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गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी ने पहनी जामनगर की खास पगड़ी, जानें क्या है कहानी

गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए वॉर मेमोरियल पहुंचे. पीएम मोदी यहां एक खास पगड़ी में नजर आए, जो उन्हें जामनगर के शाही परिवार ने भेंट की है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 26 Jan 2021, 11:30:08 AM
गणतंत्र दिवस पर PM मोदी ने पहनी जामनगर की खास पगड़ी, जानें इसकी कहानी

गणतंत्र दिवस पर PM मोदी ने पहनी जामनगर की खास पगड़ी, जानें इसकी कहानी (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:  

दुनियाभर में मौजूद करोड़ों भारतवासी आज 72वां गणतंत्र दिवस (72nd Republic Day) मना रहे हैं. देश के 72वें रिपब्लिक डे के मौके पर हर बार की तरह इस बार भी इंडिया गेट (India Gate) पर भव्य परेड का आयोजन किया जा रहा है. इस परेड के जरिए भारत पूरी दुनिया में अपनी ताकत का प्रदर्शन करेगा. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath Kovind) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) मंगलवार को सुबह ही सोशल मीडिया पर पूरे देश को गणतंत्र दिवस की बधाई दी.

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गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के शहीद वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए वॉर मेमोरियल पहुंचे. पीएम मोदी यहां एक खास पगड़ी में नजर आए, जो उन्हें जामनगर के शाही परिवार (Royal Family of Jamnagar) ने भेंट की है. बता दें कि गुजरात के जामनगर के शाही परिवार का दुनियाभर में विशेष सम्मान है.

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जामनगर का शाही परिवार अपनी विरासत के साथ-साथ समाज सेवा की वजह से पूरी दुनिया में खास महत्व रखता है. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जामनगर के राजा महाराजा जाम साहेब दिग्विजय सिंह ने पोलैंड के 1 हजार बच्चों को बचाया था. जाम साहेब दिग्विजय सिंह ने 1942 में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान यूएसएसआर से निकाले गए शरणार्थी पोलिश बच्चों के लिए जामनगर-बलाचडी में पोलिश चिल्ड्रन कैंप की स्थापना की थी. विश्व युद्ध के दौरान मानवता के लिए किए गए कामों में महाराजा जाम साहेब का ये काम बेहद खास था.

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पोलैंड की संसद ने साल 2016 में महाराजा जाम साहेब के निधन के 50 साल बाद सर्वसम्मति से दूसरे विश्व युद्ध के दौरान पोलिश बच्चों की मदद के लिए महाराजा जाम साहेब को सम्मानित करते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया. महाराजा जाम साहेब के नेक कामों के लिए पोलैंड में जामनगर को 'लिटिल पोलैंड' के नाम से याद किया जाता है.

First Published : 26 Jan 2021, 11:30:08 AM

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