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इसरो के कार्यक्रम की जगह बदलने के प्रस्ताव का छात्रों ने किया विरोध

इसरो के कार्यक्रम की जगह बदलने के प्रस्ताव का छात्रों ने किया विरोध

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 01 Dec 2021, 09:55:02 PM
Student body

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

बेंगलुरु:   भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को कर्नाटक से गुजरात स्थानांतरित किए जाने की अफवाहों की निंदा करते हुए सैकड़ों छात्रों ने बुधवार को यहां भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के बैनर तले प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने आंदोलन की अगुवाई करते हुए कहा, इसरो संस्थान कर्नाटक का गौरव है, जो एक ज्ञान और तकनीकी आधारित केंद्र है। हमें इसे स्थानांतरित होने से बचाना है।

मेरे पास यह साबित करने के लिए दस्तावेज हैं कि परियोजना को गुजरात में स्थानांतरित किया जा रहा है। उन्होंने भर्ती क्यों रोक दी है? उन्होंने आगे की गतिविधियों को क्यों रोक दिया है? वेबसाइट पर इसके बारे में बहुत सारी जानकारी है। इसरो को खुले में आने दें और स्पष्ट करें कि भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को गुजरात स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है।

मैं इसरो अध्यक्ष के. सिवन के इस बयान की निंदा करता हूं कि जब वे भारत के लिए काम करते हैं तो जगह मायने नहीं रखती। उन्हें राजनीतिक आकाओं और प्रधानमंत्री के निर्देश के अनुसार काम करना है। उन्हें अपना बयान वापस लेना चाहिए।

इसरो के भीतर जो हो रहा है, उसके संबंध में हमें आंतरिक इनपुट मिले हैं। मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को पत्र लिखा है। मैं राज्य के सभी 25 भाजपा सांसदों, 12 राज्यसभा सदस्यों से प्रधानमंत्री से मिलने और इसरो को गुजरात में स्थानांतरित करने से रोकने का आग्रह करता हूं।

उन्होंने आगे कहा, अगर हम इस कार्यक्रम को स्थानांतरित होने देते हैं, तो यह राज्य के स्वाभिमान को बेचने के समान है। यह संस्थान छात्रों का भविष्य है। यह भारत का ज्ञान आधार केंद्र है। दस्तावेज बताते हैं कि इसरो का चरण दर चरण निजीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो सभी कॉलेजों के छात्र विरोध करेंगे। अगर वे शिफ्ट करना चाहते हैं, तो उन्हें कर्नाटक के मंगलुरु या कारवार शहरों में स्थानांतरित करने दें।

परियोजना को गुजरात स्थानांतरित करने के विरोध में प्रदर्शन करने पर छात्रों को गिरफ्तारी की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा, हमें गिरफ्तारी और पुलिस से भी डर नहीं है। हम राज्य की भलाई के लिए जो जरूरी है, वह करने के लिए तैयार हैं।

शिवकुमार ने भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के कथित स्थानांतरण पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को पत्र लिखा था।

अपने पत्र में उन्होंने बताया कि भारतीय मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को इसरो द्वारा 2007 में शुरू किया गया था, ताकि क्रू ऑर्बिटल स्पेस-क्राफ्ट को लो अर्थ ऑर्बिट में लॉन्च करने के लिए आवश्यक तकनीक विकसित की जा सके। यह गगनयान परियोजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है।

एजेंसी ने स्वदेशी जीएसएलवी-इन रॉकेट पर पहली उड़ान की भी योजना बनाई है। यह यदि निर्धारित समय में पूरा हो जाता है, तो भारत अमेरिका, सोवियत संघ और चीन के बाद स्वतंत्र अंतरिक्ष-उड़ान शुरू करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।

उन्होंने कहा, आप जानते हैं कि कर्नाटक के लोग बहुत भावुक होते हैं और राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुड़ जाते हैं और जब कर्नाटक इस तरह के कार्यक्रमों की मेजबानी करता है, तो गर्व महसूस होता है।

उन्होंने अपने पत्र में मांग की कि कार्यक्रम को कर्नाटक से गुजरात स्थानांतरित करने का प्रस्ताव वापस लिया जाए।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 01 Dec 2021, 09:55:02 PM

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