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कतर प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठकों से बरादार नदारद, हक्कानी पूरी ताकत से रहा मौजूद

कतर प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठकों से बरादार नदारद, हक्कानी पूरी ताकत से रहा मौजूद

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 13 Sep 2021, 11:40:02 PM
Pak ISI

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: अफगानिस्तान सरकार के उपनेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के भाग्य के बारे में अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि तालिबान नेताओं ने रविवार को काबुल में कतर के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक की, जिससे बरादर गैरहाजिर रहा।

डेली मेल के मुताबिक, सोमवार को तालिबान को इस बात से इनकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा कि मुल्ला बरादर मर गया है। अफवाहें आईं कि वह अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ एक मुठभेड़ में मारा गया।

तालिबान ने जोर देकर कहा कि बरादर कंधार प्रांत में है, देश के भविष्य पर चर्चा करने के लिए समूह के सर्वोच्च नेता मावलवी हिबतुल्ला अखुंदजादा के साथ बैठक कर रहा है। अब अमेरिकी सैनिकों ने मोर्चा वापस ले लिया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर चली अफवाहों में कहा गया कि बरादर काबुल के राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार को एक मुठभेड़ में मारा गया। मुठभेड़ शक्तिशाली और क्रूर हक्कानी परिवार के साथ एक बैठक के दौरान छिड़ गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि हक्कानी परिवार के तीन सदस्य कतर के प्रतिनिधियों के साथ नई अफगान सरकार के अन्य सदस्यों के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोहम्मद हसन अखुंड के नेतृत्व में शिखर सम्मेलन में थे।

बरादर तालिबान के संस्थापक सदस्यों में से एक है और उसने इसके पहले सर्वोच्च नेता मुल्ला उमर के डिप्टी के रूप में कार्य किया था, जिसकी 2013 में तपेदिक से मौत हो गई थी। बरादर के आईएसआईएस-के से भी संबंध हैं।

उमर की मौत के बाद बरादर ने तालिबान के राजनीतिक विंग के नेता के रूप में पदभार संभाला और वह संगठन के सबसे वरिष्ठ व्यक्तियों में से एक है।

कबीले के दो सदस्य - सिराजुद्दीन और खलील अब नई सरकार में वरिष्ठ पदों पर आसीन हैं, वे क्रमश: आंतरिक मंत्री और शरणार्थी मंत्री की भूमिकाएं निभा रहे हैं।

अन्ना हक्कानी एक उच्चस्तरीय वातार्कार के रूप में भी भूमिका निभाता है। वह कतरी राजनयिकों के साथ बैठक के दौरान मौजूद था।

बरादर की सुरक्षा के बारे में अफवाहें पिछले हफ्ते फैलनी शुरू हुईं, जब तालिबान ने अपनी नई सरकार की घोषणा की और उन्हें उप प्रधानमंत्री के रूप में नामित किया, इस व्यापक विश्वास के बावजूद कि वह शीर्ष पद लेंगे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अटकलें लगाई गईं कि तालिबान के संस्थापक सदस्यों और हक्कानी नेटवर्क के बीच लड़ाई के कारण बरादर को पदावनत कर दिया गया। हक्कानी नेटवर्क तालिबान का एक शक्तिशाली गुट है, जिसके परिवार के सदस्यों ने नए प्रशासन में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 13 Sep 2021, 11:40:02 PM

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