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Statue Of Unity का अनावरण आज, इस वजह से है खास...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने गृह राज्य गुजरात में देश के पहले गृह मंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभाई पटेल के जन्मदिन के मौके पर विश्व में सबसे ऊंची उनकी प्रतिमा का अनावरण करेंगे जिसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue Of Unity) का नाम दिया गया है

News Nation Bureau | Edited By : Kunal Kaushal | Updated on: 31 Oct 2018, 07:54:02 AM
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने गृह राज्य गुजरात में देश के पहले गृह मंत्री और महान स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभाई पटेल के जन्मदिन के मौके पर विश्व में सबसे ऊंची उनकी प्रतिमा का अनावरण करेंगे जिसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue Of Unity) का नाम दिया गया है. सरदार पटेल ने आजादी के बाद जिस तरह से हैदराबाद और जूनागढ़ जैसी रियासतों को भारत का हिस्सा बना कर एकजुट भारत का परिचय दिया था इसलिए उनके इस प्रतिमा को भी एकता के प्रतीक का नाम दिया गया है. इस कार्यक्रम के लिए गुजरात सरकार ने व्यापक तैयारी की है और गुजरात सरकार के एक मंत्री के मुताबिक प्रतिमा अनावरण का यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस समारोह जैसा भव्य होगा.

बता दें कि करीब 3000 करोड़ की परियोजना की शुरुआत नरेंद्र मोदी के गुजरात के सीएम बनने के दौरान ही हुई थी लेकिन यह अब जाकर पूरा हुआ है. इस स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को गुजरात सरकार पटेल के सम्मान के साथ ही गुजरात में पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश के तौर पर भी देख रही है.

Statue Of Unity क्यों है बेहद खास

यह प्रतिमा मौजूदा समय में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा चीन के स्प्रिंग टेम्पल ऑफ बुद्ध से भी 29 मीटर ऊंची है. चीन की प्रतिमा की ऊंचाई 153 मीटर है. सरदार पटेल की प्रतिमा न्यूयॉर्क स्थित 93 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लगभग दोगुना ऊंची है.

इस परियोजना (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) की देखभाल कर रहे सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएनएल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एस. एस. राठौड़ ने पत्रकारों से कहा, 'अभी इसकी गैलरी को अंतिम रूप दिया जा रहा है जो कि 153 मीटर ऊपर स्थित है. इस गैलरी में एक समय में करीब 200 पर्यटकों को समायोजित किया जा सकता है. यहां से सरदार सरोवर बांध और सतपुड़ा और विंध्य की पर्वत श्रृंखला तथा अन्य जगहों का दीदार किया जा सकेगा.'

विंध्याचल और सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच नर्मदा नदी के साधु बेट टापू पर बनी दुनिया की सबसे ऊंची इस मूर्ति को बनाने में करीब 2389 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं.

राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से राज्य के पर्यटन विभाग को बहुत फायदा होगा. इसके बनने से प्रतिदिन करीब 15000 पर्यटक के यहां आने की संभावना है और इससे गुजरात देश का सबसे व्यस्त पर्यटक स्थल बन सकता है.

इंजीनियरिंग और कला का बेजोड़ नमूना है यह स्टैच्यू

राठौड़ ने कहा कि 250 इंजीनियर और 3400 श्रमिक इस परियोजना पर काम कर रहे हैं. इसमें दो हाई स्पीड लिफ्ट भी होंगी जिससे एक समय में करीब 40 लोग गैलरी तक जा सकते हैं. यहां एक संग्रहालय में सरदार पटेल के जीवन से जुड़ी घटनाओं पर लाइट एंड साउंड शो भी होगा.

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स्टैच्यू के ऊपरी हिस्से में 306 मीटर पैदल पथ को पूरी तरह से मार्बल से तैयार किया गया है. इसके अलावा दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी पैदल पथ होगा. राठौड़ ने कहा कि परियोजना से जुड़े बाकी काम इसके उद्घाटन होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा. प्रतिमा के पास स्थित पहाड़ियों पर फूलों को लगाया जा रहा है जिससे यहां से नजारा 'फूलों की घाटी' जैसा दिखेगा

कांग्रेस बता चुकी है मेड इन चाइना

बता दें कि मूर्ति को लेकर काफी विवाद भी हुआ था. कांग्रेस ने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को मेड इन चाइन कहा, जिसपर पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कांग्रेस सरदार वल्लभ भाई पटेल की 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' को मेड इन चाइना कहकर उनका अपमान कर रही है.

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VIDEOStatue Of Unity की क्या है खासियत

31 अक्टूबर को ही सरदार पटेल की इस प्रतिमा के साथ ही श्रेष्ठ भारत भवन की भी शुरुआत की जाएगी. इसके साथ ही पर्यटकों लिए एक वैली तैयार की गई है. दिलचस्प बात यह है कि स्टैच्यू के अंदर दो लिफ्ट बनाई गयी है जो पर्यटकों को ऊपर तक ले जाएगी. वहां से वो बेहतरीन नजारा देख सकेंगे. इसके साथ ही सरदार पटेल प्रतिमा के अंदर एक गैलरी भी बनाई गई है. यहां से पर्यटकों को सरदार पटेल बांद और वैली का नजारा भी देखने को मिलेगा.

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First Published : 30 Oct 2018, 11:42:29 PM

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