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सिखों को सेना से हटाने का दावा करने वाला फर्जी वीडियो पाकिस्तान से जारी हुआ था

सिखों को सेना से हटाने का दावा करने वाला फर्जी वीडियो पाकिस्तान से जारी हुआ था

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 09 Jan 2022, 12:10:01 AM
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(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तान से एक छेड़छाड़ करके बदले गए वीडियो की उत्पत्ति का पता लगाया है, जिसमें कथित तौर पर यह दावा किया गया था कि सुरक्षा पर कैबिनेट समिति की बैठक में भारतीय सेना में सेवारत सभी सिख सैनिकों को हटाने का आह्वान किया गया है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि दुर्भावनापूर्ण सामग्री (कंटेंट) का प्रचार करने के लिए इस्तेमाल किए गए अकाउंट्स का इस्तेमाल पाकिस्तान से किया जा रहा था।

सोशल मीडिया पर वीडियो के सामने आने के बाद, दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट द्वारा इसकी तथ्य-जांच की गई, जिसमें पाया गया कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है और एक वॉयस ओवर लगाया गया था, जिसमें कथित व्यक्तियों ने यह दिखाने की कोशिश की कि बैठक सिख समुदाय के खिलाफ थी।

डीसीपी (साइबर क्राइम) के. पी. एस. मल्होत्रा ने पहले बताया था कि दरअसल, वीडियो उस दिन शूट किया गया था, जब एक उच्च स्तरीय समिति चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दे रही थी।

8 दिसंबर, 2021 को तमिलनाडु में नीलगिरि पहाड़ियों के पास एक सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें जनरल रावत सहित 14 लोगों की मौत हो गई थी।

धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य या शत्रुता को बढ़ावा देने का ऐसा कार्य सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रतिकूल है और सार्वजनिक शांति को भंग कर सकता है। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए के तहत भी अपराध है।

बार-बार यह नोट किया गया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से फैली भारत विरोधी सामग्री का मूल अक्सर पाकिस्तान में सीमा पार से ही देखने को मिलता है।

प्राथमिक रूप से तकनीकी जांच के दौरान, यह पाया गया कि ऐसे कई अकाउंट थे, जिन्होंने एक ही वीडियो को समान सामग्री और एक ही हैशटैग के साथ ट्वीट किया था।

सूत्रों ने कहा, सभी अकाउंट्स अक्टूबर 2021 और दिसंबर 2021 के बीच बनाए गए थे। तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि ये अकाउंट एक ही ब्राउजर से संचालित किए जा रहे थे।

मल्टीलॉगिन मिमिक ब्राउजर और स्टील्थफॉक्स ब्राउजर प्रदान करता है, जिसमें मल्टी सेशन और प्राइवेट सेशन की विशेषताएं हैं।

प्रारंभिक जांच के बाद, पाकिस्तान से संचालित होने वाले ट्विटर पर लगभग 46 अकाउंट्स को अवरुद्ध कर दिया गया है।

21 दिसंबर को केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 20 यूट्यूब चैनलों और वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जो उस समय जारी किए गए आदेशों के अनुसार, भारत के खिलाफ प्रचार और दुष्प्रचार का एक ठोस अभियान चला रहे थे।

चैनल द नया पाकिस्तान ग्रुप (एनपीजी) द्वारा लॉन्च किए गए थे, जिसके पास कम से कम 35 लाख के संयुक्त ग्राहक आधार के साथ यूट्यूब चैनलों का एक नेटवर्क है। मंत्रालय ने कहा था कि उनके वीडियो को 55 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है।

केंद्र द्वारा प्रतिबंधित 20 चैनलों में द पंच लाइन, इंटरनेशनल वेब न्यूज, खालसा टीवी, द नेकेड ट्रुथ, न्यूज 24, 48 न्यूज, फिक्शनल हिस्टोरिकल फैक्ट्स, पंजाब वायरल, नया पाकिस्तान ग्लोबल और कवर स्टोरी शामिल हैं।

इसके अलावा कश्मीर ग्लोबल और कश्मीर वॉच भी प्रतिबंधित वेबसाइटों में शामिल हैं।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 09 Jan 2022, 12:10:01 AM

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