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केंद्र को ट्रेन सेवाओं के निजीकरण की योजना को रद्द करना चाहिए : पीएमके

केंद्र को ट्रेन सेवाओं के निजीकरण की योजना को रद्द करना चाहिए : पीएमके

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 20 Nov 2021, 05:10:01 PM
S Ramado

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

चेन्नई: पीएमके के संस्थापक एस. रामदास ने शनिवार को कहा कि तमिलनाडु के भीतर चलने वाली 13 ट्रेनों के लिए निजी निवेशकों को लाने में विफल रहने के बाद केंद्र को ट्रेन सेवाओं के निजीकरण के अपने प्रयास को बंद कर देना चाहिए।

रामदास ने कहा कि किसी भी निजी पार्टी ने चेन्नई से त्रिची/मदुरै/तिरुनेलवेली/कन्याकुमारी/कोयंबटूर/दिल्ली/मुंबई/कोलकाता/जयपुर/हैदराबाद/बेंगलुरु और कन्याकुमारी से एर्नाकुलम के लिए एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में रुचि नहीं दिखाई है।

रामदास ने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर निजी क्षेत्र ने 95 प्रतिशत से अधिक ट्रेनों के लिए बोली लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

उन्होंने कहा कि यात्री ट्रेन सेवाओं के निजीकरण से किराए में वृद्धि होगी, जिसका असर गरीबों पर पड़ेगा।

वर्तमान में, यात्री किराए का 47 प्रतिशत माल ढुलाई द्वारा क्रॉस-सब्सिडी दिया जाता है और यदि ट्रेनों का निजीकरण किया जाता है, तो बोली लगाने वाले को लाभ अर्जित करना है, जिससे यात्री किराए में कम से कम 70 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

रामदास ने कहा कि भारतीय रेलवे के साथ निजी पार्टी द्वारा राजस्व साझा करने और केवल 10 प्रतिशत ट्रेनों का निजीकरण करने जैसी स्थितियों ने निजी क्षेत्र को रुचि दिखाने से रोक दिया है।

पीएमके नेता ने कहा कि सरकार को दो शर्तों में ढील देने के बजाय ट्रेन सेवाओं के निजीकरण की अपनी योजना को रद्द कर देना चाहिए।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 20 Nov 2021, 05:10:01 PM

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