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बंगाल की सियासत को लेकर 'दीदी' पर हमलावर हुए योगी-राजनाथ सिंह, बोले- अराजकता...

क्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि, सीएम बनर्जी के शासन में राज्य में अराजकता का माहौल बन गया है.

Updated on: 21 Apr 2024, 03:48 PM

नई दिल्ली:

Rajnath Singh attack Mamta Banerjee: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि, सीएम बनर्जी के शासन में राज्य में अराजकता का माहौल बन गया है. गौरतलब है कि, रक्षा मंत्री सिंह रविवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में एक रैली को संबोधित कर रहे थे, इस दौरान उन्होंने ममता पर आरोप लगाया कि, एक महिला के राज्य की मुख्यमंत्री होने के बावजूद संदेशखाली जैसी घटनाएं हुईं. राजनाथ सिंह ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है.

उन्होंने कहा कि, ''पूरे पश्चिम बंगाल में अराजकता का माहौल है और यह अपराध के लिए जाना जाता है. पश्चिम बंगाल की धरती पर संदेशखाली जैसी घटनाएं होती रहती हैं... मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस बार अगर यहां भाजपा की सरकार बनेगी तो हम देखेंगे कि कौन संदेशखाली जैसी घटना को दोहराने का साहस करता है.''

राजनाथ सिंह ने कहा कि, पश्चिम बंगाल में जांच के लिए आए प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई अधिकारियों पर गुंडों द्वारा हमला किया गया. संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार के आरोपों पर दुनिया भर के लोग शर्मिंदा हुए. उन्होंने कहा कि, बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में कुछ स्थानीय टीएमसी नेताओं पर महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा करने का आरोप लगाया गया है. 

योगी आदित्यनाथ ने भी साधा निशाना

इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक इंटरव्यू में कहा कि, मुर्शिदाबाद में रामनवमी पर हुई हिंसा ममता बनर्जी की तुष्टीकरण की राजनीति का नतीजा थी. उन्होंने कहा कि, “यह तुष्टिकरण की नीतियों का प्रतिकूल प्रभाव है. अभी रामनवमी का मौका हो या उससे पहले होली का, पश्चिम बंगाल के साथ-साथ गैर-भाजपा शासित राज्यों में हुए दंगे बहुसंख्यक समाज की भावनाओं और वोट बैंक के साथ खिलवाड़ का उदाहरण हैं. तुष्टीकरण के नाम पर राजनीति. रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल में रामनवमी के जुलूस पर फिर हमले हुए.''

उन्होंने कहा कि, “यह चिंता का विषय है और देश के लोगों के लिए एक संदेश भी है कि जब ये लोग शांतिपूर्ण जुलूसों की सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं, तो वे हमारी बहनों-बेटियों और आम नागरिकों को कैसे सुरक्षा प्रदान कर पाएंगे?”