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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
तीन तलाक मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह एक गंभीर मामला है और इसकी सुनवाई 5 जजों की संवैधानिक पीठ मई महीने में करेगी। कोर्ट ने इस मामले पर ज़ोर देते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इसे टाला नहीं जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुद्दे से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
इस मामले में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार समेत कई पक्षों ने मुद्दे से जुड़े प्रश्न सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों को कहा है कि वो अपने प्रश्न लिखित भाषा में 30 मार्च तक अटॉर्नी जनरल के पास जमा करा दें।
Triple talaq case: Supreme Court said that this is a very serious issue and needed to be heard.
— ANI (@ANI_news) February 16, 2017
मुख्य न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने साफ किया कि तीन तलाक के मुद्दे पर सिर्फ कानूनी पहलुओं पर ही सुनवाई होगी और अदालत सभी पक्षों की बात ध्यान से सुनेगी। इस मामले पर 11 मई से गर्मियों की छुट्टियों के दौरान कोर्ट सुनवाई शुरू करेगा। वहीं, 30 मार्च को अदालत तीन तलाक, हलाला और बहुविवाह प्रथा के संबंध में विचार के लिए मुद्दे तय करेगी।
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वहीं, सुप्रीम कोर्ट के सामने केंद्र सरकार के प्रश्नों के जवाब में कोर्ट ने कहा कि क्योंकि सरकार के प्रश्न संविधान मामलों से जुड़े हैं ऐसे में संवैधानिक पीठ को ही इनकी सुनवाई करनी चाहिए। पीठ ने कहा कि इस मसले पर सुनवाई के लिए कोर्ट शनिवार और रविवार को भी बैठने के लिए तैयार है क्योंकि यह बहुत ही महत्वपूर्ण मामला है।
वहीं कोर्ट की सुनवाई के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी बयान दिया है और कहा है कि, 'यह संविधान से जुड़ा मामला है। हम आस्था की कद्र करते हैं, पर ऐसी प्रथाएं आस्था नहीं हो सकतीं। पहले ही तीन तलाक को 20 मुस्लिम देशों में प्रतिबंधित किया जा चुका है।'
Constitutional issue;We respect faith, bt such practices can't be faith; It's already banned in 20 muslim countries: RS Prasad #TripleTalaqpic.twitter.com/WEvbwYVx66
— ANI (@ANI_news) February 16, 2017
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Source : News Nation Bureau
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