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पीएम केयर्स फंड को अवैध बताने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज, कहा- राजनीति से प्रेरित लग रही

सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान अनलिमिटेड कॉलिंग और इंटरनेट, फ्री DTH और नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम फ्री करने की मांग वाली याचिका खारिज कर

News Nation Bureau | Edited By : Aditi Sharma | Updated on: 27 Apr 2020, 02:45:50 PM
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान अनलिमिटेड कॉलिंग और इंटरनेट, फ्री DTH और नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम फ्री करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. जजों ने इस तरह की याचिका दाखिल किए जाने पर आपत्ति भी जाहिर की है. कोर्ट ने इसके अलावा घर-घर जाकर कोरोना टेस्ट की मांग भी खारिज कर दी है. इसके अलावा पीएम केयर्स फंड को अवैध बताने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इंकार किया. कोर्ट की सख्त टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ता से कहा कि आपकी याचिका राजनीति से प्रेरित लग रही है. या तो आप याचिका वापस लीजिए वर्ना हम जुर्माना लगाएंगे.

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वहीं दूसरी तरफ कोरोना वायरस (Coronavirus) से मची त्रासदी से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन (Lockdown) के बीच मजदूरों की आवाजाही के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्‍ती दिखाई है. एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को मामले की जांच करने और दो राज्‍यों के बीच मजदूरों की आवाजाही पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि प्रवासी मजदूरों की आवाजाही नहीं बंद हुई है, इस बात को कैसे सत्‍यापित किया जाएगा. याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि कुछ राज्य सरकारों का कहना है कि वे लोगों को उनके मूल गांवों में वापस भेज देंगे, लेकिन गृह मंत्रालय ने अभी किसी तरह की आवाजाही की अनुमति नहीं दी है.

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जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा, गृह मंत्रालय ने मजदूरों को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं. बीते दिनों गृह मंत्रालय ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग सिस्टम जारी करते हुए कहा था कि मजदूरों को किसी भी प्रकार के अंतर-राज्य आवाजाही की अनुमति नहीं होगी. यह निर्देश जारी करते हुए गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा था कि लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए मजदूरों को कुछ शर्तों के साथ राज्य के भीतर उनके वर्कप्‍लेस पर जाने की अनुमति होगी, जबकि तीन मई तक बढ़ाए गए लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को किसी भी प्रकार के अंतर-राज्य आवाजाही की अनुमति नहीं होगी.

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की मुख्‍यमंत्रियों के साथ मीटिंग से पहले केंद्र सरकार (Central Govt) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) में बताया है कि लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को उनके पैतृक स्थान भेजने की ज़रूरत नहीं है. सरकार का कहना है कि इस तरह का पलायन ग्रामीण इलाकों में भी संक्रमण फैलाने में मदद करेगा, जहां अभी तक संक्रमण नहीं है.

First Published : 27 Apr 2020, 02:27:00 PM

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