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मंत्री शिवनकुट्टी को बचा रहे हैं पिनाराई विजयन: बीजेपी

मंत्री शिवनकुट्टी को बचा रहे हैं पिनाराई विजयन: बीजेपी

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 03 Aug 2021, 02:20:01 PM
Pinarayi Vijayan

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

तिरुवनंतपुरम:   केरल भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने मंगलवार को कहा कि, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन अपने कैबिनेट सहयोगी और राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी को शीर्ष अदालत के फैसले के मद्देनजर इस्तीफा देने से बचा रहे हैं। उन्हें विधानसभा में तोड़फोड़ मामले में शामिल अन्य लोगों के साथ मुकदमे का सामना करना पड़ रहा है।

शिवनकुट्टी के साथ एक अन्य वर्तमान विधायक -- के.टी. जलील, एक पूर्व मंत्री और चार अन्य पूर्व विधायकों को भी मुकदमे का सामना करना पड़ेगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले बुधवार को केरल सरकार की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सीपीआई-एम नेताओं के खिलाफ 2015 में राज्य विधानसभा में बर्बरता के मामले वापस लेने की मांग की गई थी।

जहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष शिवनकुट्टी को बाहर करने की मांग को लेकर विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों तरफ से हथियार उठा रहा है, भाजपा ने मंगलवार को उसी मांग के साथ राज्य की राजधानी में सड़कों पर उतरे।

सुरेंद्रन ने कहा, शीर्ष अदालत एसएनसी लवलिन मामले में अपना फैसला देने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें विजयन को भी मुकदमे का सामना करने के लिए कहा जाने की संभावना का सामना करना पड़ रहा है। वह पूरी तरह से शिवनकुट्टी का बचाव कर रहे हैं और उसे अपना पक्ष रखने के लिए नहीं कह रहे हैं। अगर विजयन शिवनकुट्टी को इस्तीफा देने के लिए कहते हैं, तो यह विजयन पर भी लागू होगा, अगर कोई प्रतिकूल अदालती टिप्पणी है।

एसएनसी लवलिन मामला केरल के इडुक्की जिले में पल्लीवासई, सेंगुलम और पन्नियार जलविद्युत परियोजनाओं के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिए 1997 में कनाडाई फर्म एसएनसी लवलिन के साथ एक समझौते से संबंधित है, जिससे कथित तौर पर सरकारी खजाने को 266 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

विजयन तब केरल में बिजली मंत्री थे।

पहले यहां की सीबीआई अदालत और फिर केरल उच्च न्यायालय ने एसएनसी लवलिन मामले में विजयन को सभी आपराधिक और भ्रष्टाचार के आरोपों से बरी कर दिया, लेकिन फिर सीबीआई ने शीर्ष अदालत में अपनी अपील दायर की और 2017 से शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई की और ज्यादा के लिए शीर्ष अदालत दो दर्जन बार अपना फैसला टाल चुकी है।

इस बीच शीर्ष अदालत ने अब मामले को फिर से 10 अगस्त के लिए स्थगित कर दिया है और अगर किसी भी तरह से शीर्ष अदालत विजयन को मुकदमे का सामना करने के लिए कहती है, तो निस्संदेह कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा सभी विजयन के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आएंगे।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 03 Aug 2021, 02:20:01 PM

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