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'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का छात्रों को 'मोदी मंत्र'

इस बहुप्रतीक्षित बातचीत का उद्देश्य छात्रों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाना है. छात्रों के साथ पीएम मोदी की 'परीक्षा पे चर्चा' का ये चौथा संस्करण है. इस संस्करण में पीएम मोदी छात्रों के अलावा उनके पैरेंट्स और उनके टीजर्स के साथ भी संवाद करेंगे.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 07 Apr 2021, 09:50:43 PM
pariksha pe charcha

पीएम मोदी (Photo Credit: @BJP4India)

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज एक बार फिर से छात्रों के साथ जुड़ेंगे. पीएम मोदी (PM Modi) आज वर्चुअल तरीके से 'परीक्षा पे चर्चा 2021' (Pariksha Pe Charcha Fourth Edition) करने वाले हैं. इस बहुप्रतीक्षित बातचीत का उद्देश्य छात्रों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाना है. छात्रों के साथ पीएम मोदी की 'परीक्षा पे चर्चा' का ये चौथा संस्करण है. इस संस्करण में पीएम मोदी छात्रों के अलावा उनके पैरेंट्स और उनके टीजर्स के साथ भी संवाद करेंगे. इस कार्यक्रम आज शाम को 7 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंस (Video Conferencing) के माध्यम से शुरू होगा. 

'परीक्षा पे चर्चा' एक ऐसा आयोजन है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  (PM Narendra Modi) एक लाइव कार्यक्रम में छात्रों को परीक्षा के कारण तनाव और अन्य संबंधित सवालों के जवाब अपनी विशिष्ट शैली में देते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, एक नया प्रारूप, विषयों की विस्तृत श्रृंखला पर कई दिलचस्प सवाल और हमारे बहादुर परीक्षा-योद्धाओं, माता-पिता और शिक्षकों के साथ एक यादगार चर्चा. 7 अप्रैल को शाम 7 बजे 'परीक्षा पे चर्चा'

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अपने बच्चे के साथ उसकी generation की बातों में, दिलचस्पी दिखाएगा, उसके आनंद में शामिल होंगे तो आप देखिएगा generation gap कैसे खतम हो जाती हैः पीएम

कोरोना काल में अगर काफी कुछ खोया है, तो बहुत कुछ पाया भी है। कोरोना की सबसे पहली सीख तो यही है कि आपने जिस चीज को, जिन-जिन लोगों को मिस किया, उनकी आपके जीवन में कितनी बड़ी भूमिका है, ये कारोना काल में ज्यादा पता चला हैः पीएम

आपका मन अशांत रहेगाा, चिंता में रहेगा, तो इस बात की संभावना बहुत ज्यादा होगी कि जैसे ही आप Question Paper देखेंगे, कुछ देर के लिए सबकुछ भूल जाएंगे.  इसका सबसे अच्छा उपाय यही है कि आपको अपनी सारी टेंशन परीक्षा हॉल के बाहर छोड़कर जाना चाहिएः पीएम

Involve, internalize, associate और visualize. Memory को sharp करने के लिए इस formula पर आप चल सकते हैंः पीएम

वो बातें जिनसे आप पूरी तरह से जुड़ गए हैं, मग्न हो गए हैं, वो बातें जो आपका हिस्सा बन गई हैं, आपके विचार प्रवाह का हिस्सा बन गई हैं। उन्हें आप कभी भूलते नहीं हैं: पीएम मोदी

सपनों में खोए रहना अच्छा लगता है. सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन सपने को लेकर के बैठे रहना और सपनों के लिए सोते रहना ये तो सही नहीं है. सपनों से आगे बढ़कर, अपने सपनों को पाने का संकल्प ये बहुत महत्वपूर्ण है: पीएम

आवश्यक है कि दसवीं क्लास में, बारवीं क्लास में भी आप अपने आसपास के जीवन को Observe करना सीखिए. आपके आसपास इतने सारे प्रोफेशन हैं, Nature of jobs हैं: पीएम

प्रचार माध्यमों से हजार दो हजार लोग हमारे सामने आते हैं, दुनिया इतनी छोटी नहीं है. इतनी बड़ी विश्व व्यवस्था, इतना लंबा मानव इतिहास, इतनी तेजी से हो रहे परिवर्तन, बहुत सारे अवसर लेकर आते हैं: पीएम

करियर के चुनाव में एक पक्ष ये भी है कि बहुत से लोग जीवन में आसान रूट की तलाश में रहते हैं. बहुत जल्द वाह-वाही मिल जाए, आर्थिक रूप से बड़ा स्टेट्स बन जाए. ये इच्छा ही जीवन में कभी-कभी अंधकार का शुरुआत करने का कारण बन जाती है: पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना से मुकाबला करने में कैसे संयुक्त परिवार से सहयोग दिया है. इस काल में हमने जो जो भी किया अगर ये पहले से करते आए होते तो इतनी परेशानी न होती. 

पीएम मोदी ने कहा कि जीवन को सच्चे अर्थ में कितने कम चीजों की आवश्यकता होती है. कोरोना काल में एक बात ये भी हुई है कि परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे से नजदीकी से समझा है. कोरोना ने यह भी दिखाया है कि एक संयुक्त परिवार में कितनी ताकत होती है. 

पीएम मोदी ने आगे कहा कि कई बार में जीवन कठिनाइयां आती हैं. कोरोना से बच्चों को बड़ा नुकसान हुआ है. इस कमी का भरना आसान नहीं है. आप कोरोना काल के पहले के समय को याद करते होंगे. कोरोना की सबसे पहली सीख यही है कि आपने जिन-जिन लोगों को मिस किया उससे आपको पता चला उनका आपके जीवन में कितना महत्व है.

पीएम मोदी ने कहा कि आपको सारे टेंशन परीक्षा हॉल के बाहर छोड़कर जाना चाहिए. आपको सिर्फ बिना डरे मन लगाकर परीक्षा देना चाहिए.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आपके आप भी वहीं सारी शक्तियां हैं जो किसी टैलेंडे व्यक्ति के पास है. किसी क्षण में आपका पूरी तरह से इन्वोल्व रहना बहुत जरूरी है. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर फैमिली डॉक्टर घर आए तो उनकी बातें सारे घरवाले सुनें कि न्यूटन कहां से मिलता है और हमें क्या खाना चाहिए. आप शिक्षकों से अनुरोध कर सकते हैं कि आप बच्चों को सिखाए कि उन्हें क्या खाना चाहिए. हमें भी कुछ-कुछ नए एक्सपियमेंट करते रहना चाहिए. 

पीएम मोदी ने आगे कहा कि खाना पकाने की जो प्रक्रिया है उसके बारे में बाकी सदस्यों को पता होना चाहिए. बच्चों के सामने भी ये सारी चीजें लानी चाहिए. तब बच्चों को पता चलेगा कि खाना बनाने में कितनी मेहनत करने के बाद थाली भरती है. पता चलेगा. 

आपका बच्चा 'पर-प्रकाशित' नहीं होना चाहिए, आपका बच्चा स्वयं प्रकाशित होना चाहिए. बच्चों के अंदर जो प्रकाश आप देखना चाहते हैं, वो प्रकाश उनके भीतर से प्रकाशमान होना चाहिएः पीएम मोदी

हमने जो अपना भाव-विश्व बनाया है, वो जब व्यवहार की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है तब बच्चों के मन में अंतरद्वंद शुरु हो जाता हैः पीएम मोदी

बच्चे बड़े स्मार्ट होते हैं। जो आप कहेंगे, उसे वो करेंगे या नहीं करेंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन इस बात की पूरी संभावना होती है कि जो आप कर रहे हैं, वो उसे बहुत बारीक़ी से देखता है और दोहराने के लिए लालायित हो जाता हैः पीएम मोदी

क्या आपने ने अपने घर में कभी ऐसी किताबों की चर्चा की जिसमें सुबह उठने की चर्चा होती हैः पीएम मोदी

आप चाहते हैं कि आपका बच्चा सुबह उठकर पढ़ें आप उसे कहते हैं बोलते हैं डांटते हैं लेकिन आपको सफलता नहीं मिलती हैः पीएम मोदी

अपने लक्ष्यों का बोझ हम अपनेे बच्चों पर लाद देते हैंः पीएम मोदी

दरअसल माता-पिता अपने कुछ लक्ष्यों को निर्धारित कर देते हैं और उसे कहीं न कहीं उसे इंस्ट्रूमेंटल मानने लगते हैंः पीएम मोदी


 

हम एक सांचा ढाल देते हैं और बच्चे को उसी में ढालने में कोशिश करने लगते हैं यहीं से दिक्कतें शुरू होती हैंः पीएम मोदी

बच्चों को संस्कार देने की जिम्मेदारी परिवार के हर सदस्य की होती हैः पीएम मोदी


 

ये तय नहीं है कि आप जो अपनी संतान को कहेंंगे वो करेंगे या नहीं करेंगे लेकिन वो आपकी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान बनाए रखते हैंः पीएम मोदी

किसी भी बच्चे पर अपने मूल्यों को थोपने का प्रयास न करेंः पीएम मोदी

हम कहते हैं बेटा-बेटी एक समान लेकिन हमारे घर के वातावरण में बेटे और बेटी के बीच जाने अनजाने में जो ट्रीटमेंट होता है वो कहीं न कहीं असमान होता है उसके बाद वही बेटा जब समाज में जाता है तो वो व्यवहार दिखाई देता हैः पीएम मोदी

जीव में परमात्मा का निवास है क्या आपने कभी काम वाली से, रिक्शेवाले से, मजदूर से कभी उसका हाल चाल पूछते हैं अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो संतान के मन में टकराव शुरू होता हैः पीएम मोदी

आप जनसेवा में कहीं नजर नहींं आते हैं जबकि आपके घर में मंदिर है पूजा करते हैं ऐसी स्थिति में आपकी संतान में कनफ्यूजन आती है कि वो क्या करेः पीएम मोदी

हमारे यहां कहा जाता है कि जनसेवा ही प्रभुसेवा है ये हमारे शास्त्रों में लिखा हैः पीएम मोदी

उस बेटी ने बताया कि जैसे ही उसने अपनी मां को बताया कि उसने नौकर छोड़ दी है मां ने कहा सर्वनाशः पीएम मोदी

एक बेटी ने स्टार्टअप शुरू किया और अपना अनुभव बतायाः पीएम मोदी

हमारे यहां ये कहावत भी है कि जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि ये है क्रिएटीविटी का दायराः पीएम मोदी

नॉलेज का दायरा तो सीमित होता है लेकिन क्रिएटीविटी का दायरा बहुत दूर तक हैः पीएम मोदी


 

फ्री टाइम का एक बेस्ट यूज हो सकता है कि आप कुछ गतिविधियों से जोड़े जिसमें आपको इंटरेस्ट हैंः पीएम मोदी

खाली समय में हमें अपनी जिज्ञासा बढ़ाने की और ऐसा क्या हम कर सकते हैं जिससे हमारी प्रोडक्टिविटी बढ़ जाएः पीएम मोदी

आप की लाइफ ऐसी होनी चाहिए कि खाली समय के आपका मन प्रफुल्लित रहेः पीएम मोदी

अगर मुझे थोड़ा सा भी खाली समय मिलता है तो मैं झूले पर बैठकर मेरा मन प्रफुल्लित हो जाता हैः पीएम मोदी

मैं मुश्किल चीजों को पहले हल करने की कोशिश करता हूंः पीएम मोदी

हर माता पिता को अपने बच्चे की ताकत का अंदाजा हैः पीएम मोदी

जो लोग जीवन में बहुत सफल होते हैं वो हर विषय में पारंगत नहीं होते हैं लेकिन किसी एक विषय पर उनकी पकड़ बहुत तेज होती हैः पीएम मोदी

मैंने अपना नियम बनाया हैै कि कठिन काम को मैं पहले करता हूंः पीएम मोदी

जब आप कठिन को पहले ले लेंगे तो सरल तो अपने आप ही आसान हो जाएगाः पीएम मोदी

मैं समझता हूं कि पढ़ाई के लिए ये सही नहीं है अगर बात पढ़ाई की हो तो आप कठिन को पहले लीजिएः पीएम मोदी

साथियों टीचर्स और माता-पिता ये बार-बार कहते हैं कि जो सरल हो वो सबसे पहले करोः पीएम मोदी

मैं छात्रों को कहूंगा कि अपने समय को बराबर वितरित करेंः पीएम मोदी

दरअसल आपको जो चीजें अच्छी लगती हैं उन चीजों के साथ आप सहज हो जाते हैंः पीएम मोदी

पसंद और नापसंद मनुष्य का स्वभाव और कभी-कभी ये लगाव भी बन जाता हैः पीएम मोदी


 

मान लीजिए आपके पास बहुत ही बढ़िया 5-6 शर्ट हों लेकिन उनमें से एक-दो आपको इतनेे पसंद आते हैं कि वो बार-बार आप पहनते रहते हैंः पीएम मोदी

छात्रों को परीक्षा का तनाव नहीं लेना चाहिएः पीएम मोदी

हमें अपने आप को कसौटी पर खुद को कसने का अवसर मिलते रहना चाहिएः पीएम मोदी


 

एग्जाम आपके जीवन को गढ़ने का एक मौका है उसे उसी रूप में लेना चाहिएः पीएम मोदी


 

एग्जाम कोई आखिरी मौका नहीं है ये एक अपॉर्चुनिटी हैः पीएम मोदी

हमारे यहां एग्जाम के लिए एक शब्द बना है कसौटी मतलब खुद को कसना हैः पीएम मोदी


 

पहले मां बाप बच्चों के साथ ज्यादा घुले मिले रहते थेः पीएम मोदी

घर परिवार, रिश्तेदार और टीचर का दबाव होता है बच्चों परः पीएम मोदी

जिंदगी मेंं ये कोई आखिरी मुकाम नहीं है ये जिंदगी बहुत लंबी है बहुत पड़ाव आते हैं ये एक छोटा सा पड़ाव है हमें दबाव नहीं बनाना हैः पीएम मोदी

आपको किस बात का डर है आप पहली बार परीक्षा देने जा रहे हैं क्याः पीएम मोदी

First Published : 07 Apr 2021, 06:52:13 PM

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