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सर्वेक्षण में आधे से ज्यादा लोगों ने माना कि प्रधानमंत्री मोदी का कृषि कानूनों को रद्द करने का फैसला सही

सर्वेक्षण में आधे से ज्यादा लोगों ने माना कि प्रधानमंत्री मोदी का कृषि कानूनों को रद्द करने का फैसला सही

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 21 Nov 2021, 07:45:01 PM
Prime Miniter

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 19 नवंबर को तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के बाद भले ही राजनीतिक विश्लेषक इसके फायदे-नुकसान को लेकर कोई भी टिप्पणी कर रहे हों लेकिन इससे प्रधानमंत्री मोदी की इमेज और राजनीतिक पूंजी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। यह खुलासा एक आईएएनएस-सी वोटर स्नैप ओपिनियन पोल द्वारा किया गया, जिसे निरस्त करने की घोषणा के कुछ घंटों बाद पूरे देश भर में किया गया था।

52 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सही निर्णय लिया है। कुछ विश्लेषकों का दावा है कि कृषि कानून बेकार थे और उनके निरस्त करने के फैसले का निश्चित रूप से स्वागत किया।

वास्तव में, 50 प्रतिशत से अधिक लोगों ने दावा किया कि कृषि कानून किसानों के लिए फायदेमंद थे, जबकि काफी कम 30.6 प्रतिशत ने दावा किया कि वे फायदेमंद नहीं थे।

जहां 40.7 प्रतिशत लोगों ने कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए सरकार को श्रेय दिया, वहीं लगभग 22.4 प्रतिशत ने विपक्षी दलों को श्रेय दिया, जबकि 37 प्रतिशत ने प्रदर्शनकारियों को श्रेय दिया।

शायद इस पोल से निकलने वाला सबसे महत्वपूर्ण पैमाना वह है जो आम भारतीय किसानों के प्रति मोदी के ²ष्टिकोण के बारे में सोचते हैं। उत्तरदाताओं के 58.6 प्रतिशत के स्पष्ट बहुमत ने कहा कि मोदी वास्तव में किसान समर्थक बताया, जबकि तुलनात्मक रूप से 29 प्रतिशत ने किसान विरोधी बताया।

इससे भी अधिक दिलचस्प बात यह है कि 50 प्रतिशत से अधिक विपक्षी मतदाता मोदी को किसान समर्थक मानते हैं। अंत में, जब उत्तरदाताओं से लंबे और विवादास्पद आंदोलन के पीछे के वास्तविक उद्देश्यों के बारे में पूछा गया, जिसके कारण कृषि कानूनों को निरस्त किया गया, तो 56.7 प्रतिशत का एक बड़ा बहुमत आश्वस्त था कि यह आंदोलन मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार को कमजोर करने की योजना के साथ राजनीति से प्रेरित थी। केवल 35 प्रतिशत उत्तरदाताओं की राय इसके विपरीत थी।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 21 Nov 2021, 07:45:01 PM

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