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उपभोक्ता अदालतों में रिक्तियां : सुप्रीम कोर्ट ने अफसरों से लागत वसूलने की चेतावनी दी

उपभोक्ता अदालतों में रिक्तियां : सुप्रीम कोर्ट ने अफसरों से लागत वसूलने की चेतावनी दी

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 10 Nov 2021, 09:35:01 PM
Supreme Court

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कुछ राज्य सरकारों द्वारा अपने क्षेत्रों में उपभोक्ता अदालतों के लिए रिक्तियों और बुनियादी ढांचे के संबंध में जानकारी पेश करने में विफल रहने पर असंतोष व्यक्त किया।

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत मामले में चूक करने वाले पक्षों पर अदालत का समय बर्बाद करने की इच्छुक नहीं है और राज्य सरकारों को चेतावनी दी है कि वह संबंधित अधिकारियों से एक से दो लाख रुपये की लागत वसूलेगी।

मामले में न्यायमित्र, वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने पीठ के समक्ष दलील दी कि कई राज्य सरकारों - गोवा, दिल्ली, राजस्थान, केरल और पंजाब ने कर्मचारियों के लिए सूचना प्रस्तुत नहीं की है और बिहार ने बुनियादी ढांचे के लिए एक स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

शीर्ष अदालत ने कहा, इससे अदालतों का काफी समय बर्बाद होता है। हम अधिकारियों से लागत वसूली के लिए न्यायिक समय बर्बाद करने वाले राज्यों पर अनुकरणीय लागत लगाएंगे।

पीठ ने राज्य सरकारों से कहा कि रिक्तियों को भरना और पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना उनका काम है।

पीठ ने कहा, तो, राज्यों को कानून के तहत अपना दायित्व निभाने के लिए कहने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की क्या जरूरत है। कृपया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के दायरे की सराहना करें।

सुनवाई के दौरान, समय सारिणी का ध्यान रखने पर जोर देते हुए कहा गया, दुर्भाग्य से यह साधारण कारण सुनवाई को गियर से बाहर कर देता है। हम समय का ध्यान रखने के लिए खुद को अनुशासित नहीं कर पाते।

शीर्ष अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि लोगों की शिकायतों को दूर करने के लिए पदों पर तैनाती की जानी चाहिए।

पीठ ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 1 दिसंबर मुकर्रर की है।

शीर्ष अदालत देशभर में उपभोक्ता अदालतों में रिक्तियों और बुनियादी ढांचे से संबंधित एक स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी।

पिछले महीने, शीर्ष अदालत ने राज्यों से एक सप्ताह के भीतर उपभोक्ता मंचों के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे का विवरण न्यायमित्र (एमिकस क्यूरी) को उपलब्ध कराने के लिए कहा था, और यह भी कहा था कि यदि राज्य ऐसा करने में विफल होते हैं, तो वह संबंधित सचिव की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग करेगी।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 10 Nov 2021, 09:35:01 PM

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