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'मन की बात' में बोले PM मोदी- छठ मइया सबके कल्याण का आशीर्वाद दें

News Nation Bureau | Edited By : Mohit Sharma | Updated on: 30 Oct 2022, 12:27:36 PM
मन की बात

Mann Ki Baat (Photo Credit: ANI)

New Delhi:  

Mann Ki Baat: मन की बात में PM नरेंद्र मोदी ( PM Modi on 'Mann Ki Baat' radio show ) ने कहा कि आज देश के कई हिस्सों में सूर्य उपासना का महापर्व छठ मनाया जा रहा है। छठ पर्व का हिस्सा बनने के लिए लाखों श्रद्धालु अपने गांव, अपने घर, अपने परिवार के बीच पहुंचे हैं। मेरी प्रार्थना है कि छठ मइया सबकी समृद्धि, सबके कल्याण का आशीर्वाद दें. छठ का पर्व एक भारत-श्रेष्ठ भारत का भी उदाहरण है। आज बिहार और पूर्वांचल के लोग देश के जिस भी कोने में हैं, वहां धूमधाम से छठ का आयोजन हो रहा है.

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सूर्य देव का ये वरदान है - 'सौर ऊर्जा'। सोलर एनर्जी आज एक ऐसा विषय है जिसमें पूरी दुनिया अपना भविष्य देख रही है और भारत के लिए तो सूर्य देव सदियों से उपासना ही नहीं जीवन पद्धति के भी केंद्र में रह रहे हैं. पहले गुजरात में उतनी छठ पूजा नहीं होती थी लेकिन समय के साथ आज करीब-करीब पूरे गुजरात में छठ पूजा के रंग नजर आने लगे हैं। ये देखकर मुझे भी बहुत खुशी होती है। आजकल हम देखते हैं कि विदेशों से भी छठ पूजा की कितनी भव्य तस्वीरें आती हैं. छठ का पर्व एक भारत-श्रेष्ठ भारत का भी उदाहरण है। आज बिहार और पूर्वांचल के लोग देश के जिस भी कोने में हैं, वहां धूमधाम से छठ का आयोजन हो रहा है.

हमें हमारे गुरुओं के विचारों से लगातार सीखना है, उनके लिए समर्पित रहना है। इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा का भी है, इस दिन हम तीर्थों में, नदियों में, स्नान करते हैं, सेवा और दान करते हैं। मैं आप सभी को इन पर्वों की हार्दिक बधाई देता हूं।

देश ने गुरुओं के प्रकाश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेकों प्रयास किए हैं। हमें गुरु नानकदेव जी का 550वां प्रकाश पर्व, देश और विदेश में व्यापक स्तर पर मनाने का सौभाग्य मिला था। दशकों के इंतजार के बाद करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण होना भी उतना ही सुखद है।

आने वाले 8 नवम्बर को गुरुपुरब है। गुरु नानक जी का प्रकाश पर्व जितना हमारी आस्था के लिए महत्वपूर्ण है, उतना ही हमें इससे सीखने को भी मिलता है। गुरु नानकदेव जी ने अपने पूरे जीवन, मानवता के लिए प्रकाश फैलाया।

उन्होंने हमेशा इस बात पर जोर दिया था कि हमें हमारी आदिवासी संस्कृति को भूलना नहीं है, उससे रत्ती-भर भी दूर नहीं जाना है। आज भी हम देश के आदिवासी समाजों से प्रकृति और पर्यावरण को लेकर बहुत कुछ सीख सकते हैं।

जब धरती आबा बिरसा मुंडा की बात आती है, छोटे से उनके जीवन काल की तरफ नजर करते हैं, आज भी हम उसमें से बहुत कुछ सीख सकते हैं। धरती आबा ने कहा था- यह धरती हमारी है, हम इसके रक्षक हैं।

भगवान बिरसा मुंडा ने अपने छोटे से जीवन काल में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लाखों लोगों को एकजुट कर दिया था। उन्होंने भारत की आजादी और आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया था।

नवम्बर महीने में 15 तारीख को हमारा देश जन-जातीय गौरव दिवस मनाएगा। आपको याद होगा, देश ने पिछले साल भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयन्ती के दिन आदिवासी विरासत और गौरव को Celebrate करने के लिए ये शुरुआत की थी।

Gold Medal जीतने में सबसे आगे जो तीन टीमें रहीं, वे हैं- सर्विसेस की टीम, महाराष्ट्र और हरियाणा की टीम। इन खेलों में छह National Records और करीब-करीब 60 National Games Records भी बने।

'जुड़ेगा इंडिया तो जीतेगा इंडिया' इस Theme के साथ राष्ट्रीय खेलों ने जहां एकता का मजबूत सन्देश दिया, वहीं भारत की खेल संस्कृति को भी बढ़ावा देने का काम किया है। आपको यह जानकर खुशी होगी कि भारत में राष्ट्रीय खेलों का अब तक का सबसे बड़ा आयोजन था।

कल, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस है, सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जन्म-जयन्ती का पुण्य अवसर है। इस दिन देश के कोने-कोने में #RunForUnity का आयोजन किया जाता है। ये दौड़, देश में एकता के सूत्र को मजबूत करती है, हमारे युवाओं को प्रेरित करती है।

पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, हमारे समाज के कण-कण में समाहित है और इसे हम अपने चारों ओर महसूस कर सकते हैं। देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो पर्यावरण की रक्षा के लिए अपना जीवन खपा देते हैं।

मैंने लाल किले से 'जय अनुसंधान' का आह्वान किया था। मैनें इस दशक को भारत का Techade बनाने की बात भी कही थी। मुझे ये देखकर बहुत अच्छा लगा, इसकी कमान हमारी IITs के students ने भी संभाल ली है।

हमारे आज के युवा, जिस तरह देश के लिए काम कर रहे हैं, Nation building में जुट गए हैं, वो देखकर मैं बहुत भरोसे से भरा हुआ हूं। जिस तरह हमारे युवा हैकाथॉन में problem solve करते हैं, रात-रात भर जागकर घंटों काम करते हैं, वो बहुत ही प्रेरणा देने वाला है।

आज जो युवा हैं, वही तो भारत को 2047 तक लेकर जाएंगे। जब भारत शताब्दी मनायेगा, युवाओं की ये शक्ति, उनकी मेहनत, उनका पसीना, उनकी प्रतिभा, भारत को उस ऊंचाई पर लेकर जाएगी, जिसका संकल्प देश आज ले रहा है।

कई बार हम देखते हैं कि जब Student Power की बात होती है, तो इसको छात्रसंघ चुनावों से जोड़कर उसका दायरा सीमित कर दिया जाता है। लेकिन Student power का दायरा बहुत बड़ा है, बहुत विशाल है Student power भारत को Powerful बनाने का आधार है।

IN-SPACe के जरिए गैर–सरकारी कंपनियों को भी अपने Payloads और Satellite launch करने की सुविधा मिल रही है। मैं अधिक से अधिक Start-ups और Innovator से आग्रह करूंगा कि वे space sector में भारत में बन रहे इन बड़े अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।

IN-SPACe के जरिए गैर–सरकारी कंपनियों को भी अपने Payloads और Satellite launch करने की सुविधा मिल रही है। मैं अधिक से अधिक Start-ups और Innovator से आग्रह करूंगा कि वे space sector में भारत में बन रहे इन बड़े अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।

भारतीय Industry और Start-ups इस क्षेत्र में नए-नए Innovations और नई-नई Technologies लाने में जुटे हैं। विशेषकर, IN-SPACe के सहयोग से इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

भारत में पहले space sector, सरकारी व्यवस्थाओं के दायरे में ही सिमटा हुआ था। जब ये space sector भारत के युवाओं के लिए, भारत के private sector के लिए, खोल दिया गया तब से इसमें क्रांतिकारी परिवर्तन आने लगे हैं।

इस launching के साथ भारत Global commercial market में एक मजबूत player बनकर उभरा है, इससे, अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के लिए अवसरों के नए द्वार भी खुले हैं।

मुझे वो पुराना समय भी याद आ रहा है, जब भारत को Cryogenic Rocket Technology देने से मना कर दिया गया था। लेकिन भारत के वैज्ञानिकों ने ना सिर्फ स्वदेशी technology विकसित की बल्कि आज इसकी मदद से एक साथ दर्जनों satellites अंतरिक्ष में भेज रहा है।

भारत ने एक साथ 36 Satellites को अंतरिक्ष में स्थापित किया है। दीपावली से ठीक एक दिन पहले मिली ये सफलता एक प्रकार से ये हमारे युवाओं की तरफ से देश को एक स्पेशल दिवाली गिफ्ट है।

हमारा देश, Solar Sector के साथ ही space sector में भी कमाल कर रहा है। पूरी दुनिया, आज भारत की उपलब्धियां देखकर हैरान है।

आपने कुछ दिन पहले, देश के पहले सूर्य ग्राम- गुजरात के मोढेरा की खूब चर्चा सुनी होगी। मोढेरा सूर्य ग्राम के ज्यादातर घर, सोलर पावर से बिजली पैदा करने लगे हैं। अब वहां के कई घरों में महीने के आखिर में बिजली का बिल नहीं आ रहा, बल्कि, बिजली से कमाई का cheque आ रहा है।

भारत, आज अपने पारंपरिक अनुभवों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ रहा है, तभी, आज हम, सौर ऊर्जा से बिजली बनाने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल हो गए हैं। सौर ऊर्जा से कैसे हमारे देश के गरीब और मध्यम वर्ग के जीवन में बदलाव आ रहा है, वो भी अध्ययन का विषय है।

पहले गुजरात में उतनी छठ पूजा नहीं होती थी, लेकिन समय के साथ आज करीब-करीब पूरे गुजरात में छठ पूजा के रंग नजर आने लगे हैं। ये देखकर मुझे भी बहुत खुशी होती है। आजकल हम देखते हैं, विदेशों से भी छठ पूजा की कितनी भव्य तस्वीरें आती हैं।

सूर्य देव का ये वरदान है - 'सौर ऊर्जा'। सोलर एनर्जी आज एक ऐसा विषय है जिसमें पूरी दुनिया अपना भविष्य देख रही है और भारत के लिए तो सूर्य देव सदियों से उपासना ही नहीं जीवन पद्धति के भी केंद्र में रह रहे हैं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


पहले गुजरात में उतनी छठ पूजा नहीं होती थी लेकिन समय के साथ आज करीब-करीब पूरे गुजरात में छठ पूजा के रंग नजर आने लगे हैं। ये देखकर मुझे भी बहुत खुशी होती है। आजकल हम देखते हैं कि विदेशों से भी छठ पूजा की कितनी भव्य तस्वीरें आती हैं: मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी


First Published : 30 Oct 2022, 11:15:02 AM

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