News Nation Logo
Banner

सरकार द्वारा संचालित बोडिर्ंग स्कूलों में मूल अमेरिकी बच्चों के साथ हुई भयानक चीजें

सरकार द्वारा संचालित बोडिर्ंग स्कूलों में मूल अमेरिकी बच्चों के साथ हुई भयानक चीजें

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 20 Jul 2021, 01:15:01 PM
Photo taken

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

वाशिंगटन: अमेरिकी सरकार द्वारा संचालित बोडिर्ंग स्कूलों में अमेरिकी मूल-निवासियों के बच्चों के साथ भयानक चीजें हुईं। इसकी जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से मिली है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने सोमवार को प्रकाशित हुई द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि अमेरिकी सरकार द्वारा उनके लिए बोडिर्ंग स्कूल चलाए जाने के डेढ़ दशक में सैकड़ों हजारों मूल अमेरिकी बच्चों को संस्थानों के नेटवर्क में रखा गया और शिक्षित किया गया।

फोर्ट लुईस कॉलेज के अध्यक्ष टॉम स्ट्रिटिकस ने रिपोर्ट में कहा, बोडिर्ंग स्कूलों में भयानक चीजें हुईं।

उन्होंने कहा यह महत्वपूर्ण है कि हम इसे सबके सामने रखें।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पूर्व छात्रों की कई मौतों को संघीय अभिलेखागार और समाचार पत्रों में मौत के नोटिस में दर्ज किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अन्य छात्रों के शवों की तलाश कोलोराडो राज्य के दो पूर्व स्कूलों में पहले से ही चल रही है।

संघीय सरकार ने 22 जून को सांस्कृतिक आत्मसात कार्यक्रम के तहत 19वीं और 20वीं शताब्दी के दौरान संचालित मूल अमेरिकी बोडिर्ंग स्कूलों की जांच की घोषणा की।

अमेरिका में जांच किए जाने वाले 350 से ज्यादा भारतीय बोडिर्ंग स्कूलों में से दस कैलिफोर्निया में स्थित थे, जिनमें रिवरसाइड काउंटी में शेरमेन इंडियन हाई स्कूल और सैन बर्नार्डिनो काउंटी के बैनिंग में सेंट बोनिफेस इंडियन इंडस्ट्रियल स्कूल शामिल हैं।

शर्मन देश के केवल चार शेष भारतीय बोडिर्ंग स्कूलों में से एक है जो अभी भी संघीय सरकार द्वारा संचालित है।

अन्य तीन ओरेगन, ओक्लाहोमा और साउथ डकोटा में हैं।

पूरे कनाडा में भारतीय आवासीय स्कूलों में 1,000 से ज्यादा मानव अवशेषों की खोज के बाद राष्ट्रव्यापी जांच हुई, जिसने देश के खूनी औपनिवेशिक अतीत और स्वदेशी लोगों के साथ चल रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ रोष पैदा किया।

कनाडा भर में अनुमानित 150,000 स्वदेशी बच्चों को कथित तौर पर उनके घरों से निकाल दिया गया था और 1890 में और हाल ही में 1996 के बीच आवासीय स्कूलों में भाग लेने के लिए मजबूर किया गया था, जिसके दौरान 50,000 से अधिक बच्चों की दुर्व्यवहार से मौत हो गई थी।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 20 Jul 2021, 01:15:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.