News Nation Logo
Banner

पीएम मोदी बोले- आज का दिन गुरुओं को याद करने का दिन, जिन्होंने हमें ज्ञान दिया

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण में शनिवार को धर्म चक्र दिवस के रूप में आषाढ़ पूर्णिमा का आयोजन किया गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 04 Jul 2020, 10:23:18 AM
Narendra Modi

Live: PM मोदी बोले- आज गुरुओं को याद करने का दिन, जिन्होंने ज्ञान दिया (Photo Credit: News State)

नई दिल्ली:

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण में शनिवार को धर्म चक्र दिवस के रूप में आषाढ़ पूर्णिमा का आयोजन किया गया है. राष्ट्रपति भवन से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसका उद्घाटन किया. इसी दिन भगवान बुद्ध ने अपने पहले पांच शिष्यों को प्रथम उपदेश दिए थे. इसी उपलक्ष्य में बुद्ध की स्‍मृति में यह आयोजन वाराणसी के पास स्थित सारनाथ के डियर पार्क में मनाया जाता है. पूरी दुनिया के बौद्ध इसे धर्म चक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में भी मनाते हैं. इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे हैं.

LIVE UPDATES

पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा, 'मैं आज आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं. इसे गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. आज का दिन हमारे गुरुओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने हमें ज्ञान दिया. उस भावना में हम भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि देते हैं.'

उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध का आठ गुना मार्ग कई समाजों और राष्ट्रों के कल्याण की दिशा में रास्ता दिखाता है. यह करुणा और दया के महत्व पर प्रकाश डालता है. भगवान बुद्ध की शिक्षाएं विचार और क्रिया दोनों में सरलता मनाती हैं. मोदी ने कहा कि आज दुनिया असाधारण चुनौतियों से लड़ती है. इन चुनौतियों के लिए स्थायी समाधान भगवान बुद्ध के आदर्शों से आ सकते हैं. वे अतीत में प्रासंगिक थे. वे वर्तमान में प्रासंगिक हैं और वे भविष्य में प्रासंगिक बने रहेंगे.

पीएम ने कहा कि बौद्ध धर्म सम्मान सिखाता है. लोगों का सम्मान, गरीबों का सम्मान, महिलाओं का सम्मान, शांति का सम्मान और अहिंसा इसलिए, बौद्ध धर्म की शिक्षा एक स्थायी ग्रह के साधन हैं. मोदी ने कहा कि सारनाथ में अपने पहले ही उपदेश में और उसकी शिक्षाएं, उसके बाद भगवान बुद्ध ने दो चीजों पर बात की- आशा और उद्देश्य. उन्होंने उनके बीच एक मजबूत संबंध देखा. आशा से उद्देश्य की भावना आती है. 

मोदी ने कहा कि मैं 21वीं सदी को लेकर बहुत आशान्वित हूं. यह उम्मीद मेरे युवा दोस्तों से है. यदि आप इस बात का एक शानदार उदाहरण देखना चाहते हैं कि आशा, नवीनता और करुणा दुख को कैसे दूर कर सकती है, तो यह हमारा स्टार्ट-अप सेक्टर है जिसका नेतृत्व युवा. उन्होंने कहा कि उज्ज्वल युवा दिमाग वैश्विक समस्याओं का समाधान ढूंढ रहे हैं। भारत में सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम है। मैं अपने युवा मित्रों से आग्रह करूंगा, कि वे भगवान बुद्ध के विचारों से भी जुड़े रहें। वे प्रेरित करेंगे और आगे का रास्ता दिखाएंगे.

First Published : 04 Jul 2020, 09:55:17 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो