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10 अगस्त को दिल्ली में संतों की बड़ी बैठक होगी, 60 से 70 देशों के मुख्य संत इस बैठक भाग लेंगे. यह बैठक एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में होगी. जहां देश-विदेश से आए साधू-संत अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बैठक करेंगे. कई देशों से आए दुनिया के प्रमुख संत इस बैठक में राम मंदिर, सबरीमाला विषय , राम सेतु रक्षा विषय , मठ मंदिरों में सरकारी हस्तक्षेप , धर्मांतरण रोकने का विषय , कश्मीरी पंडितों की वापसी को लेकर भी चर्चा और जम्मू-कश्मीर में तोड़े गए 435 मंदिर आदि विषयों पर चर्चा करेंगे.
आपको बता दें कि अयोध्या केस में संविधान पीठ सप्ताह में पांचों दिन (सोमवार से लेकर शुक्रवार तक) सुनवाई करेगी. आमतौर पर संविधान पीठ हफ्ते में सिर्फ तीन दिन (मंगलवार, बुधवार और गुरुवार) को सुनवाई करती है. लेकिन परंपरा से हटकर सुप्रीम कोर्ट अब पांचों दिन सुनवाई करेगा. यानि अब ये उम्मीद है कि 17 नवंबर को रिटायर हो रहे चीफ जस्टिस के कार्यकाल में ही अयोध्या पर फैसला आ सकता है.
आपको बता दें कि अयोध्या मामले में आज सुनवाई का तीसरा दिन है. निर्मोही अखाड़े की ओर से के परासरन दलीलें रख रहे है. उन्होंने कहा- इसमे कोई दो राय नहीं कि
विवादित जगह ही जन्मस्थान है. हिन्दू और मुस्लिम दोनों इसे मानते हैं. सुनवाई के दौरान जस्टिस अशोक भूषण ने परासरन से पूछा- क्या जन्मस्थान को भी जीवित
व्यक्ति का दर्जा देते हुए मामले में पक्षकार बनाया जा सकता है. हम जानते है कि मूर्ति (देवता) को कानूनन जीवित व्यक्ति का दर्जा हासिल है, लेकिन जन्मस्थान को
लेकर क्या कानून है.
Source : न्यूज स्टेट ब्यूरो
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