News Nation Logo

क्या बंगाल के बाहर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएंगे प्रशांत किशोर?

क्या बंगाल के बाहर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएंगे प्रशांत किशोर?

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 03 Oct 2021, 11:55:02 AM
Prahant Kihore

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: ममता बनर्जी के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद, राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर पश्चिम बंगाल के बाहर कांग्रेस के नेताओं को अपने पाले में लेने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने भव्य पुरानी पार्टी के दो प्रमुख नेताओं को सफलतापूर्वक अपनी तरफ कर लिया है।

असम से सुष्मिता देव और गोवा से लुइजि़न्हो फलेरियो, जो हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए है, दोनों ही गांधी परिवार के करीबी माने जाते थे। यह फलेरियो ही थे जिन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनसे किसी और ने नहीं, बल्कि किशोर और उनकी टीम ने बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के लिए संपर्क किया था।

पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के बाद तृणमूल कांग्रेस भी अब राष्ट्रीय क्षेत्र में प्रभाव डालने की कोशिश कर रही है।

फलेरियो ने कांग्रेस को विभाजित सदन बताते हुए कहा कि हमें यह देखना होगा कि दिल्ली और गोवा में मौजूदा सरकार का सामना करने की शक्ति किसके पास है। निश्चित रूप से, मैं ममता का समर्थन करूंगा क्योंकि उन्होंने लड़ाई लड़ी है, वह सफल हुई हैं। वह महिला सशक्तिकरण का प्रतीक हैं।

अब, कांग्रेस, जो बीजेपी से अपनी पार्टी के लोगो को बचाने की कोशिश कर रही थी, उसको अब तृणमूल के खिलाफ भी अपने गार्ड को सक्रिय रखने की जरूरत है।

यहां तक कि मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा से भी तृणमूल ने संपर्क किया है और उन्होंने पार्टी नेताओं के साथ बैठक भी की थी।

हालांकि, संगमा से कांग्रेस ने पार्टी नहीं छोड़ने के लिए संपर्क किया है। वह जल्द ही सोनिया गांधी से बी मिल सकते है।

इतना ही नहीं तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि कांग्रेस को कुर्सी की राजनीति छोड़ देनी चाहिए, उनकी पार्टी बीजेपी से लड़ने में सक्षम नहीं है।

इसका जवाब देते हुए कांग्रेस के प्रभारी संचार सचिव प्रणव झा ने सवाल किया कि क्या दिल में बदलाव ईडी के सम्मन के कारण हुआ है।

कांग्रेस प्रशांत किशोर के कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्यों से पार्टी में शामिल होने के बारे में जानकारी ले रही है।

यहां तक कि टिकट वितरण में किशोर की भूमिका को लेकर कांग्रेस के कई नेता बंटे हुए हैं, लेकिन कोई भी राजनीतिक रणनीतिकार के पार्टी में शामिल होने के विचार के खिलाफ नहीं है। उनका मानना है कि उम्मीदवार चयन प्राधिकरण के बिना उन्हें चुनाव प्रबंधन विभाग का प्रभारी बनाया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता इस बात से सहमत हैं कि पार्टी में उनके इनपुट पर विचार किया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य के नेताओं के साथ-साथ पूर्व और मौजूदा मुख्यमंत्रियों को टिकट वितरण प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए।

कांग्रेस लगातार दो आम चुनाव हारने के बाद पार्टी के ढांचे में सुधार के लिए सीडब्ल्यूसी सदस्यों से परामर्श कर रही है।

सूत्रों ने कहा कि सीडब्ल्यूसी सदस्यों को प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया है। सोनिया गांधी के वफादार और पार्टी के दो सबसे वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी और ए.के. एंटनी इस प्रक्रिया में शामिल हैं।

कांग्रेस महासचिव (संगठन), के.सी. वेणुगोपाल को भी इसके लिए शामिल किया गया है।

किशोर चुनावी राज्यों में कांग्रेस नेताओं से अनौपचारिक रूप से मिलते रहे हैं क्योंकि पार्टी में उनके शामिल होने पर अभी भी सोनिया गांधी विचार कर रही हैं।

साथ ही, उन्होंने कुछ नेताओं से भी मुलाकात की है और उन्हें अपने व्यक्तिगत राज्य-विशिष्ट इनपुट दिए हैं।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 03 Oct 2021, 11:55:02 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो