News Nation Logo
Quick Heal चुनाव 2022

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, हरियाणा-पंजाब PM का ट्रैवल रिकॉर्ड रखें सुरक्षित

सोमवार को होने वाली सुनवाई तक सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और केन्द्र सरकार की कमेटी को जांच नहीं करने को कहा है. अभी उनकी जांच रुकी रहेगी.

Arvind Singh | Edited By : Vijay Shankar | Updated on: 07 Jan 2022, 12:53:38 PM
PM Narendra Modi Secuirty

PM Narendra Modi Secuirty (Photo Credit: File Photo)

highlights

  • सोमवार को भी पीएम के सुरक्षा उल्लंघन मामले की सुनवाई होगी
  • केंद्र और राज्य से गठित समितियों को सोमवार तक कोई कार्रवाई न करने का आदेश देने को कहा
  • NIA अधिकारी, DGP चंडीगढ़ पीएम के सुरक्षा उल्लंघन की जांच के लिए समिति में हो सकते हैं

दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा के दौरान सुरक्षा चूक की गहन जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की. शीर्ष अदालत ने पंजाब और हरियाणा HC के रजिस्ट्रार जनरल को PM का ट्रैवल रिकॉर्ड लेने का आदेश दिया है. CJI एनवी रमना ने केंद्र और पंजाब सरकार दोनों से कहा कि वे पीएम के सुरक्षा उल्लंघन की जांच के लिए उनके द्वारा गठित समितियों को सोमवार तक कोई कार्रवाई न करने का आदेश दें. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NIA अधिकारी, DGP चंडीगढ़ पीएम के सुरक्षा उल्लंघन की जांच के लिए समिति में हो सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा उल्लंघन की जांच के लिए मौजूदा केंद्रीय समिति में बदलाव करने के केंद्र के सुझाव पर सहमति जताई है. वहीं सुप्रीम कोर्ट सोमवार को भी पीएम के सुरक्षा उल्लंघन मामले की सुनवाई जारी रखेगा. 

यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट ने NEET पीजी काउंसलिंग में 27 फीसदी OBC आरक्षण को दी मंजूरी

CJI ने कहा, "हम पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को पीएम के यात्रा रिकॉर्ड को सुरक्षित और संरक्षित करने का निर्देश देना उचित समझते हैं.  उन्होंने कहा, हम पंजाब पुलिस अधिकारियों, एसपीजी और अन्य एजेंसियों को सहयोग करने और पूरे रिकॉर्ड को सील करने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने का निर्देश देते हैं. सोमवार को होने वाली सुनवाई तक सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और केन्द्र सरकार की कमेटी को जांच नहीं करने को कहा है. अभी उनकी जांच रुकी रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि NIA भी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को सबूत इकट्टा करने में मदद करें. वहीं पंजाब सरकार की ओर से DS पटवालिया ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है.

कमेटी गठित करने की मांग की

उन्होंने कहा कि एक कमेटी का गठन किया जाए. हम उसे सभी सबूत देने को तैयार हैं. सारे सबूत सुरक्षित हैं. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश रमना ने केंद्र से पूछा, यदि आप अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करते हैं, तो क्या वे आपत्ति कर रहे हैं? जवाब में एसजी तुषार मेहता ने कहा, हम कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. पीएम के रूट की योजना कैसे बनाई गई और इस दौरान क्या-क्या बातचीत हुई यह हमारी समिति देख रही है.

20 मिनट तक फंसा रहा था पीएम का काफिला

एनजीओ लॉयर्स वॉयस द्वारा दायर याचिका में सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पंजाब सरकार को उचित निर्देश देने की मांग की गई थी. किसानों द्वारा फ्लाईओवर को अवरुद्ध करने के कारण बुधवार को पीएम मोदी का काफिला पंजाब के एक फ्लाईओवर पर करीब 20 मिनट तक फंसा रहा. निजी कारों को भी काफिले के पास जाते देखा गया था जो एक बड़ी सुरक्षा चूक थी.

First Published : 07 Jan 2022, 12:35:31 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.