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पांचजन्य लेख को आरएसएस से नहीं जोड़ा जाना चाहिए: सुनील अंबेकर

पांचजन्य लेख को आरएसएस से नहीं जोड़ा जाना चाहिए: सुनील अंबेकर

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 05 Sep 2021, 05:40:01 PM
Panchjanya article

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: देश के आर्थिक हितों को ठेस पहुंचाने के लिए सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस पर हमला करने वाले पांचजन्य के लेख के प्रकाशित होने के बाद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रविवार को इसमें की गई टिप्पणी से खुद को दूर कर लिया है।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेकर ने कहा कि पांचजन्य द्वारा प्रकाशित लेख लेखक की व्यक्तिगत राय को दर्शाता है।

सुनील अंबेकर ने कहा, एक भारतीय कंपनी के रूप में, इंफोसिस ने देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इंफोसिस द्वारा संचालित पोर्टल के साथ कुछ समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन इस संदर्भ में पांचजन्य द्वारा प्रकाशित लेख केवल लेखक की व्यक्तिगत राय को दर्शाता है।

अंबेकर ने कहा, पांचजन्य आरएसएस का मुखपत्र नहीं है और इसमें व्यक्त उक्त लेख या राय को आरएसएस से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

पांचजन्य ने साख और आगत शीर्षक वाली अपनी कवर स्टोरी में इंफोसिस पर टुकड़े-टुकड़े गैंग, नक्सलियों और अन्य राष्ट्र-विरोधी ताकतों की मदद करने का आरोप लगाया।

इंफोसिस द्वारा विकसित आईटी पोर्टलों में नियमित रूप से गड़बड़ियों की घटनाओं की ओर इशारा करते हुए, जिसके परिणामस्वरूप करदाताओं और निवेशकों को परेशानी होती है, पांचजन्य लेख में कहा गया है कि इस तरह की घटनाओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था में करदाताओं के विश्वास को कम कर दिया है।

इन्फोसिस नाम बड़े और दर्शन छोटे (ग्रेट क्राई एंड लिटिल वूल) नामक लेख, पांचजन्य लेख में दावा किया गया है कि यह पहली बार नहीं है जब इंफोसिस ने किसी सरकारी परियोजना के लिए ऐसा किया है।

लेख में कहा गया है, पहली बार हुई गलती को संयोग कहा जा सकता है लेकिन अगर वही गलती बार-बार होती है तो यह संदेह पैदा करता है। आरोप हैं कि इन्फोसिस प्रबंधन जानबूझकर भारत की अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।

लेख में यह भी दावा किया गया है कि इन्फोसिस पर नक्सलियों, वामपंथियों और टुकड़े-टुकड़े गिरोहों की मदद करने का आरोप लगाया गया है।

लेख में कहा गया है, इन्फोसिस पर नक्सलियों, वामपंथियों और टुकड़े-टुकड़े गैंग को सहायता प्रदान करने का आरोप है। इंफोसिस का देश में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विभाजनकारी ताकतों का समर्थन करने का मुद्दा पहले ही सामने आ चुका है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 05 Sep 2021, 05:40:01 PM

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