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संयुक्त राष्ट्र के 75वीं वर्षगांठ पर PM मोदी बोले- आज की चुनौतियों से नहीं लड़ सकते, UN में सुधार की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के 75 साल पूरे होने पर उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि 75 साल पहले, युद्ध की भयावहता से एक नई आशा पैदा हुई.

News Nation Bureau | Edited By : Sushil Kumar | Updated on: 22 Sep 2020, 05:53:37 AM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo Credit: ट्विटर ANI)

नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के 75 साल पूरे होने पर उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि 75 साल पहले, युद्ध की भयावहता से एक नई आशा पैदा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के 75 साल पूरे होने पर उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि 75 साल पहले, युद्ध की भयावहता से एक नई आशा पैदा हुई. मानव इतिहास में पहली बार पूरी दुनिया के लिए एक संस्था बनाई गई थी. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के संस्थापक सदस्य होने के नाते भारत उस महान दृष्टिकोण का हिस्सा था. इसने भारत के अपने दर्शन वसुधैव कुटुम्बकम को प्रतिबिंबित किया. जो एक परिवार के रूप में सभी क्रिएशन को देखता है.

अभी और काम करने की आवश्यकता है

संयुक्त राष्ट्र की वजह से आज हमारी दुनिया बेहतर जगह है. हम उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में संयुक्त राष्ट्र के झंडे के नीचे शांति और विकास का कारण विकसित किया है, जिसमें भारत का अग्रणी योगदान रहा था. पीएम मोदी ने घोषणा करते हुए कहा कि हमलोग जो स्वीकार कर रहे हैं वह संघर्ष को रोकने, विकास को सुनिश्चित करने, जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने, असमानता को कम करने और डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के लिए अभी भी काम करने की आवश्यकता है.

 मानव कल्याण पर ध्यान केंद्रित करता है

उन्होंने अपने घोषणा में कहा कि खुद संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता भी है. हम पुरानी संरचनाओं के साथ आज की चुनौतियों से नहीं लड़ सकते. व्यापक सुधारों के बिना, संयुक्त राष्ट्र विश्वास के संकट का सामना करता है. उन्होंने कहा कि आज की अंतर्संबंधित दुनिया के लिए, हमें एक सुधार की आवश्यकता है. बहुपक्षवाद जो आज की वास्तविकताओं को दर्शाता है. सभी हितधारकों को आवाज देता है. समकालीन चुनौतियों को संबोधित करता है और मानव कल्याण पर ध्यान केंद्रित करता है.

भारत उस महान दृष्टि का हिस्सा था

पीएम मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत उस महान दृष्टि का हिस्सा था. इसने भारत के 'वसुधैव कुटुम्बकम' के अपने दर्शन को प्रतिबिंबित किया. जो एक परिवार के रूप में सभी सृजन को देखता है. उन्होंने कहा कि बहुत कुछ हासिल हो चुका है. मूल मिशन अधूरा है. आज हम जो घोषणा कर रहे हैं, वह स्वीकार करती है कि संघर्ष को रोकने, विकास सुनिश्चित करने, जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने, असमानता को कम करने के लिए अभी भी काम करने की आवश्यकता है.

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First Published : 22 Sep 2020, 05:53:37 AM

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