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देश की पहली महिला राष्ट्रपति जिस पर आज भी भारत को है गर्व, जानिए कुछ खास बातें

राष्ट्रपति बनने से पहले कांग्रेस की सरकार ने पाटिल को 2004 में राजस्थान का राज्यपाल बनाया था.

News Nation Bureau | Edited By : Vikas Kumar | Updated on: 25 Jul 2019, 01:06:49 PM
प्रतिभा देवी सिंह पाटिल (फाइल फोटो)

प्रतिभा देवी सिंह पाटिल (फाइल फोटो)

highlights

  • 25 जुलाई 2007 को पहली महिला राष्ट्रपति के रुप में ली थी शपथ.
  • 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक राष्ट्रपति की कुर्सी संभाली.
  • प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 1985 से 1990 तक राज्यसभा सदस्य रही हैं.

नई दिल्ली:

25 जुलाई की तारीख भारत और भारत देश की महिलाओं के लिए खास है. आज से 12 साल पहले आज का दिन इस देश और यहां की महिलाओं के लिए एक गर्व के पल लेकर आया था. कारण था कि आज से 12 साल पहले, यानी 25 जुलाई 2007 के दिन देश को प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के रुप में देश की 12वीं और पहली महिला राष्ट्रपति मिली थी. उन्होंने 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक राष्ट्रपति की कुर्सी संभाली. प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने देश के मिसाइल मैन के नाम से मशहूर ए.पी.जे अब्दुल कलाम की जगह ली थी.

राष्ट्रपति बनने से पहले कांग्रेस की सरकार ने पाटिल को 2004 में राजस्थान का राज्यपाल बनाया था. वह 2007 तक राज्यपाल रहीं. आइये जानते हैं देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के बारे में कुछ खास बातें-

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प्रतिभा देवी सिंह पाटिल का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव जिले के नंदगांव में 19 दिसंबर 1934 को हुआ था. इनके पिता का नाम नारायन राव पाटिल था. इनकी प्रारम्भिक शिक्षा जलगांव के ही आर आर विद्यालय में हुई थी. प्रतिभा देवी ने पुणे विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में मास्टर्स की डिग्री हासिल की इसके बाद मुंबई कॉलेज से LAW की डिग्री हासिल की.
पाटिल का राजनीतिक सफर
भले ही राष्ट्रपति बनने के बाद पाटिल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई हों, लेकिन उनका लंबा राजनीतिक सफर रहा है. वह मात्र 27 साल की उम्र में कांग्रेस के टिकट पर 1962 में जलगांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनीं और महाराष्ट्र विधानसभा में चुन कर आईं.

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उसके बाद वह चार बार विधायक बनीं और इस दौरान वह कई विभागों में मंत्री रहीं. पाटिल 1985 से 1990 तक राज्यसभा सदस्य रही हैं. उसके बाद 1991 में 10वीं लोकसभा चुनाव में अमरावती से सांसद बनीं. प्रतिभा देवी सिंह पाटिल को कांग्रेस परिवार के वफादारों में गिना जाता है.
पाटिल ने कारोबार में भी आजमाया था हाथ
प्रतिभा पाटिल ने कारोबार में भी हाथ आजमाया. अमरावती, जलगांव, पुणे और मुंबई में कई स्कूल और कॉलेज उनका था. उनके परिवार का जलगांव में ग्रामीण छात्रों के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज और मुकतैनगर में एक को-ऑपरेटिव चीनी फैक्ट्री था.
इसके अलावा प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने प्रतिभा सहकारी महिला बैंक भी शुरू किया था, जिसका कामकाज रिजर्व बैंक द्वारा फरवरी 2003 में लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद बंद हो गया.

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19 दिसंबर 1934 को महाराष्ट्र के जलगांव जिले में जन्मीं प्रतिभा देवीसिंह पाटिल को यह गौरव प्राप्त हुआ था. उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में अपने प्रतिद्वंदी भैरोसिंह शेखावत को तीना लाख से ज्यादा मतों से हराया था.
कार्यकालः प्रतिभा देवीसिंह पाटिल देश की 12वीं राष्ट्रपति बनी थीं. 2007 से 2012 तक वह राष्ट्र के इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहीं. 25 जुलाई 2007 को उन्होंने पहली बार राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी.
पुरस्कारः 01 जून 2019 को प्रतिभा पाटिल को विदेशियों को दिए जाने वाले मेक्सिको के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘ऑर्डेन मेक्सिकाना डेल एग्वेला एज्टेका’ (ऑर्डर ऑफ एज्टेक ईगल) से सम्मानित किया गया. प्रतिभा पाटिल यह पुरुस्कार पाने वाली भारत की दूसरी राष्टपति बनीं. इससे पहले यह सम्मान राष्ट्रपति एस राधाकृष्णन को दिया गया था.

First Published : 25 Jul 2019, 01:06:49 PM

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