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बैठक के बाद बोले तोमर- MSP जारी रहेगी, सरकार शंका का करेगी समाधान

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 10वां दिन है. इस महीने में दो बार वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने 8 दिसंबर को 'भारत बंद' का ऐलान किया है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 05 Dec 2020, 06:46:01 PM
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किसानों का आंदोलन (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का आज 10वां दिन है. इस महीने में दो बार वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने 8 दिसंबर को 'भारत बंद' का ऐलान किया है. हालांकि किसानों के मसले का समाधान करने के लिए सरकार भी प्रयासरत है. आज एक बार फिर किसानों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री वार्ता करेंगे. माना जा रहा है कि सरकार ने गतिरोध खत्म करने के लिए उन प्रावधानों का संभावित हल तैयार कर लिया है, जिन पर किसानों को ऐतराज है. कहा जा रहा है कि सरकार किसानों को लिखित आश्वासन दे सकती है. 

यूपी दिल्ली बॉर्डर पर किसानों ने एक बार फिर एनएच-9 पर टेंट लगाने की कोशिश की. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर टेंट को हटवाया. इस दौरान पुलिस और किसानों के साथ तीखी नोकझोंक हुई. किसान खुले में ठंड से बचने और सोने के लिए टेंट लगा रहे थे.

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान नेताओं के साथ 5वें दौर की वार्ता हुई. हमने कहा है कि MSP जारी रहेगी, फिर भी शंका है तो सरकार समाधान करेगी. APMC में सरकार किसी भी स्टार पर हस्तक्षेप नहींं करेगी, ये राज्य सरकार का विषय है.

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच अगले दौर की बैठक 9 दिसंबर को होगी.

किसानों और सरकार के बीच वार्ता खत्म हो गई है. सोमवार को फिर अलगी बैठक हो सकती है.

विज्ञान भवन की बैठक में किसान नेता तख्ती लेकर बैठे. सोमवार को एक बार फिर बैठक हो सकती है.

सिंघु बॉर्डर पहुंचे सिंगर दिलजीत दोसांझ ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया. 


विज्ञान भवन में मीटिंग के दौरान किसानों ने लंगर से खाना मंगवाया और नीचे फर्श पर बैठकर खाया.

केंद्र सरकार के साथ पांचवें दौर की बातचीत में मौजूद किसान नेताओं ने भोजन किया, जिसे वे कार्यक्रम स्थल तक ले गए थे. 


ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी किसानों का एक समूह जबकि वे दिल्ली की ओर आने के लिए बैरिकेड को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे.


सूत्रों के मुताबिक, विज्ञान भवन में किसानों ने कनाडा की सरकार के विषय में बात की. किसानों ने कहा कि कनाडा में किसानों की समस्या पर चर्चा हो रही है, लेकिन हमारी सरकार न तो संसद में चर्चा करती है और न ही हमारी मांग मान रही है.

किसानों के आंदोलन पर राघव चड्ढा ने कहा कि रोजाना हम देख रहे हैं कि ये बैठक कर रहे हैं, इतनी सरल मांगे हैं तो रोज बैठक करने का क्या मतलब है. जिस प्रकार से आप रोज बैठक किए जा रहे हैं, उससे आपके नियत पर सवाल खड़ा होता है. अपनी नियत को साफ रखें और देश के किसानों की बात मानें.

विज्ञान भवन में 5वें दौर की वार्ता के दौरान किसान प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से पिछली बैठक का एक बिंदुवार लिखित उत्तर देने को कहा, जिसके लिए सरकार ने सहमति व्यक्त की है.

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि किसानों का गलतफहमी में आंदोलन करना सही नहीं है, ये कानून किसानों के हित में हैं. जानबूझकर विपक्ष किसानों को भटका रहा है, सरकार बातचीत कर रही है और कोई न कोई मार्ग निकलेगा. 

विज्ञान भवन में सरकार के साथ जारी बैठक के बीच सिंघु बॉर्डर पर किसानों का हंगामा शुरू हो गया है. किसानों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की गई.

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी विज्ञान भवन पहुंच गए हैं.

किसान नेताओं की बस विज्ञान भवन पहुंच गई है. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर 2 बजे किसान नेताओं के साथ बैठक करेंगे.


चिल्ला बॉर्डर पर किसानों का गजब तेवर देखने को मिला है. खाना, समान और समर्थन लेकर आये समाजवादी पार्टी के लोगों को किसानों ने वापस भेज दिया. समाजवादी पार्टी के लोगों ने अपनी गाड़ी पर लगे झंडे को पहले हटाया या कपड़े से ढक दिया. उसके बावजूद किसानों ने उनका कोई भी सामान वापस लेने से इनकार कर दिया.

कृषि कानूनों पर सरकार से बात करने के लिए किसान नेता रवाना हो गए हैं.

केंद्र सरकार को भी किसानों को विश्वास में लेकर कोई कानून बनाना चाहिए, लेकिन किसान आंदोलन के आड़ में खालिस्तान मूवमेंट, शाहीनबाग आदि देश विरोधी गैंग को अपना हित साधने में लगे हुए हैं- स्वामी चक्रपाणि 

अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कहा कि देश के किसान अन्नदाता है, उनका लोकतांत्रिक मांग विचार रखने का अधिकार है.

पीएम मोदी और अमित शाह की क्लोज डोर मीटिंग अभी भी पीएम आवास पर चल रही है.

किसानों के आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री आवास पर चल रही उच्चस्तरीय बैठक खत्म हो गई है.

आज केंद्र सरकार के साथ कृषि कानूनों पर होने वाली बैठक पर किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह ने कहा कि आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी. आज बैठक में कोई और बात नहीं होगी, कानूनों को रद्द करने के लिए ही बात होगी.

किसान आंदोलन पर उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी प्रधानमंत्री के आवास पर पहुंचे हैं.

चिल्ला बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है. सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है. 

किसानों से बैठक से पहले प्रधानमंत्री आवास पर हाई लेवल मीटिंग हो रही है. अमित शाह, राजनाथ सिंह, नरेंद्र  तोमर पीएम आवास पहुंचे हैं.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू  यूपी-दिल्ली बॉर्डर किसानों के बीच पहुंचे हैं. अजय कुमार लल्लू ने किसानों के साथ बैठकर हवन पूजन किया.

किसानों के साथ बातचीत से पहले केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं आशावान हूं कि निश्चित रूप से किसान सकारात्मक दिशा में सोचेंगे और आंदोलन का रास्ता छोड़ेंगे.

कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार बार-बार तारीख दे रही है, सभी संगठनों ने एकमत से फैसला लिया है कि आज बातचीत का आखिरी दिन है.

किसान के हाथ का उगा अनाज तो सब खाते ही हैं, लेकिन मोहाली से आए किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर परांठो का ऐसा लंगर लगाया है कि बड़े बड़े लंगरों के स्टाल के बाद भी 26 तारीख से आज तक यहां भारी भीड़ लगती है. दोनों टाइम के इस लंगर में सारे किसान ही अलग अलग जगह से चीजों का इंतजाम करके लंगर लगा रहे हैं.

 गाजियाबाद में एनएच-9 यूपी दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के चल रहे प्रदर्शन के चलते एलिवेटेड रोड को बंद किया गया है. 

सरकार के साथ होने वाली बैठक से पहले नेता कुलदीप सिंह बजिदपुर ने साफ कहा है कि कानून रदद् करने से कम पर आंदोलन खत्म नहीं होगा.

ठंड लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन किसानों का जोश ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा है. दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर पर किसान अभी भी डटे हुए हैं. यहां पर किसानों ने अब नई मांग करनी शुरू कर दी है. किसानों का कहना है कि अब बातचीत सीधे प्रधानमंत्री जी से होनी चाहिए.

किसानों और सरकार के बीच आज पांचवें दौर की बातचीत होने जा रही है.


दिल्ली में सिंघु-टिकरी बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान 10 दिनों से डटे हुए हैं.

आज पटना में कृषि कानूनों के खिलाफ राजद पार्टी प्रदर्शन करेगी.

First Published : 05 Dec 2020, 07:10:50 AM

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