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सीएम नीतीश से नाराज़ शरद यादव, दिल्ली मेगा शो में राहुल, अखिलेश के साथ करेंगे शक्ति प्रदर्शन

शरद यादव के मुताबिक इस देश की साझा विरासत बचाने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है।

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Kumar | Updated on: 17 Aug 2017, 09:30:41 AM
शरद यादव (पीटीआई)

शरद यादव (पीटीआई)

highlights

  • जेडीयू के बाग़ी नेता शरद यादव ने गुरुवार को शीर्ष नेताओं की बैठक बुलाई है
  • इस बैठक में मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और सीताराम येचुरी सहित विपक्ष के शीर्ष नेता शामिल होंगे
  • देश की साझा विरासत बचाने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है

नई दिल्ली:

जेडीयू (जनता दल युनाइटेड) के बाग़ी नेता शरद यादव ने गुरुवार को शीर्ष नेताओं की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और सीताराम येचुरी सहित विपक्ष के शीर्ष नेता शामिल होंगे। शरद यादव के मुताबिक इस देश की साझा विरासत बचाने के लिए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है।

शरद यादव ने बताया कि बैठक में कांग्रेस, सीपीआई, एसपी, तृणमूल कांग्रेस, बीएसपी और राकांपा (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) सहित कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि ये आयोजन जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ गठबंधन के फैसले के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन है।

शरद यादव ने एक संवाददाता सम्मेलन में, नीतीश कुमार से अपने मतभेदों और भविष्य के राजनीतिक कदम के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने दावा किया कि यह आयोजन किसी के खिलाफ नहीं बल्कि देश के हित में है। यादव ने जोर दिया कि 'साझा विरासत' संविधान की आत्मा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके साथ 'छेडछाड' की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों का देश भर में आयोजन किया जायेगा।

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जदयू के पूर्व अध्यक्ष यादव ने कहा कि इस आयोजन के लिये फैसला हफ्तों पहले लिया गया था जब उनकी पार्टी विपक्षी समूह का हिस्सा थी। उन्होंने कहा, 'साझा विरासत बचाओ सम्मेलन किसी के खिलाफ नहीं बल्कि देशहित में है। यह देश के 125 करोड़ लोगों के हित में है।'

उन्होंने रोहित वेमुला की आत्महत्या, जेएनयू छात्र नजीब अहमद के लापता होने, देश भर में किसानों की आत्महत्या आदि मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि वंचित लोगों के लिए स्थिति काफी कठिन है। आस्था के नाम पर हिंसा के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का समर्थन करते हुये यादव ने कहा कि यह जमीन पर नजर नहीं आता और मोदी को अपनी पार्टी की सरकारों को यह बताने की जरूरत है कि वह उनके आदेशों का पालन करें।

इस बीच जेडीयू ने कहा है कि शरद यादव को 'दागी नेताओं' के साथ नहीं जाना चाहिए। बता दें कि जेडीयू ने उन्हें राज्यसभा में अपने संसदीय दल के नेता के पद से हटा दिया है। यादव के साथ राज्यसभा सदस्य अली अनवर अंसारी भी थे जिन्हें पार्टी ने संसदीय दल से निलंबित कर दिया है। पार्टी महासचिव के पद से हटाए गए अरूण श्रीवास्तव भी शरद यादव के साथ मौजूद थे।

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शरद यादव ने एक बयान में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद और अहमद पटेल, माकपा से येचुरी, एसपी से अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव और नरेश अग्रवाल, आरजेडी से मनोज झा, नेकां (नेश्नल कांफ्रेंस) से फारूक अब्दुल्ला और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने बैठक में शामिल होने की पुष्टि कर दी है।

इन नेताओं के अलावा भाकपा से डी राजा, तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय, रालोद से अजित सिंह राकांपा से तारिक अनवर और बीएसपी से वीर सिंह भी बैठक में शामिल होंगे। किसानों, दलितों और समाज के अन्य तबकों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल होंगे।

जेडीयू प्रवक्ता के सी त्यागी ने शरद यादव द्वारा विपक्षी नेताओं को आमंत्रित करने के कदम को तवज्जो नहीं दिया और कहा कि 'साझा विरासत बचाने' को लेकर बैठक किए जाने पर किसी को आपत्ति नहीं होगी।

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First Published : 17 Aug 2017, 09:21:47 AM

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