ब्रेन मैपिंग, नार्को टेस्ट (Narco Test) सहित चार अन्य टेस्ट करवाने की बात कही गई थी. ये जानकारी धनबाद (Dhanbad) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजीव कुमार ने दी थी. इसके अलावा जिले के सभी न्यायिक पदाधिकारियों को पुलिस ने सुरक्षा देने की बात कही थी. इस केस की स्टेटस रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी गई थी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा केस की जांच पड़ताल के लिए सीबीआई से अनुशंसा की गई थी. पुलिस इस मामले की छानबीन काफी कड़ाई से कर रही है.
HIGHLIGHTS
- निचली अदालतों के जजों की सुरक्षा पर बोला उच्चतम न्यायालय
- SC ने कहा कि असम के अलावा किसी अन्य राज्य ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया
- कुछ दिनों पहले हुई थी धनबाद में जिला जज की हत्या