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उमर अब्‍दुल्‍ला पर PSA के खिलाफ सारा अब्‍दुल्‍ला की याचिका पर जम्‍मू-कश्‍मीर प्रशासन को नोटिस जारी

पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने इस मामले में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से 2 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 14 Feb 2020, 02:43:11 PM
उमर अब्‍दुल्‍ला पर PSA के खिलाफ याचिका पर J&K प्रशासन को नोटिस जारी

उमर अब्‍दुल्‍ला पर PSA के खिलाफ याचिका पर J&K प्रशासन को नोटिस जारी (Photo Credit: NewsState)

नई दिल्‍ली:

जम्मू-कश्मीर पब्लिक सेफ्टी एक्ट, 1978 के तहत जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला (Omar Abdulla) की नजरबंदी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जम्‍मू-कश्‍मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया है. पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला की बहन सारा अब्दुल्ला (Sara Abdulla) पायलट ने इस मामले में याचिका दायर की थी. सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से 2 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से जम्‍मू-कश्‍मीर प्रशासन को नोटिस जारी होने के बाद उमर अब्‍दुल्‍ला की बहन सारा अब्दुल्ला ने कहा, हम इस बात से आशान्वित थे कि यह बंदी प्रत्यक्षीकरण का मामला है, इसलिए जल्‍द ही राहत मिल जाएगी. हमें न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है. हम यहां हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि सभी कश्मीरियों को भारत के सभी नागरिकों के समान अधिकार होना चाहिए और हम उस दिन की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने उमर अब्‍दुल्‍ला को हिरासत में लिए जाने का कारण पूछा और 2 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी जवाब देने को कहा है. सारा अब्‍दुल्‍ला की याचिका की पैरवी करते हुए वकील कपिल सिब्‍बल ने कहा, लंबे समय से उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखा गया है. इस पर कोर्ट ने पूछा, इसका आधार क्‍या है तो कपिल सिब्बल ने कहा, लोक सुरक्षा कानून के मुताबिक उन्हें हिरासत में रखा गया है.

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कपिल सिब्‍बल की बार-बार उमर अब्‍दुल्‍ला को रिहा किए जाने की अपील किए जाने के बाद भी कोर्ट ने इसे नहीं माना. कोर्ट ने कहा, लंबे समय से हिरासत में हैं तो कुछ और समय इंतजार कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्‍या इस रिहाई के लिए हाई कोर्ट में अपील की गई है?

मामले की अगली सुनवाई 2 मार्च को होगी. सुनवाई जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की बेंच ने की. सारा अब्दुल्ला ने PSA के तहत हिरासत में रखे गए उमर अब्‍दुल्‍ला को रिहा करने की मांग की है. 5 अगस्त, 2019 से सीआरपीसी की धारा 107 के तहत उमर अब्‍दुल्‍ला हिरासत में थे. 5 फरवरी 2020 को उमर अब्दुल्ला की छह महीने की एहतियातन हिरासत अवधि खत्म हो रही थी, लेकिन इस बीच पब्‍लिक सेफ्टी एक्‍ट के तहत हिरासत में ले लिया गया.

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सुप्रीम कोर्ट ने सारा अब्‍दुल्‍ला की ओर से पेश हुए वकील कपिल सिब्‍बल के उस अनुरोध को ठुकरा दिया, जिसमें उन्‍होंने अगले हफ्ते ही सुनवाई की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट उमर अब्दुल्ला की हिरासत की वैधता का परीक्षण करेगा. उमर अब्दुल्ला पर अनुच्छेद 370 को खत्म करने के केंद्र के फैसले का विरोध करने और "राष्ट्र की एकता और अखंडता के खिलाफ ट्विटर पर लोगों को उकसाना" शामिल है.

First Published : 14 Feb 2020, 02:14:49 PM

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