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पीएम नरेंद्र मोदी ने दिया मुस्लिम बेटियों को तोहफा, 50 लाख लड़कियों को सालाना स्कॉलरशिप

स्कॉलरशिप में 50 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी मुस्लिम लड़कियों की होगी. जाहिर है अल्पसंख्यकों का विश्वास जीतने की दिशा में पीएम नरेंद्र मोदी सरकार का यह मास्टर स्ट्रोक है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 15 Jun 2019, 02:00:07 PM
सांकेतिक चित्र

highlights

  • ईद पर पीएम मोदी ने 5 साल में 5 करोड़ स्कॉलरशिप्स देने की की थी घोषणा.
  • इस 5 करोड़ में 50 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम लड़कियों को मिलेगी छात्रवृत्ति.
  • इसके अलावा बेगम हजरत महल स्कॉलरशिप भी मिलेगी लड़कियों को.

नई दिल्ली.:

'सबका साथ सबका विकास' नारे के साथ 2014 में सत्तारूढ़ हुई नरेंद्र मोदी सरकार ने दूसरी बार सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए 'सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास' नारे को आधार बनाया. इस भावना के अनुरूप काम करते हुए मोदी 2.0 सरकार ने अल्पसंख्यकों (Minority) को ईद पर ईदी देते हुए 5 साल में 5 करोड़ मुस्लिम बच्चों को स्कॉलरशिप (Scholarships) देने की घोषणा की थी. इस घोषणा का सबसे सुखद पहलू यह है कि इस स्कॉलरशिप में 50 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी मुस्लिम लड़कियों की होगी. जाहिर है अल्पसंख्यकों का विश्वास जीतने की दिशा में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) सरकार का यह मास्टर स्ट्रोक है.

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छात्रवृत्ति में लड़कियों की 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी
इस योजना के विस्तृत दिशा-निर्देशों का खुलासा मौलाना आजाद एजुकेशन फाउंडेशन (Maulana Azad Education Foundation) की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में हुआ. इसमें केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और फाउंडेशन के उपाध्यक्ष अशफाक सैफी भी मौजूद थे. इस बैठक के दौरान नकवी ने केंद्र सरकार की इस बड़ी घोषणा से अवगत कराते हुए बताया कि अल्पसंख्यक मंत्रालय की ओर से दी जाने वाली छात्रवृत्ति में 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी अल्पसंख्यक लड़कियों की होगी. यही नहीं, बेगम हजरत महल बालिका स्कालरशिप (Girls Scholarship) के तहत भी 10 लाख से ज्यादा मुस्लिम लड़कियों को छात्रवृत्ति दी जाएंगी. अल्पसंख्यक समाज में अशिक्षा के अंधकार को दूर करने के लिए देशभर से ड्रॉपआउट लड़कियों को देश के प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट से ब्रिज कोर्स (Bridge Course) कराकर उन्हें शिक्षा और रोजगार से जोड़ा जाएगा.

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नए पॉलिटेक्निक और आईटीआई पर मोहर
इस बैठक में अल्पसंख्यकों (Muslims) के लिए नकवी ने एक और घोषणा करते हुए बताया कि जिन इलाकों में स्कूल-कॉलेज और इंस्टीट्यूट की सुविधाएं नहीं हैं, वहां पीएम जन विकास कार्यक्रम के तहत पॉलिटेक्निक, आईटीआई, गर्ल्स हॉस्टल, कॉलेज, स्कूल, गुरुकुल की तर्ज पर आवासीय स्कूल, कॉमन सर्विस सेंटर आदि का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि पढ़ो और बढ़ो जागरुकता अभियान के तहत समाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़े इलाकों में नुक्कड़ नाटक, लघु फिल्म और सांस्कृतिक कार्यक्रमों (Cultural Events) के जरिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा.

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फ्री कोचिंग की व्यवस्था
मुख्यधारा में बराबर की हिस्सेदारी और रोजगार (Employment) के समान अवसरों के लिए आर्थिक रूप से कमजोर सभी अल्पसंख्यक छात्रों को बैंक, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग देने की व्यवस्था भी की जा रही है. जाहिर है इससे अल्पसंख्यक समुदाय में बच्चों को पढ़ने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे. सरल शब्दों में कहें तो मोदी 2.0 सरकार मुसलमानों को महज वोट बैंक (Muslim Vote Bank) के साये से बाहर निकाल कर विकास (Development) के रौशन पथ पर अग्रसर करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है.

First Published : 15 Jun 2019, 02:00:07 PM

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