कार्यक्रम के दौरान एक मंच पर शरद पवार और पीएम मोदी (फाइल फोटो)
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और कई कंपनियों में ताले लग जाना, यानी हर मोर्चे पर विफलता के कारण देश की जनभावना भारतीय जनता पार्टी शासित केंद्र सरकार के खिलाफ है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, 'समूचे देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, कृषि क्षेत्र संकट में है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, महंगाई चरम पर है वित्तीय क्षेत्र असफल हो रहा है और गरीब तबका बहुत परेशान है। पब्लिक का मूड सरकार के खिलाफ है। ऐसे में हमें अगले चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए।'
उन्होंने कहा कि कपड़ा बनाने वाली 67 कंपनियां बंद हो गई हैं, 17,600 लोग बेरोजगार हो गए हैं। लारसन एंड टर्बो, इन्फोसिस और सुजलोन जैसी कंपनियों ने 17,000 कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। आने वाले दिन देश के लिए बेहद मुश्किलों भरे होंगे।
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एनसीपी अध्यक्ष ने कहा, 'लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात प्रकट करने का अधिकार है सरकार को उन्हें नोटिस भेजकर धमकाना नहीं चाहिए और उनकी निजी स्वतंत्रता छीनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।'
पवार ने कहा कि आज आलम यह है कि लोग सोशल मीडिया पर अपनी खींझ प्रकट कर रहे हैं और जवाब में सरकार उन्हें पुलिस नोटिस भेज रही है। पवार ने 5 नवंबर को औरंगावाद में किसान संगठनों के सम्मेलन की घोषणा की।
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Source : IANS
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