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UN में स्थायी सीट के लिए पीएम मोदी ने ठोका दावा, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत

पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र से आतंकवाद को पारिभाषित करने से अब तक नाकाम रहने पर संयुक्त राष्ट्र की आलोचना भी कर सकते हैं. इसके साथ ही आतंकवाद से निपटने में असफल होने को लेकर लताड़ भी लगा सकते हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Nitu Pandey | Updated on: 26 Sep 2020, 06:51:20 PM
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पीएम नरेंद्र मोदी (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में संयुक्त राष्ट्र संघ के अधिवेशन को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि हर बार की तरह पीएम मोदी इस बार भी इमरान खान और पाकिस्तान का नाम लेने से परहेज करेंगे और आतंकवाद पर उसे जबरदस्त तरीके से घेरेंगे.

पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र से आतंकवाद को पारिभाषित करने से अब तक नाकाम रहने पर संयुक्त राष्ट्र की आलोचना भी कर सकते हैं. इसके साथ ही आतंकवाद से निपटने में असफल होने को लेकर लताड़ भी लगा सकते हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं. आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा. योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव के हर नागरिक तक पहुंचे. 



पीएम मोदी ने कहा कि महिला उद्ममिता और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए भारत बड़े पैमाने पर काम कर रहा है. भारतीय महिलाएं, आज, दुनिया की सबसे बड़ी माइक्रो की सबसे बड़ी लाभार्थी हैं वित्तपोषण योजना. भारत उन देशों में से एक है जहां महिलाओं को 26 सप्ताह का भुगतान किया जाता है जब वो प्रेगेन्ट होती हैं.



पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अपने गांवों के 150 मिलियन घरों में पाइप से पीने का पानी पहुंचाने का अभियान चला रहा है. कुछ दिन पहले भारत ने अपने 6 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड ऑप्टिकल फाइबर से कनेक्ट करने की बहुत बड़ी योजना की शुरुआत की है.

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि 4-5 साल में 400 मिलियन से ज्यादा लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना आसान नहीं था. लेकिन भारत ने यह करके दिखा दिया.  4-5 साल में 600 मिलियन लोगों को ओपन डिफेक्शन से मुक्त करना आसान नहीं था, लेकिन हमने यह भी करके दिखाया है.

पीएम मोदी ने कहा कि विश्व के सब से बड़े लोकतंत्र होने की प्रतिष्ठा और इसके अनुभव को हम विश्व हित के लिए उपयोग करेंगे. हमारा मार्ग जनकल्याण है. हमारी आवाज हमेशा शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए उठेगी.भारत की आवाज़ मानवता, मानव जाति और मानवीय मूल्यों के दुश्मन- आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स, मनी लॉन्डरिंग के खिलाफ उठेगी.

पीएम मोदी ने आगे कहा किविश्व के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के तौर पर आज मैं वैश्विक समुदाय को एक और आश्वासन देना चाहता हूं. भारत की वैक्सीन प्रोडक्शन और वैक्सीन डिलिवरी क्षमता पूरी मानवता को इस संकट से बाहर निकालने के लिए काम आएगी. हम पीछे नहीं हटेंगे. 



पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत जब किसी से दोस्ती का हाथ बढ़ाता है तो  वो किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं होता.  भारत जब विकास की साझेदारी मजबूत करता है, तो उसके पीछे किसी साथी देश को मजबूर करने की सोच नहीं होती. हम अपनी विकास यात्रा से मिले अनुभव साझा करने में कभी पीछे नहीं रहते.महामारी के इस मुश्किल समय में भी भारत की फार्मा इंडस्ट्री ने 150 से अधिक देशों को जरूरी दवाइयां भेजीं हैं.

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि हम पूरे विश्व को एक परिवार मानते हैं. यह हमारी संस्कृति, संस्कार और सोच का हिस्सा है. संयुक्त राष्ट्र में भी भारत ने हमेशा विश्व कल्याण को ही प्राथमिकता दी है.



पीएम मोदी ने कहा कि एक ऐसा देश, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, एक ऐसा देश, जहां विश्व की 18 प्रतिशत से ज्यादा जनसंख्या रहती है, एक ऐसा देश, जहां सैकड़ों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं, अनेकों पंथ हैं, अनेकों विचारधाराएं हैं.जिस देश ने वर्षों तक वैश्विक अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने और वर्षों की गुलामी, दोनों को जिया है,जिस देश में हो रहे परिवर्तनों का प्रभाव दुनिया के बहुत बड़े हिस्से पर पड़ता है, उस देश को आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा.

पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लोग संयुक्त राष्ट्र के रिफॉर्म्स को लेकर जो प्रोसेस चल रहा है, उसके पूरा होने का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. भारत के लोग चिंतित हैं कि क्या ये प्रोसेस कभी लॉजिकल ऐंड तक पहुंच पाएगा. आखिर कब तक भारत को संयुक्त राष्ट्र के डिसिजन मेकिंग स्ट्रक्चर से अलग रखा जाएगा.

पीएम मोदी ने कहा कि तीसरा विश्व युद्ध नहीं हुआ है, लेकिन इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि अनेकों युद्ध हुए, अनेकों गृहयुद्ध भी हुए. कितने ही आतंकी हमलों ने खून की नदियां बहती रहीं. इन युद्धों में, इन हमलों में, जो मारे गए, वो हमारी-आपकी तरह इंसान ही थे.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि  पिछले 8-9 महीने से पूरा विश्व कोरोना वैश्विक महामारी से संघर्ष कर रहा है. इस वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र कहां है? एक प्रभावशाली रिस्पॉन्स कहां है? आज विश्व अलग दौर से गुजर रहा है. पूरा विश्व कोरोना महामारी से निपट रहा है. आज गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है.

पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरे विश्व समुदाय के सामने एक बहुत बड़ा सवाल है कि जिस संस्था का गठन तब की परिस्थितियों में हुआ था, उसका स्वरूप क्या आज भी प्रासंगिक है?

पीएम नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा को 75वीं वर्षगांठ पर दुनिया को दी बधाई.

पीएम नरेंद्र मोदी संयुक्त राष्ट्र संघ को कर रहे हैं संबोधित.



First Published : 26 Sep 2020, 06:05:15 PM

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