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गोवा में खनन शुरू नहीं कर पाए सीएम, लेकिन महाराष्ट्र में लीज पर दी पत्थर की खदान: मोइत्रा

गोवा में खनन शुरू नहीं कर पाए सीएम, लेकिन महाराष्ट्र में लीज पर दी पत्थर की खदान: मोइत्रा

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 19 Nov 2021, 08:10:02 PM
Pramod Sawant

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

पणजी: तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत बार-बार आश्वासन देने के बावजूद गोवा के संकटग्रस्त खनन उद्योग को फिर से शुरू करने में असमर्थ रहे हैं। पार्टी की राज्य प्रभारी और लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने पूछा कि कैसे सावंत ने 2019 में पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में एक पत्थर की खदान को पट्टे पर दिया।

मोइत्रा ने आरोप लगाया, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि नीलामी की जानी चाहिए। जब सावंत ने पदभार संभाला, तो उन्होंने कहा कि तीन महीने में खनन शुरू हो जाएगा। तीन साल हो गए हैं, गोवा में कोई खनन शुरू नहीं हुआ है।

तृणमूल कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अगर पार्टी 2022 के राज्य विधानसभा चुनावों में सत्ता में आती है, तो वह खनन कंपनियों द्वारा 35,000 करोड़ रुपये की लूट की रिकवरी के लिए प्रयास करेगी, जिसका खुलासा 2012 में एक न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में हुआ था।

मोइत्रा ने कहा, हम 35,000 करोड़ रुपये की रिकवरी करने की कोशिश करेंगे और एक स्थायी खनन कार्य योजना के साथ आगे बढ़ेंगे।

इस साल की शुरूआत में, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और एक निजी खनन कंपनी द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसमें शीर्ष अदालत के फरवरी 2018 के आदेश की समीक्षा करने की मांग की गई थी, जिसने राज्य में लगभग 90 खनन पट्टों को रद्द कर दिया था, जिसमें कहा गया कि नवीनीकरण प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई है। 2018 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गोवा में सभी खनन अन्वेषण गतिविधियां बंद हो गई हैं।

2012 में सर्वोच्च न्यायालय ने खनन भी रोक दिया था, जब न्यायमूर्ति एमबी शाह आयोग ने 35,000 करोड़ रुपये के अवैध खनन घोटाले का पर्दाफाश किया था, जिसमें गोवा में लगभग सभी खनन कंपनियों के साथ-साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री दिगंबर कामत को भी दोषी ठहराया गया था।

मोइत्रा ने अपनी मीडिया ब्रीफिंग में यह भी सवाल किया कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत 2019 में महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में कथित तौर पर एक पत्थर की खदान को पट्टे पर देने के लिए कैसे आए।

उन्होंने कहा, केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय को इस बात की जांच करनी चाहिए कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री सिंधुदुर्ग में एक खदान को कैसे पट्टे पर दे सकते हैं। उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच होनी चाहिए।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 19 Nov 2021, 08:10:02 PM

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