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कोरोना का जवाब करुणा से देने की जरूरत है- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों के साथ बातचीत करेंगे. पीएम मोदी शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के लोगों को संबोधित करेंगे.

News Nation Bureau | Edited By : Yogendra Mishra | Updated on: 25 Mar 2020, 06:10:37 PM
Narendra Modi

पीएम मोदी। (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

भारत में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं पीएम मोदी ने शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के लोगों को संबोधित कर रहे हैं. माना जा रहा है कि वाराणसी में एक कोरोना वायरस का मरीज आने के बाद पीएम मोदी चिंतित हैं. कोरोना से लड़ने के लिए वह वाराणसी के लोगों को संदेश दे रहे हैं.

21 दिन के लॉकडाउन में बच्चे जरूर अपने माता पिता को कुछ न कुछ सिखा देंगे- पीएम मोदी

इस समस्या से लड़ने में सबसे ज्यादा बच्चे एक्टिव हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि लोग सोशल मीडिया पर कह रहे हैं कि वह अपने बच्चों के साथ ज्यादा समय बिता प रहे हैं. 

अंकिता खत्री ने सवाल किया कि घर पर बच्चों को आखिर कैसे संभालें.

लोगों से मेरा अनुरोध है कि डॉकेटरों से सलाह लिए बिना कोई भी दवाई न लें- पीएम मोदी

कोरोना के खिलाफ अभी कोई दवाई और वैक्सीन नहीं बनी है. हमारे देश के साथ ही दूसरे देशों के वैज्ञानिक भी वैक्सीन बनाने में लगे हैं.

डॉ गोपाल नाथ के सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोगों की आदत है कि वह डॉक्टरों से सलाह नहीं लेते. कोरोना की स्थिति में हमें ऐसा नहीं करना है.

डॉ गोपाल नाथ ने सवाल किया कि हमारे यहां लोगों की आदत है कि लोग खुद ही इलाज करने लगते हैं. कोरोना के समय में यह स्थिति और बुरी हो सकती है. क्या ऐसे समय में लोगों को और जागरूक करने की जरूरत नहीं है.

इस कठिन परिस्थिति में जो लोग काम कर रहे हैं. उनकी मुसीबतें भी हमें कम करनी चाहिए.

लॉकडाउन के समय में पुलिस और प्रशासन की मदद करें. मीडिया के लोगों का सहयोग करे.

निराशा फैलाने के हजारों कारण हो सकते हैं. लेकिन यह मौका आशा की किरण जगाने का है.

हो सकता है कि कहीं पर कमी हो सकती है. लेकिन सिर्फ इसी पर ध्यान केंद्रित कर देना समय की मांग नहीं है.

अस्पतालों में लोग 18 घंटे काम कर रहे हैं. कई लोगों को 2-3 घंटे ही सोने को मिल रहा है. इस कठिन परिस्थिति में ऐसे लोगों को हमें नमन करना चाहिए.

कोरोना से पनपा यह संकट सिर्फ 21 दिन है. लेकिन अगर यह संकट नहीं रुका तो आने वाला दिन बहुत कठिन हो जाएगा.

पूरे विश्व के सामने जब इतनी बड़ी चुनौती हो तो यह कहना कि सब कुछ ठीक है तो यह खुद के साथ धोखा होगा.

अगर मैं कहूं कि सबकुछ ठीक है तो यह खुद को धोखा देने वाली बात होगी. राज्य सरकारें और केंद्र सरकार इस मुसीबत से लड़ने में लगी है.

लॉकडाउन के जरिए पशुओं के सामने भी खाने पीने का संकट आ गया है. ऐसे में हमें जानवरों का भी ध्यान देना चाहिए.

जिनके पास भी शक्ति हैं वह लोग अगले 21 दिन 9 गरीब परिवारों की मदद करने का प्रण करें. अगर हम यह सब करते हैं तो मां की सेवा करने का इससे बेहतर तरीका कुछ नहीं होगा.

कोरोना का जवाब करुणा से देने की जरूरत है. गरीबों और जरूरतमंदों के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए.

अखिलेश खेमका के सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक्सपर्ट से मिले दिशा निर्देशों के मुताबिक ही यह कहा जा रहा है कि एक से ढेड़ मीटर की दूरी बनाए रहें.

अखिलेश खेमका (कपड़ा कारोबारी) ने पीएम मोदी से पूछा कि लॉकडाउन से बहुत से लोग फंस गए हैं. मजदूरों के लिए दिक्कत पैदा हो गई है. इन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. आखिर इनकी कैसे मदद की जाए?

पीएम मोदी ने कहा कि आभार प्रकट करने की परंपरा बढ़नी चाहिए.

डॉक्टरों से भेदभाव की घटनाएं छुटपुट हैं, लेकिन गंभीर हैं. गृह विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाएगा.

इस माहामारी के खिलाफ लड़ रहे लोगों से अगर कोई भेदभाव करता है तो आसपास के लोग उन्हें समझाएं कि ऐसा नहीं करना चाहिए.

वुहान में जिन पायलटों नें रेस्क्यू ऑरेशन चलाया मैं उनका हृदय से धन्यवाद देता हूं.

पीएम मोदी ने कहा कि डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवाहर मेरी भी पीड़ा है.

वराणसी की एक सामाजिक कार्यकर्ता मोहिनी ने पीएम मोदी से पूछा कि डॉक्टर और अस्पताल में काम कर रहे कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है. इस पर सरकार क्या कदम उठा रही है?

व्हाट्सएप नंबर 9013151515 पर आपको कोरोना से जुड़ी सभी जानकारी मिल जाएगी. नमस्ते लिखते ही आपको जानकारी मिलने लगेगी.

हमें यह भी ध्यान देना चाहिए कि कोरोना से एक लाख लोग ठीक हुए हैं. भारत में भी दर्जनों लोग ठीक हुए हैं.

कोरोना जैसी बीमारी से बचने का सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र उपाय है.

कुछ लोग खतरों से बेफिक्र होते हैं. टीवी पर एड आता है कि सिगरेट पीना हानिकारक है. फिर भी लोग सावधानी नहीं बरतते हैं. लेकिन इस समय कोरोना को लेकर बेफिक्र नहीं हुआ जा सकता. 

बीमारी अमीर गरीब नहीं देखती. जो लोग खूब व्यायाम करते है वह भी इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं. लोग इस बीमारी को हल्के में न लें.

पीएम मोदी ने कहा कि कई लोगों ने कोराना को बहुत हल्के में ले रखा है. मनुष्य का स्वभाव यही है कि अनुकूल चीजों को वह मान लेते हैं. ऐसे लोगों से मेरा आग्रह है कि अपनी गलतफहमी छोड़ें और कोरोना की गंभीरता समझें.

एक व्यक्ति ने सवाल किया कि लोग सोचते हैं उन्हें कोरोना नहीं हो सकता. इस पर मार्गदर्शन कीजिए.

पीएम मोदी ने वाराणसी के लोगों के साथ बातचीत शुरु की.

काशी का अर्थ है शिव, शिव यानी कल्याण. शिव की नगरी के पास अगर सभी को मार्गदर्शन देने का तरीका नहीं होगा तो फिर किसके पास होगा- पीएम मोदी

महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण नेतृत्व कर रहे थे. लेकिन आज 130 करोड़ लोगों को कोरोना के खिलाफ जंग लड़नी होगी.

संकट की घड़ी में काशी सबके लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है.

महाभारत का युद्ध 18 दिन चला था, लेकिन कोरोना के खिलाफ लड़ाई 21 दिन चलेगी. इसे हम सभी को जीतना है.

मुझे इस समय वाराणसी में होना चाहिए था. लेकिन दिल्ली में जो हालात है इसकी वजह से मैं असमर्थ हूं.

चैत्र नवरात्रि की सभी को शुभकामनाएं.

काबुल में गुरुद्वारे पर हुए हमले में मारे गए लोगों के प्रति मेरी संवेदना है. मैं इस हमले से काफी दुखी हूं- पीएम मोदी

पीएम मोदी बोल रहे हैं.

थोड़ी देर में वाराणसी के लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे पीएम नरेंद्र मोदी.

First Published : 25 Mar 2020, 04:48:58 PM

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