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शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने आयोध्या के राम मंदिर विवाद को बातचीत से सुलझाने का समर्थन किया है। बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक में कई तीन तलाक और गौहत्या जैसे तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बोर्ड ने गौहत्या को गलत करार देते हुए उसेपर रोक लगाए जाने का समर्थन किया है। गौहत्या पर लागए जाने वाले प्रतिबंध को बोर्ड ने उचित ठहराया है।
हाल ही में गोहत्या पर सर्वोच्च शिया धर्मगुरू मराजे कराम ने फतवा जारी किया था। उन्होंने इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। बोर्ड ने बैठक में इस मुद्दे पर भी विचार किया।
तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस पर भी विचार किया गया। बोर्ड का कहना है कि इस पर रोक लगाई जानी चाहिये ताकि इस प्रथा को खत्म किया जा सके।
केंद्र सरकार ट्रिपल तलाक हटाने के पक्ष में है। वहीं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) इसे मुस्लिम धर्म में हस्तक्षेप मान रहा है। ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर 27 मार्च को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा था। जिसमें उसने ट्रिपल तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा के खिलाफ दी गई दलीलों को रद्द करने की मांग की है।
बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में दिये अपने जवाब में कहा था कि ट्रिपल तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा के खिलाफ दी गई दलीलों को लागू नहीं किया जा सकता है। साथ ही यह भी कहा था कि ट्रिपल तलाक के खिलाफ किसी भी तरह का आदेश उनके धार्मिक परंपराओं को मानने और उसका पालन करने में दखल होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेज दिया है। संवैधानिक पीठ ट्रिपल तलाक पर विश्लेषण कर सुनवाई के मुद्दे तय करेगी। संवैधानिक पीठ अब इस मसले की सुनवाई 11 मई से करेगी।
Source : News Nation Bureau
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