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किसान संगठनों ने कल किया भारत बंद का ऐलान, जानें क्या है उनकी 10 बड़ी मांगे

आज लगातार तीसरे दिन भी किसानों का आंदोलन जारी है. हरियाणा-पंजाब सीमाओं पर किसानों का भारी हुजूम मौजूद है. वहीं व्यवस्थान बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात है. इस आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार द्वारा कई बार वार्ता की कोशिश की गई है.

Updated on: 15 Feb 2024, 05:07 PM

नई दिल्ली :

आज लगातार तीसरे दिन भी किसानों का आंदोलन जारी है. हरियाणा-पंजाब सीमाओं पर किसानों का भारी हुजूम मौजूद है. वहीं व्यवस्थान बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात है. इस आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार द्वारा कई बार वार्ता की कोशिश की गई है, मगर बावजूद इसके अबतक कोई रास्त नहीं निकला है. इसी बीच खबर है कि, संयुक्त किसान मोर्चा ने अन्य किसान संगठनों और किसानों के साथ मिलकर भारत बंद का ऐलान किया है. मिली जानकारी के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य ट्रेड यूनियनों की ओर से बुलाया गया भारत बंद, 16 फरवरी को सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक जारी रहेगा.

क्या चाहते हैं किसान?

गौरतलब है कि, किसानों का ये आंदोलन अपनी उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य या एमएसपी की गारंटी देने वाले कानून की मांग के साथ शुरू किया गया है. ऐसे में खबर में आगे इस आंदोलन से जुड़ी किसानों की कुछ मांगों के बारे में विस्तार से जानते हैं...

1. किसानों की मांग है कि, फसलों की खरीद के लिए एमएसपी गारंटी कानून तैयार किया जाए.

2.  किसानों की मांग है कि, फसलों की कीम डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से तय की जाए. साथ ही सभी फसलों के उत्पादन की औसत लागत से पचास फीसदी ज्यादा एमएसपी मिले. 

3. किसान की मुख्य मांगों में खेत में काम करने वाले मजदूरों का कर्जा माफ करने और किसानों को प्रदूषण कानून से बाहर रखने की मांग की गई है. 

4. इसके साथ ही वे किसान जिनकी उम्र 60 साल से ज्यादा है, उन्हें 10 हजार रुपये पेंशन दी जाए.

5. किसानों का कहना है कि, भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को दोबारा लागू किया जाए.

6. साथ ही साथ, लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा भी दी जाए और मामले में आरोपियों की जमानत को रद्द किया जाए.

7. विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द करने के साथ ही मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए.

9. किसानों ने मनरेगा में हर साल 200 दिन का काम और 700 रुपये मजदूरी की भी मांग की है. 

10. आखिर में किसान आंदोलन में मृत किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी की भी मांग की गई है.