News Nation Logo

कट्टरता का सबसे बड़ा उदाहरण अफगानिस्तान, SCO बैठक में बोले PM मोदी

SCO की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी. भारत 2017 में इसका पूर्णकालिक सदस्य बना. दुशांबे में आज बैठक में ईरान, चीन, रूस, पाकिस्तान के विदेश मंत्री के भी एससीओ बैठक के लिए दुशांबे आने की संभावना है.

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 17 Sep 2021, 12:34:54 PM
PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शिखर बैठक को संबोधित किया. इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी शामिल हो रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर से सभी देशों के सामने पाकिस्तान को बेनकाब करेंगे और आतंकवाद के मु्द्दे पर इमरान खान को खरी-खरी सुनाई. शंघाई सहयोग संगठन अपनी स्थापना की 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। ऐसे में यह बैठक काफी महत्वपूर्ण हो जाती है. बता दें एससीओ की यह चौथी बैठक होगी, जिसमें भारत पूर्णकालिक सदस्य के रूप में प्रतिभाग करेगा. 15 जून 2001 में इस संगठन की स्थापना हुई थी और 2017 में भारत इसका पूर्णकालिक सदस्य बना था.  

पीएम मोदी ने कहा कि कनेक्टिविटी की कोई भी पहल वन-वे स्‍ट्रीट नहीं हो सकती. आपसी विश्‍वास सुनिश्चित करने के लिए कनेक्टिविटी प्रॉजेक्‍ट्स को परामर्शदायी, पारदर्शी और सहभागी होना चाहिए. इनमें सभी देशों की टेरीटोरियल इंटीग्रिटी का सम्मान निहित होना चाहिए. 

पीएम मोदी ने कहा कि भारत सेंट्रल एशिया के साथ अपनी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. हमारा मानना है कि लैंडलॉक्‍ड सेंट्रल एशियाई देशों को भारत के विशाल बाजार से जुड़ कर अपार लाभ हो सकता है. 

पीएम मोदी ने कहा कि चाहे वित्‍तीय समावेश बढ़ाने के लिए UPI और रूपे कार्ड जैसी तकनीकें हों, या COVID से लड़ाई में हमारे आरोग्य-सेतु और COWIN जैसे डिजिटल प्‍लेटफॉर्म्‍स, इन सभी को हमने स्वेच्छा से अन्य देशों के साथ भी साझा किया है. 

पीएम मोदी ने कहा कि मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और ट्रस्‍ट-डेफिसिट से संबंधित है और इन समस्याओं का मूल कारण बढ़ता हुआ रेडिकलाइजेशन है. अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ने जो कैलेंडर प्रस्तावित किए हैं, उसपर काम जरूरी है. कट्टरता से लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है. 

पीएम मोदी ने कहा कि SCO समिट को कट्टरता से निपटने के लिए कदम उठाने चाहिए, इस्लाम से जुड़ी जितनी भी संस्थाएं हैं उनसे संबंध बनाना चाहिए और आगे काम करना चाहिए. 

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती शांति-सुरक्षा से संबंधित है, अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम ने इस चुनौती को स्पष्ट कर दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताजिकिस्तान को उनकी आजादी के 30 साल होने पर बधाई दी. पीएम मोदी ने ईरान, सऊदी अरब, मिस्र और कतर का SCO ग्रुप में शामिल होने पर स्वागत किया. पीएम मोदी ने कहा कि नए सदस्यों से हमारा ग्रुप और भी मजबूत हो रहा है. 

PM मोदी SCO की शिखर बैठक को संबोधित कर रहे हैं

भारत के साथ अपने संबंधों को चीन किसी तीसरे देश की निगाह से नहीं देखे- जयशंकर

जयशंकर ने कहा कि ये भी आवश्यक है कि भारत के साथ अपने संबंधों को चीन किसी तीसरे देश की निगाह से नहीं देखे. उन्होंने कहा कि जहां तक एशियाई एकजुटता की बात है तो चीन और भारत को उदाहरण स्थापित करना होगा. बैठक के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने सहमति व्यक्त की कि दोनों पक्षों के सैन्य और राजनयिक अधिकारियों को फिर से मिलना चाहिए और शेष मुद्दों (पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ) को जल्द से जल्द हल करने के लिए अपनी चर्चा जारी रखनी चाहिए


विदेश मंत्री एस जयशंकर एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहले ही दुशांबे पहुंच चुके हैं. एससीओ की बैठक से पहले विदेश मंत्रियों ने मुलाकात की.

SCO की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी. भारत 2017 में इसका पूर्णकालिक सदस्य बना. दुशांबे में आज बैठक में ईरान, चीन, रूस, पाकिस्तान के विदेश मंत्री के भी एससीओ बैठक के लिए दुशांबे आने की संभावना है.

First Published : 17 Sep 2021, 10:03:14 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.